बांग्लादेश में हिंदुओं पर फिर बरपा कहर, एक और को जिंदा जलाया
बांग्लादेश में 15 दिन में दूसरी बार हिंदू शख्स को जिंदा जलाया, हालत नाजुक

ढाका/शरियतपुर। पड़ोसी देश बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, विशेषकर हिंदुओं पर हमलों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शरियतपुर जिले में 31 दिसंबर 2025 की शाम एक 50 वर्षीय हिंदू व्यक्ति, खोकोन दास पर भीड़ ने जानलेवा हमला कर उन्हें आग के हवाले कर दिया। 15 दिनों के भीतर किसी हिंदू को जलाए जाने की यह दूसरी बड़ी और वीभत्स घटना है।
हमले का तरीका: पहले हथियारों से वार, फिर लगा दी आग
जानकारी के अनुसार, खोकोन दास अपने घर लौट रहे थे, तभी उग्र भीड़ ने उन्हें घेर लिया। हमलावरों ने पहले उन पर धारदार हथियारों से हमला किया और बेरहमी से पिटाई की। जब वे अधमरे हो गए, तो भीड़ ने उन्हें आग लगा दी। इस हमले में खोकोन दास गंभीर रूप से झुलस गए हैं। उन्हें नाजुक हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ वे जीवन और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं।
15 दिन में दूसरी वारदात: दीपू दास को पेड़ से लटकाकर जलाया था
इससे पहले 18 दिसंबर 2025 को मैमनसिंह जिले में दीपू चंद्र दास नाम के हिंदू युवक की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। वीभत्सता की हद पार करते हुए भीड़ ने उनके शव को पेड़ पर लटकाया और आग लगा दी थी।
-
झूठा आरोप: दीपू पर ईशनिंदा (फेसबुक पोस्ट) का आरोप लगाया गया था।
-
सच्चाई: जांच एजेंसियों को अब तक ऐसी किसी भी पोस्ट का कोई सबूत नहीं मिला है, जिससे साबित होता है कि भीड़ ने महज अफवाह के आधार पर यह हत्या की।
खूनी 12 दिन: 3 हिंदुओं की हत्या, 1 गंभीर
बांग्लादेश में पिछले 12 दिनों के भीतर हिंदुओं के खिलाफ हिंसा में तेजी आई है। सिलसिलेवार तरीके से हुई घटनाएं इस प्रकार है:
| तारीख | स्थान | घटना | विवरण |
| 18 दिसंबर | मैमनसिंह | दीपू चंद्र दास की हत्या | पीट-पीटकर मारा और पेड़ से लटकाकर जलाया। |
| 24 दिसंबर | राजबाड़ी | अमृत मंडल की हत्या | 29 वर्षीय युवक की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या की। |
| 29 दिसंबर | मैमनसिंह | बजेंद्र बिस्वास की हत्या | फैक्ट्री के सिक्योरिटी गार्ड की गोली मारकर हत्या। |
| 31 दिसंबर | शरियतपुर | खोकोन दास पर हमला | धारदार हथियारों से हमला कर जिंदा जलाया (हालत गंभीर)। |
डर के साये में हिंदू समुदाय
इन घटनाओं के बाद बांग्लादेश के विभिन्न हिस्सों में हिंदू समुदाय में भारी दहशत और तनाव का माहौल है। मानवाधिकार संगठनों ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है और आरोप लगाया है कि प्रशासन अल्पसंख्यकों को सुरक्षा देने में विफल साबित हो रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में भीड़ को जश्न मनाते और वीडियो बनाते देखा जा सकता है, जो वहां की बिगड़ती कानून व्यवस्था को दर्शाता है।
इंदौर के भागीरथपुरा में ‘मौत का पानी’, 14 की मौत, मेडिकल रिपोर्ट में दूषित पानी मुहर


