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उज्जैन के द्वारकाधीश गोपाल मंदिर में शीत ऋतु के साथ बदली भगवान की दिनचर्या

द्वारकाधीश को ठंड से बचाने के लिए ऊनी वस्त्र धारण कराए और गर्म भोग अर्पित किए

उज्जैन, 15 नवंबर: उज्जैन के प्रसिद्ध श्री द्वारकाधीश गोपाल मंदिर में अगहन माह की उत्पत्ति एकादशी के साथ ही शीत ऋतु का आरंभ हो गया है। इसके चलते, सिंधिया स्टेट के इस प्राचीन मंदिर में भगवान गोपालजी की दिनचर्या में बड़ा बदलाव किया गया है। अब भगवान को ठंड से बचाने के लिए ऊनी वस्त्र धारण कराए जा रहे हैं और आरती-भोग का समय भी बदल गया है।

ठंड से बचाव के लिए विशेष व्यवस्था

उज्जैन के मंदिरों में यह एक वार्षिक परंपरा है, जिसके तहत सर्दियों में भगवान की मूर्तियों के लिए विशेष व्यवस्था की जाती है:

  • ऊनी वस्त्र: भगवान श्री गोपाल जी को अब रंगीन और गर्म ऊनी वस्त्र (पोशाक) धारण कराए जा रहे हैं।

  • गर्माहट: मंदिर के गर्भगृह में गर्माहट बनाए रखने के लिए सिगड़ी या अंगीठी का उपयोग किया जाएगा।

  • गर्म भोग: भोग में गर्म तासीर वाले पकवान अर्पित किए जाएंगे। पुजारी पावन शर्मा ने बताया कि राजभोग में अब गुड़ और शुद्ध घी का उपयोग किया जाएगा। संध्या आरती में भगवान को केसर वाला दूध का भोग भी लगाया जाएगा।

शीतकाल के लिए बदला आरती का समय

शीतकाल को ध्यान में रखते हुए द्वारकाधीश गोपाल मंदिर में आरतियों के समय में भी आधा घंटे का परिवर्तन किया गया है।

कार्यक्रम शीतकाल का नया समय
प्रथम दर्शन सुबह 5:00 बजे
कांकड़ आरती सुबह 5:30 बजे
मंगला आरती सुबह 6:00 बजे
राजभोग आरती सुबह 10:30 बजे
मध्यान्ह शयन दोपहर 12:00 बजे
संध्या आरती शाम 6:30 बजे
शयन आरती रात्रि 8:15 बजे से 8:30 बजे तक

 

महाकाल मंदिर क्षेत्र में जाम और भीड़ से निपटने के लिए 40 अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात

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