महामंडलेश्वर उत्तम स्वामी के यौन शोषण आरोपों में घिरने के बाद उज्जैन के रसूखदारों में हड़कंप
महामंडलेश्वर उत्तम स्वामी का उज्जैन से गहरा नाता: रिसॉर्ट मालिक से लेकर नेताओं तक 'भक्त'

उज्जैन। अपनी ओजस्वी वाणी और तंत्र साधना के लिए पहचाने जाने वाले हाईप्रोफाइल कथावाचक और महामंडलेश्वर उत्तम स्वामी (ईश्वरानन्द महाराज) पर दुष्कर्म के गंभीर आरोपों ने उज्जैन के धार्मिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। राजस्थान की एक युवती ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को ई-मेल भेजकर स्वामी पर सालों तक यौन शोषण करने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। इस खबर के बाद उज्जैन के उन रसूखदारों में हड़कंप है, जो स्वामी के बेहद करीबी माने जाते हैं।
ई-मेल में दर्दनाक दास्तां: “नाबालिग थी, तब से कर रहे शोषण”
दिल्ली पुलिस कमिश्नर को भेजे गए पत्र में पीड़िता ने आरोप लगाया है कि उत्तम स्वामी धर्म की आड़ में लंबे समय से उसका शारीरिक शोषण कर रहे हैं।
-
गंभीर आरोप: पीड़िता के अनुसार, यह सिलसिला तब से शुरू हुआ जब वह नाबालिग थी। आरोपी ने आस्था के नाम पर बहला-फुसलाकर कई अलग-अलग स्थानों पर उसके साथ बलात्कार किया।
-
धमकी और खौफ: युवती का कहना है कि विरोध करने पर उसे डराया-धमकाया गया। स्वामी के रसूख और ऊंचे संपर्कों के कारण वह अब तक शिकायत करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही थी। पीड़िता ने अब सुरक्षा की मांग करते हुए दावा किया है कि उसके पास इन आरोपों को सिद्ध करने के लिए पर्याप्त सबूत मौजूद हैं।
रिसॉर्ट मालिक से लेकर नेताओं तक ‘भक्त’
उत्तम स्वामी का उज्जैन आना-जाना काफी पुराना है। शहर के कई प्रभावशाली लोग उनके अनन्य भक्त हैं:
-
रसूखदार कनेक्शन: इंदौर रोड स्थित एक बड़े होटल व रिसॉर्ट के मालिक और भाजपा के एक पूर्व संभागीय संगठन मंत्री से उनकी काफी नजदीकी रही है।
-
हालिया दौरा: बीते 12 जुलाई 2025 को वे माधव सेवा न्यास के भूमिपूजन कार्यक्रम में भी बतौर धर्मगुरु शामिल हुए थे।
-
मुख्यमंत्री से संवाद: स्वामी का प्रभाव इतना रहा है कि एक बार मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में न पहुँचने पर उन्होंने सार्वजनिक मंच से नाराजगी जताई थी, जिसे स्वयं सीएम डॉ. मोहन यादव ने “हम तो आपके बच्चे हैं” कहकर शांत कराया था।
सियासत गरमाई: कांग्रेस ने की जांच की मांग
मामला सामने आते ही मध्यप्रदेश की राजनीति में भूचाल आ गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के मीडिया सलाहकार केके मिश्रा ने सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से इस प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच और तत्काल कार्रवाई की मांग की है। कांग्रेस का कहना है कि धर्म की आड़ में इस तरह के कृत्य बर्दाश्त नहीं किए जाने चाहिए।
कौन हैं उत्तम स्वामी?
महाराष्ट्र के अमरावती जिले के लोहगांव में जन्मे ईश्वरानन्द महाराज को ‘ध्यान योगी उत्तम स्वामी’ के नाम से जाना जाता है।
-
सफ़र: करीब 30 साल पहले वे जैन पंथ से सनातन धर्म की ओर मुड़े थे।
-
राजनीतिक पहुंच: राजस्थान के बांसवाड़ा में उनका मुख्य आश्रम है। आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र होने के कारण वे राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के भी काफी करीब रहे हैं।
-
बदलता रसूख: कभी कांग्रेस नेताओं के करीबी रहे स्वामी वक्त के साथ भाजपा और आरएसएस के बड़े नेताओं के बीच अपनी पैठ बनाने में सफल रहे।
पीड़िता के अंग्रेजी में भेजे गए ईमेल का हिन्दी में अनुवाद… मैं (पीड़िता) अपने लिए तत्काल पुलिस सुरक्षा का औपचारिक अनुरोध करने के लिए यह पत्र लिख रही हूं। मुझे उत्तम स्वामी (आरोपी) द्वारा गंभीर यौन अपराध (बलात्कार) का शिकार बनाया गया है। मैं भारतीय न्याय संहिता (BNS)/भारतीय दंड संहिता (IPC) की संबंधित धाराओं के अंतर्गत औपचारिक शिकायत दर्ज कराने वाली हूं।
आरोपी स्वयंभू आध्यात्मिक व्यक्ति है, जिसका काफी प्रभाव और बड़ा अनुयायी वर्ग है। उसे हाल ही में मेरे द्वारा कानूनी कार्रवाई करने के इरादे की जानकारी मिल गई है। तब से मुझे एफआईआर दर्ज होने से रोकने और चुप कराने के लिए प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष धमकियां दी जा रही हैं।
आरोपी के “गॉडमैन” जैसे प्रभाव के कारण गवाहों को प्रभावित करने, शारीरिक डराने-धमकाने और सबूत नष्ट करने का गंभीर खतरा है। आरोपी के पास मेरे आवागमन पर नजर रखने के संसाधन हैं, जिससे मैं अत्यंत असुरक्षित महसूस कर रही हूं। साथ ही, मीडिया में खबरें आने और आरोपी को मेरी पहचान पता चलने के कारण मेरी सुरक्षा खतरे में है।
आरोपी ने धर्म और आस्था के नाम पर मुझे बहला-फुसलाकर कई स्थानों पर मेरे साथ बलात्कार किया है। बलात्कार के अतिरिक्त उस पर धोखाधड़ी, छल और आपराधिक विश्वासघात के भी आरोप हैं।
मैं निवेदन करती हूं कि मेरे वर्तमान निवास पर 24×7 पुलिस सुरक्षा प्रदान की जाए। कृपया मेरी पहचान और वर्तमान स्थान को गोपनीय रखा जाए। हमें आपके कार्यालय की प्रतिबद्धता पर विश्वास है और आशा है कि भय के कारण न्याय बाधित नहीं होने दिया जाएगा।
अभी औपचारिक एफआईआर नहीं
अभी तक इस मामले में दिल्ली या राजस्थान पुलिस ने औपचारिक एफआईआर दर्ज नहीं की है, लेकिन ई-मेल के माध्यम से हुई इस शिकायत ने स्वामी की छवि पर बड़े सवालिया निशान लगा दिए हैं। उज्जैन में उनके भक्तों के बीच यह चर्चा का विषय है कि क्या यह कोई बड़ी साजिश है या वाकई धर्म की ओट में ‘अधर्म’ का खेल चल रहा था।


