पूर्व DGP और पूर्व मंत्री पत्नी पर बेटे की हत्या की FIR, बहू से अवैध संबंध के आरोप
वायरल वीडियो में बेटे का पूर्व DGP पिता और पत्नी के अवैध संबंध का आरोप सामने आया

पंचकूला/चंडीगढ़: पंजाब की राजनीति और पुलिस से जुड़े एक बड़े हाई-प्रोफाइल मामले में सनसनीखेज मोड़ आया है। पंजाब के पूर्व DGP मोहम्मद मुस्तफा और उनकी पत्नी, पूर्व कैबिनेट मंत्री रजिया सुल्ताना पर उनके बेटे अकील अख्तर (35) की हत्या का आरोप लगाते हुए हरियाणा के पंचकूला में FIR दर्ज की गई है। FIR में मुस्तफा-रजिया के अलावा उनकी बेटी और बहू को भी आरोपी बनाया गया है।
अकील अख्तर की मौत 16 अक्टूबर की देर रात पंचकूला में हुई थी। तब परिवार ने इसे दवाओं के ओवरडोज से हुई मौत बताया था। हालांकि, अकील की मौत के बाद उसका 27 अगस्त 2025 का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसने पूरे मामले को पलट दिया। अकील अख्तर, जो पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करते थे, उनका शव 16 अक्टूबर को पंचकूला से उनके पैतृक गांव सहारनपुर ले जाकर सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया था।
वीडियो में अकील के आरोप
जिस वीडियो के हवाले से पूर्व DGP मोहम्मद मुस्तफा और अन्य पर FIR दर्ज हुई है, उसमें मृतक अकील अख्तर ने अपनी मौत से पहले 27 अगस्त को सोशल मीडिया पर 16 मिनट 11 सेकंड के वीडियो में कई गंभीर आरोप लगाए थे।
- अवैध संबंध का खुलासा: अकील ने वीडियो में कहा था कि उसे अपने पूर्व DGP पिता मोहम्मद मुस्तफा के अपनी पत्नी के साथ अवैध संबंध होने का पता चला। अकील ने दावा किया कि उसने डेढ़ साल पहले अपने डैड (पिता) और वाइफ (पत्नी) का अफेयर डिस्कवर किया। उसने कहा कि शादी के एक साल बाद 2018 में उसने इन दोनों को ड्रेसिंग रूम के पास पकड़ लिया था। शादी का सवाल: अकील ने कहा, “वाइफ ने मुझे शादी की पहली रात को भी टच नहीं करने दिया।” और उसे यह समझ नहीं आया कि “मेरे डैड का मेरी वाइफ का उसके साथ अफेयर कैसे हुआ। पत्नी मेरी थी, लेकिन शादी जैसे डैड से की हो।” उसने आरोप लगाया कि उसकी पत्नी ने उसे लीगली डिटेन कराया और उसके परिवार वाले पहले भी एक बार उस पर झूठा केस (पर्चा) करवा चुके हैं, जिसे SHO और कमिश्नर ने टिक न पाने की बात कहकर रोका था। जून में घरवालों ने उस पर गैंगस्टरों के साथ संबंध होने का झूठा आरोप लगाया और पंजाब पुलिस उसे हरियाणा से उठाकर ले गई थी, जबकि वह उस समय अपनी किताब पढ़ रहा था।
- हत्या की साजिश: उसने यह भी आरोप लगाया था कि अवैध संबंधों का पता चलने के बाद उसकी माँ, बहन और पूरा परिवार उसकी हत्या करने या उसे झूठे केस में फँसाने की साजिश रच रहे हैं। अकील ने अपनी जान को खतरा बताते हुए परिवार के हाथों ही कत्ल होने का शक जताया था। उन्होंने कहा कि पंचकूला में उनकी चल नहीं पा रही है, क्योंकि वहाँ की पुलिस उनके अंडर में नहीं आती है। वे बात कर रहे थे कि चुनाव जीतने के बाद इसका फैसला करेंगे।
- डायरी में सुसाइड नोट: अकील ने एक डायरी का जिक्र करते हुए कहा था कि उसमें वह ‘सुसाइड नोट’ छोड़कर जा रहा है (हालांकि डायरी अभी पुलिस को नहीं मिली है)।
- जबरन रिहैब सेंटर भेजा : अकील ने आरोप लगाया कि उसे बिना पूछे और डॉक्टर को दिखाए जबरदस्ती रिहैब सेंटर में रखा गया। जब उसने रिहैब सेंटर में अपनी भावनाएँ शेयर कीं, तो घर वालों को पता चल गया और उन्होंने उसे वहाँ से निकाल लिया। इसके बाद बिना परीक्षण कराए उसे पागलों वाली दवाई खिलाईं। उसने कहा कि परिवार वाले उसे कुत्ता बोलते हैं, धक्का देते हैं और उसे डराते थे कि “यदि तूने कुछ किया तो हम तेरे पर रेप केस लगा देंगे।”
पुलिस कमिश्नर को शिकायत के बाद FIR दर्ज
अकील के एक पहचान वाले शमशुद्दीन ने इसी वीडियो को आधार बनाकर पंचकूला पुलिस कमिश्नर को शिकायत भेजी। शमशुद्दीन ने शिकायत में कहा कि अकील की अचानक मौत हुई है, इसलिए वीडियो में कही गई बातों के आधार पर पूरे मामले की गहन जांच होनी चाहिए।
- FIR दर्ज: शिकायत के आधार पर पंचकूला के मनसा देवी कॉम्प्लेक्स पुलिस थाने में सोमवार, 20 अक्टूबर की देर रात पूर्व DGP मोहम्मद मुस्तफा, पूर्व मंत्री रजिया सुल्ताना, बेटी और पत्नी के खिलाफ BNS (भारतीय न्याय संहिता) की धारा 103(1) (हत्या) और 61 (साजिश) के तहत केस दर्ज कर लिया गया है।
