नागदा में तनाव पर काबू : अस्थि विसर्जन करने जा रहे परिवार के साथ मेमू ट्रेन में दरिंदगी
नागदा सेे पहले ट्रेन में सिगरेट के धुएं से शुरू हुई दरिंदगी और मारपीट

उज्जैन, समाचार आज। तराना के बाद अब नागदा कस्बे की शांति भंग करने की कोशिश की गई है। घटना रविवार 1 फरवरी 2026 रात की है जब अहमदाबाद (गुजरात) का एक परिवार अपनी 20 वर्षीय बेटी की अस्थियां विसर्जन करने के लिए मेमू ट्रेन से उज्जैन आ रहा था। रतलाम स्टेशन पर कोच में मुस्लिम समुदाय के 8-10 युवक सवार हुए और उन्होंने परिवार की महिलाओं के साथ अभद्रता शुरू कर दी। जब परिवार के एक बुजुर्ग ने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने बेल्ट से उनकी बेदम पिटाई कर दी। हद तो तब हो गई जब खाचरौद स्टेशन पर इन युवकों ने अपने और साथियों को बुला लिया और महिलाओं व बच्चों के साथ भी जमकर मारपीट की। पीड़िता के परिवार का आरोप है कि बदमाशों ने एक बालिका का हाथ पकड़कर उसे जबरन बाथरूम की ओर खींचने का प्रयास भी किया।
नागदा स्टेशन पर आमने-सामने आए दो पक्ष, पुलिस का लाठीचार्ज
ट्रेन जब नागदा स्टेशन पहुँची, तब तक इस घटना की जानकारी हिंदूवादी संगठनों को लग चुकी थी। दूसरी ओर, आरोपियों के समर्थन में भी बड़ी संख्या में लोग स्टेशन के बाहर जमा हो गए। स्टेशन परिसर में दोनों पक्षों के बीच तीखी नारेबाजी और तनाव की स्थिति निर्मित हो गई। हालात को बेकाबू होते देख पुलिस ने तत्काल मोर्चा संभाला और भीड़ को खदेड़ने के लिए हल्का बल प्रयोग करते हुए लाठियां फटकारीं। स्टेशन पर हुई इस कार्रवाई के बाद पूरे नागदा कस्बे में डर का माहौल फैल गया, जिससे व्यापारियों ने आनन-फानन में बाजार बंद कर दिए और शहर में तरह-तरह की अफवाहें चलने लगीं।
रेलवे चौकी में तीन अलग-अलग FIR दर्ज
नागदा रेलवे स्टेशन पर रविवार रात हुए भारी हंगामे और नारेबाजी के बाद रेलवे पुलिस (GRP) ने देर रात तीन अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की हैं। पहली और सबसे प्रमुख एफआईआर गुजरात के साबरमती निवासी यात्री नरेशभाई पिता मनोज भाई टिंबा की ओर से दर्ज कराई गई है। नरेशभाई ने पुलिस को बताया कि ट्रेन के कोच में सवार अज्ञात बदमाशों ने न केवल उनके परिवार के साथ मारपीट की, बल्कि उनके घर की एक बालिका के साथ सरेआम छेड़छाड़ भी की। आरोपियों की दरिंदगी इस हद तक बढ़ गई थी कि उन्होंने बालिका का हाथ पकड़कर उसे जबरन बाथरूम में ले जाने की कोशिश की। जब परिवार ने इसका कड़ा विरोध किया, तो बदमाशों ने पूरे परिवार पर हमला बोल दिया।
हिंदू संगठन पदाधिकारी और अमजद लाला के बीच क्रॉस FIR
स्टेशन पर हुई गहमागहमी को लेकर दूसरी एफआईआर नागदा के हिंदू संगठन पदाधिकारी रीतेश उर्फ रोशन शुक्ला की शिकायत पर दर्ज हुई है। रोशन शुक्ला ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि जब उन्हें ट्रेन में यात्रियों के साथ हो रही मारपीट की सूचना मिली और वे प्लेटफार्म क्रमांक एक पर मदद के लिए पहुंचे, तो वहां मौजूद अमजद लाला ने उनके साथ अभद्रता की और उन्हें सरेआम जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने इस शिकायत के आधार पर अमजद लाला के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इसी घटनाक्रम में तीसरी एफआईआर अमजद खान की ओर से दर्ज कराई गई है। अमजद ने अपनी शिकायत में रोशन शुक्ला पर पलटवार करते