लुटेरी दुल्हन को आगरा से दबोचा, महिदपुर में की थी वारदा
लुटेरी दुल्हन ने सास व गिराेह के साथ शादी के नाम पर ₹1.80 लाख ठगे थे

उज्जैन, समाचार आज। वैवाहिक रिश्तों की पवित्रता की आड़ में भोले-भाले युवकों को अपना शिकार बनाने वाले लुटेरी दुल्हन के एक संगठित अंतरराज्यीय गिरोह के विरुद्ध महिदपुर पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) अभिषेक रंजन और एसडीओपी महिदपुर जेडेन लिंगजर्पा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने उत्तर प्रदेश के आगरा में दबिश देकर दुल्हन और उसकी माँ को गिरफ्तार कर लिया है।
चिंतामण मंदिर में रचाई ‘झूठी शादी’
महिदपुर के सौगानी कॉलोनी निवासी हर्षद मेहता (32) ने 11 दिसंबर 2025 को पुलिस के सामने अपनी आपबीती सुनाई थी। हर्षद के मुताबिक, दिव्या गंधर्व, कृष्णकुमार उर्फ मुकेश, राधा उर्फ राजूबाई, मीना शर्मा और प्रियंका शर्मा ने मिलकर एक षड्यंत्र रचा।
आरोपियों ने प्रियंका शर्मा की शादी 22 नवंबर 2025 को उज्जैन के प्रसिद्ध चिंतामण गणेश मंदिर में हर्षद से कराई। इस दौरान आरोपियों ने लड़की की बीमारी और पारिवारिक मजबूरियों का वास्ता देकर हर्षद से किस्तों में कुल ₹1,80,000/- (नगद और ऑनलाइन) ऐंठ लिए।
9 दिन का ‘हनीमून’ और फिर फरारी
शादी के बाद आरोपी प्रियंका करीब 9 दिनों तक हर्षद के साथ रही ताकि किसी को शक न हो। इसके बाद उसकी कथित मां मीना शर्मा (जो वास्तव में उसकी सास है) उसे अपने साथ ले गई। जाने के बाद दोनों ने अपने मोबाइल फोन बंद कर लिए और हर्षद से संपर्क पूरी तरह काट लिया। जब हर्षद को ठगी का अहसास हुआ, तो उसने पुलिस की शरण ली।
तकनीकी साक्ष्यों से आगरा तक पहुंची पुलिस
थाना प्रभारी महिदपुर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष टीम गठित की। पुलिस ने जब विवाह के फोटो, शपथ पत्र और बैंक ट्रांजेक्शन की बारीकी से जांच की, तो यह मामला एक संगठित अपराध के रूप में सामने आया। तकनीकी इनपुट और मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम आगरा पहुंची। वहां से आरोपी मीना शर्मा और उसकी कथित पुत्री प्रियंका शर्मा (24 वर्ष) को हिरासत में लिया गया।
पुलिस ने जब आगरा में दबिश देकर दोनों को हिरासत में लिया और सख्ती से पूछताछ की, तो परतें खुलती चली गईं।
-
असली पहचान: प्रियंका पहले से ही शादीशुदा है और उसका पति मजदूरी का काम करता है।
-
सास का रोल: प्रियंका की कथित मां मीना शर्मा असल में उसकी सगी सास है। पैसों के लालच में सास-बहू की इस जोड़ी ने मिलकर हर्षद को अपना शिकार बनाया था।
जेल से प्रोडक्शन वारंट पर आए गिरोह के मास्टरमाइंड
महिदपुर पुलिस की जांच में सामने आया कि इस पूरे खेल की मास्टरमाइंड दिव्या गंधर्व है। यह गिरोह सीहोर के भैरूंडा में भी इसी तरह की कई वारदातें कर चुका है। गिरोह के मुख्य सदस्य दिव्या, मुकेश और राधाबाई पहले से ही अन्य मामलों में सीहोर जेल में बंद थे। पुलिस ने दिव्या और मुकेश को प्रोडक्शन वारंट पर महिदपुर लाकर पूछताछ शुरू कर दी है, जबकि तीसरी सदस्य राधाबाई का वारंट 18 फरवरी के लिए जारी किया गया है।
