भक्ति में लीन बंदी : उज्जैन केंद्रीय जेल में चल रहा गरबा, 682 कैदी रख रहे उपवास

उज्जैन: शारदीय नवरात्रि के दौरान केंद्रीय भैरवगढ़ जेल का माहौल पूरी तरह से भक्तिमय हो गया है। यहां भक्ति में लीन बंदी माता की सेवा में लगे हैं। मां दुर्गा की भक्ति में लीन बंदी आरती पूजन कर रहे हैं और जेल के अंदर ही उत्साह के साथ गरबा का आयोजन कर रहे हैं।
जेलर सुरेश गोयल ने बताया कि जेल में इस समय करीब 2100 से अधिक बंदी हैं, जिनमें से 682 कैदी नवरात्रि में उपवास और पूजा कर रहे हैं। उपवास रखने वालों में 622 पुरुष और 60 महिला कैदी शामिल हैं।

कैदी कर रहे माता का पूजन व गरबा
गरबा और माता की भक्ति में सिर्फ साधारण अपराधी ही नहीं, बल्कि कई कुख्यात कैदी भी हिस्सा ले रहे हैं। जेल में माता की प्रतिमा स्थापित है, जहां रोज कैदी माता की आरती, पूजन के बाद गरबा करते हैं।
- जेल का अपना बैंड: गरबा के लिए कैदियों ने जेल के अंदर ही बैंड की व्यवस्था की है। बंदी खुद ड्रम, ढोलक, सिंथेसाइजर और ऑक्टोपेड जैसे म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट्स बजाते हैं और माता के भजन गाकर संगीत की धुनों पर नाचते हैं।
- विशेष फलाहारी डाइट: जेल प्रशासन ने उपवास रखने वाले कैदियों के स्वास्थ्य और आस्था का पूरा ध्यान रखा है। जेल अधीक्षक मनोज साहू ने बताया कि उपवास रखने वाले बंदियों को मूंगफली, गुड़, साबूदाने की खिचड़ी और फल दिए जा रहे हैं। जेल मैनुअल के अनुसार, इन्हें चाय, फलाहार के साथ 200 ग्राम दूध और 2 केले भी स्वल्पाहार के रूप में दिए जा रहे हैं।
जेल में है मां पद्मावती का अतिप्राचीन मंदिर
जेल परिसर में मां पद्मावती का एक अतिप्राचीन मंदिर भी स्थित है, जिसका उल्लेख स्कंद पुराण में भी मिलता है। मां पद्मावती को भगवान वेंकटेश्वर की पत्नी और देवी लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है। यह स्वयंभू मंदिर जेल के धार्मिक वातावरण को बनाए रखता है, जहां सुबह 6 बजे से ही पूजा-पाठ शुरू हो जाता है। इसके अलावा, जेल के खंड ‘अ’ और ‘ब’ में भी माता की प्रतिमा स्थापित है, जहां कैदी भक्ति और पूजन कर रहे हैं।
-हरिओम राय