- जाँच के लिए SIT: पंचकूला की DCP सृष्टि गुप्ता ने बताया कि ACP रैंक के अधिकारी की अगुआई में एक SIT (विशेष जांच टीम) गठित की गई है, जो इस मामले की जांच करेगी।
पूर्व DGP मोहम्मद मुस्तफा की सफाई
FIR दर्ज होने के बाद पूर्व DGP मोहम्मद मुस्तफा ने इस पर मीडिया को प्रतिक्रिया दी।
- कानूनी प्रक्रिया का स्वागत: उन्होंने कहा कि कानून के मुताबिक पुलिस का कर्तव्य है कि लिखित शिकायत पर FIR दर्ज करे, और वह इसका स्वागत करते हैं।
- बेटे की मौत से दुखों का पहाड़ टूट पड़ा: पूर्व DGP ने कहा कि मलेरकोटला के निवासियों को उन पर FIR दर्ज होने के बारे में बिल्कुल भी चिंता करने की जरूरत नहीं है। यह सच है कि जवान बेटे की मौत से हम पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हम गंदी राजनीति और तुच्छ विचारों वाले लोगों का मुकाबला नहीं कर सकते।
- जल्द होगा खुलासा: मुस्तफा ने कहा कि FIR दर्ज होने का मतलब दोषी साबित होना नहीं है। उन्होंने दावा किया कि असली कार्रवाई अब शुरू होगी और कुछ ही दिनों में “दूध का दूध, पानी का पानी” लोगों के सामने होगा।उन्होंने FIR दर्ज करवाने वाले लोगों को कानून का सामना करने के लिए तैयार रहने की चेतावनी भी दी।
हाई-प्रोफाइल मोहम्मद मुस्तफा परिवार: IPS अधिकारी से कांग्रेस नेता और कैबिनेट मंत्री तक
पंजाब के पूर्व डीजीपी मोहम्मद मुस्तफा और उनकी पत्नी, पूर्व कैबिनेट मंत्री रजिया सुल्ताना का परिवार पंजाब की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में एक जाना-माना नाम रहा है। यहाँ इस हाई-प्रोफाइल परिवार की पृष्ठभूमि और करियर से जुड़ी जानकारी मीडिया के सामने आई है।
मोहम्मद मुस्तफा: IPS से राजनीति तक का सफर
- सेवाकाल और रैंक: मोहम्मद मुस्तफा 1985 बैच के IPS अधिकारी रहे हैं।
- कैप्टन अमरिंदर सिंह से संबंध: वह पंजाब में कांग्रेस सरकार के दौरान मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के करीबी माने जाते थे।
- DGP विवाद: जब कैप्टन अमरिंदर सिंह ने उन्हें पंजाब पुलिस का DGP नहीं बनाया और दिनकर गुप्ता को नियुक्त कर दिया, तो उनके रिश्ते बिगड़ गए। मुस्तफा ने वरिष्ठता का हवाला देते हुए इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, लेकिन कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी।
- सेवानिवृत्ति और राजनीति में सक्रियता: मुस्तफा 2021 में IPS सेवा से रिटायर हो गए। उसी साल, जब कांग्रेस ने कैप्टन अमरिंदर सिंह को मुख्यमंत्री की कुर्सी से हटाया, तो मुस्तफा कांग्रेस में सक्रिय हो गए।
- वर्तमान भूमिका: उन्होंने खुलकर कैप्टन के खिलाफ बयानबाजी शुरू कर दी और इस दौरान वह नवजोत सिद्धू के सलाहकार भी रहे। वर्तमान में भी वह कांग्रेस नेता के तौर पर राजनीति में सक्रिय हैं।
- मूल निवास: मोहम्मद मुस्तफा मूल रूप से उत्तर प्रदेश में सहारनपुर जिले के हरडा गांव के रहने वाले हैं।
रजिया सुल्ताना: मालेरकोटला की कद्दावर नेता
- राजनीति में प्रवेश: मुस्तफा की पत्नी रजिया सुल्ताना ने साल 2000 की शुरुआत में राजनीति में कदम रखा।
- विधायक और मंत्री:
- वह 2002 और 2007 में लगातार दो बार मालेरकोटला से कांग्रेस की टिकट पर विधायक चुनी गईं।
- 2012 में उन्हें चुनाव में हार का सामना करना पड़ा।
- 2017 में वह फिर से चुनाव जीतीं और कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार में कैबिनेट मंत्री बनीं।
- मंत्री पद से इस्तीफा और वापसी: 2021 में कैप्टन की जगह चरणजीत चन्नी के मुख्यमंत्री बनने पर उन्हें फिर से मंत्री बनाया गया। नवजोत सिद्धू के पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के समर्थन में रजिया ने भी मंत्री पद से इस्तीफा दिया था, लेकिन बाद में एक कैबिनेट मीटिंग में शामिल होकर इसे वापस ले लिया।
- 2022 का चुनाव: 2022 के विधानसभा चुनाव में वह आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार से चुनाव हार गईं।
पुत्रवधू की नियुक्ति
- मोहम्मद मुस्तफा की पुत्रवधू को करीब 4 साल पहले पंजाब वक्फ बोर्ड का चेयरपर्सन बनाया गया था। यह नियुक्ति उस समय काफी सुर्खियों में रही थी, क्योंकि यह एक महीने से खाली पड़े पद पर छुट्टी वाले दिन (शनिवार) की गई थी।