पुलिस द्वारा दर्ज धाराएं
महिदपुर पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सख्त धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है:
-
धारा 318(4): धोखाधड़ी और बेईमानी से संपत्ति के लिए प्रेरित करना।
-
धारा 61(2): आपराधिक षड्यंत्र।
-
धारा 3(5): सामान्य आशय (संगठित अपराध)।
लुटेरी दुल्हन गिरोह का काम करने का तरीका
-
टारगेट: ऐसे युवकों को ढूंढना जिनकी शादी नहीं हो रही हो।
-
कहानी: लड़की के परिवार को गरीब और मां को बीमार बताकर इमोशनल ब्लैकमेल करना।
-
लेनदेन: शादी के नाम पर ‘खर्चे’ के रूप में मोटी रकम वसूलना।
-
फरारी: शादी के कुछ ही दिनों बाद जेवर लेकर भाग जाना और फिर दूसरे शहर में नया शिकार ढूंढना।
लुटेरी दुल्हन को पहचानने के 5 बड़े संकेत (Red Flags)
-
बिचौलिये का अत्यधिक दबाव: अगर कोई बिचौलिया (मेडिएटर) बार-बार लड़की के परिवार की “बेहद खराब आर्थिक स्थिति” या “मां-बाप की बीमारी” का हवाला देकर जल्द से जल्द शादी करने का दबाव बनाए, तो सतर्क हो जाएं।
-
कैश या ऑनलाइन पैसों की मांग: यदि लड़की पक्ष शादी से पहले या तुरंत बाद इलाज, कर्ज चुकाने या गहने बनाने के नाम पर बड़ी रकम की मांग करता है, तो यह ठगी का पहला कदम हो सकता है।
-
पहचान पत्रों में हेरफेर: शादी के लिए दिए गए आधार कार्ड, वोटर आईडी या पते की फोटोकॉपी के बजाय ओरिजिनल दस्तावेज मांगें। ठग अक्सर फर्जी पते वाले दस्तावेज देते हैं।
-
शादी के लिए जल्दबाजी और सादगी: ऐसे गिरोह सार्वजनिक कार्यक्रमों या बड़ी शादियों से बचते हैं। वे अक्सर कोर्ट मैरिज या किसी मंदिर में चुपचाप शादी करने का दबाव डालते हैं ताकि उनकी फोटो या वीडियो ज्यादा लोगों तक न पहुंचे।
-
परिवार से मिलने में आनाकानी: यदि लड़की पक्ष केवल एक या दो रिश्तेदारों (जो अक्सर फर्जी होते हैं) से ही मिलवाए और अपने मूल गांव या मोहल्ले में ले जाने से कतराए, तो समझ लें कि दाल में कुछ काला है।
ठगी से बचने के लिए क्या करें?
-
पड़ोसी जांच (Neighborhood Check): लड़की के बताए गए पते पर खुद जाकर या किसी परिचित के माध्यम से गुपचुप तरीके से जांच कराएं कि वह वहां कितने समय से रह रही है।
-
पुलिस वेरिफिकेशन: संदिग्ध लगने पर बिचौलिये या लड़की के परिवार का पुलिस वेरिफिकेशन कराने की बात कहें। अपराधी स्वभाव के लोग इससे तुरंत पीछे हट जाएंगे।
-
रिश्तेदारों की मौजूदगी: शादी के वक्त लड़की के माता-पिता के अलावा अन्य नजदीकी रिश्तेदारों (चाचा, मामा, भाई) की मौजूदगी और उनके दस्तावेजों की भी सामान्य जानकारी रखें।
-
डिजिटल सबूत: शादी की रसीदें, फोटो और वीडियो सुरक्षित रखें। किसी भी लेनदेन को रिकॉर्ड में रखें।