हुए उन पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। इस प्रकार पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों को दर्ज करते हुए क्रॉस कायमी की है। रेलवे पुलिस और स्थानीय प्रशासन का कहना है कि इन एफआईआर के माध्यम से घटना के हर पहलू की जांच की जा रही है। स्टेशन पर लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि ट्रेन में छेड़खानी करने वाले अज्ञात बदमाशों और स्टेशन पर माहौल बिगाड़ने वाले चेहरों की पहचान कर उन्हें जल्द से जल्द कानून के शिकंजे में लाया जा सके।
एसपी प्रदीप शर्मा ने संभाला मोर्चा, जीरो पर हुई कायमी
मामले की गंभीरता को देखते हुए उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा स्वयं नागदा पहुँचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने मीडिया को बताया कि फिलहाल नागदा में हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं और भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है। हालांकि यह मामला रतलाम जीआरपी क्षेत्र का है, लेकिन संवेदनशीलता को देखते हुए नागदा में ‘जीरो’ पर कायमी की गई है। पुलिस ने साफ किया है कि कानून हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। घटना की कड़ियां जोड़ने के लिए जीआरपी द्वारा पीड़ित पक्ष के विस्तृत बयान दर्ज किए जा रहे हैं और वायरल वीडियो के आधार पर आरोपियों की शिनाख्त की जा रही है।
छावनी में तब्दील हुआ कस्बा, अतिरिक्त बल तैनात
नागदा में कानून व्यवस्था सुचारू रखने के लिए प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। सीएसपी विक्रम अहिरवार के नेतृत्व में संवेदनशील क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। देर रात ही बिड़लाग्राम, महिदपुर, उन्हेंल और खाचरौद थानों से अतिरिक्त फोर्स नागदा बुला लिया गया था, साथ ही उज्जैन जिला मुख्यालय से भी रिजर्व फोर्स की तैनाती की गई है। सोमवार 2 फरवरी 2026 सुबह पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने दल-बल के साथ शहर के मुख्य मार्गों और संवेदनशील गलियों में पैदल मार्च निकाला ताकि आम जनता के बीच सुरक्षा का भाव बना रहे। प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आपबीती : सिगरेट का धुंआ लड़कियाें के मुंह पर फेंक रहा था
ट्रेन में हुई इस खौफनाक घटना का शिकार बनी एक महिला ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि विवाद की शुरुआत तब हुई जब आरोपी युवक ट्रेन के भीतर सिगरेट पी रहा था। वह जानबूझकर लड़कियों की ओर धुआं उड़ा रहा था। जब परिवार के सदस्यों ने इस अभद्रता का विरोध किया, तो आरोपी गाली-गलौज पर उतारू हो गए और देखते ही देखते बेल्ट व लात-घूंसों से हमला कर दिया। घटना से जुड़ा एक 6 सेकंड का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें कोच के भीतर मची चीख-पुकार और मारपीट साफ देखी जा सकती है। पीड़ित परिवार के पुरुष सदस्य जहां अपनी गहरी चोटें दिखा रहे हैं, वहीं महिलाएं इस कदर दहशत में हैं कि घटना को याद कर उनकी आंखों से आंसू नहीं थम रहे हैं।
दुख की घड़ी में उज्जैन आ रहे एक बाहरी परिवार के साथ ऐसी बर्बरता शहर की छवि को धूमिल करती है। तराना के बाद नागदा की यह घटना पुलिस इंटेलिजेंस पर भी सवाल उठाती है कि असामाजिक तत्व बार-बार शांति भंग करने में कैसे कामयाब हो रहे हैं।



