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14 जनवरी से ‘श्री महाकाल महोत्सव’; शंकर महादेवन की प्रस्तुति और 7 राज्यों के CM होंगे शामिल

उज्जैन, समाचार आज। नए साल में बाबा महाकाल की नगरी एक और वैश्विक आयोजन की साक्षी बनने जा रही है। 14 से 18 जनवरी 2026 तक आयोजित होने वाले ‘श्री महाकाल महोत्सव’ में न केवल भक्ति की गंगा बहेगी, बल्कि आधुनिक और पारंपरिक कला का अद्भुत समागम भी देखने को मिलेगा। इस महोत्सव का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे, जिसमें देश के सात राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भी आमंत्रित किया गया है।

श्री महाकाल महोत्सव के पहले दिन शंकर महादेवन अपने बेटों के साथ प्रस्तुति देंगे। संस्कृति सलाहकार एवं वीर भारत न्यास के न्यासी सचिव श्रीराम तिवारी ने 9 जनवरी 2026 को मीडिया को बताया कि महाकाल की नगरी में भगवान महाकाल को समर्पित संगीत, नृत्य, नाट्य और लोक परंपराओं का यह समागम देश-दुनिया के सांस्कृतिक मानचित्र पर उज्जैन को एक नई ऊंचाई प्रदान करेगा।

7 राज्यों के मुख्यमंत्री बनेंगे साक्षी

महोत्सव की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस, गुजरात के भूपेंद्र पटेल, आंध्र प्रदेश के चंद्रबाबू नायडू, उत्तराखंड के पुष्कर सिंह धामी, झारखंड के हेमंत सोरेन और तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है।

पहले दिन गूंजेगा शंकर महादेवन का ‘शिवोहम’

महोत्सव के पहले दिन (14 जनवरी) सुप्रसिद्ध पार्श्व गायक शंकर महादेवन अपने बेटों सिद्धार्थ और शिवम के साथ भगवान महाकाल के चरणों में स्वरंजलि अर्पित करेंगे। यह पहला मौका होगा जब महादेवन परिवार एक साथ उज्जैन के मंच पर शिव-भक्ति की ऊंचाइयों को छुएगा।

महोत्सव के अन्य प्रमुख कलाकार:

  • सोना महापात्रा: अपनी ओजस्वी और भावपूर्ण आवाज से भक्तों को मंत्रमुग्ध करेंगी।

  • विपिन अनेजा और श्रेयस शुक्ला: समकालीन और शास्त्रीय संगीत का तड़का लगाएंगे।

  • कला यात्राएं: उज्जैन के विभिन्न चौराहों से जनजातीय नृत्य, रंगों और वाद्यों के साथ भव्य कला यात्राएं महाकाल महालोक पहुँचेंगी।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दिखेगी भारतीय संस्कृति

संस्कृति सलाहकार श्रीराम तिवारी के अनुसार, इस महोत्सव में केवल भारत ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी कलाकार आ रहे हैं।

  • विदेशी सहभागिता: इंडोनेशिया और श्रीलंका के नाट्य दल भगवान शिव और भारतीय महाकाव्यों पर आधारित प्रस्तुतियां देंगे।

  • संगम: यह महोत्सव नृत्य, नाट्य, संगीत और लोक परंपराओं के माध्यम से उज्जैन को दुनिया के सांस्कृतिक मानचित्र पर नई पहचान दिलाएगा।


📅 कार्यक्रम की मुख्य बातें (14-18 जनवरी)

दिनांक मुख्य आकर्षण
14 जनवरी शंकर महादेवन और उनके बेटों की प्रस्तुति
15-17 जनवरी सोना महापात्रा, अंतरराष्ट्रीय नाट्य दल (इंडोनेशिया, श्रीलंका)
18 जनवरी स्थानीय कलाकारों और कला यात्राओं का समापन
स्थान श्री महाकाल महालोक परिसर, उज्जैन

श्री महाकाल महोत्सव न केवल उज्जैन की पर्यटन क्षमता को बढ़ाएगा, बल्कि यह दक्षिण और उत्तर भारत सहित पड़ोसी देशों की संस्कृतियों को एक मंच पर लाने का सफल प्रयास होगा।

-हरिओम राय, समाचार आज (samacharaaj.com), उज्जैन

 

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