बच्चे की जान लेने की आरोपी फर्जी डॉक्टर तैय्यबा शेख पर मुकदमा दर्ज
फर्जी डॉक्टर के पास चिकित्सा उपचार करने की कोई वैध डिग्री नहीं

उज्जैन: उज्जैन में स्वास्थ्य विभाग की शिकायत पर थाना पंवासा पुलिस ने फर्जी क्लिनिक संचालित करने वाली एक फर्जी डॉक्टर महिला के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। महिला बिना किसी वैध डिग्री या पंजीकरण के क्लिनिक चला रही थी, जिससे आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा था।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CHMO), उज्जैन को सूचना मिली थी कि पांड्याखेड़ी निवासी तैय्यबा शेख द्वारा ‘आशीर्वाद मेडिकल एवं सर्जिकल’ नाम से एक क्लिनिक प्रताप नगर, पंवासा रोड पर चलाया जा रहा है। यह क्लिनिक बिना किसी कानूनी अनुमति और वैध चिकित्सकीय डिग्री के संचालित हो रहा था। सीएमएचओ के निर्देश पर 03.10.2025 को एक जाँच दल, जिसमें डॉ. जितेंद्र राजपूत, डॉ. विक्रम रघुवंशी और डॉ. प्रदीप सोमेश शामिल थे, ने क्लिनिक का औचक निरीक्षण किया।
जाँच में सामने आई चौंकाने वाली हकीकत
निरीक्षण के दौरान जाँच दल को कई गंभीर अनियमितताएँ मिलीं:
- कोई वैध डिग्री नहीं: संचालिका तैय्यबा शेख के पास चिकित्सा उपचार करने की कोई वैध डिग्री नहीं थी।
- पंजीकरण नहीं: क्लिनिक नियमानुसार पंजीकृत नहीं पाया गया और वहाँ अवैध रूप से उपचार कार्य किया जा रहा था।
- फर्जी मेडिकल स्टोर: क्लिनिक परिसर में मौजूद मेडिकल स्टोर का संचालन करन भारती द्वारा किया जा रहा था, जो कि मात्र 10वीं पास है और वहाँ कोई पंजीकृत फार्मासिस्ट भी उपस्थित नहीं था।
इन गंभीर उल्लंघनों के सामने आने के बाद जाँच दल ने तत्काल क्लिनिक को सीलबंद कर दिया।
फर्जी डॉक्टर पर दर्ज हुआ मुकदमा
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर, थाना पंवासा पुलिस ने आरोपी तैय्यबा शेख के खिलाफ अपराध क्र. 304/2025 दर्ज किया है। आरोपी पर 125 बीएनएस, म.प्र. राज्य आयुर्विज्ञान परिषद अधिनियम की धारा 24, और उपचार एवं चिकित्सा संस्थाओं के पंजीकरण से संबंधित अन्य धाराओं के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है।
क्लिनिक सील होने के बाद भी खोला दूसरा अस्पताल, गर्भवती महिला के बच्चे की हुई थी मौत
- फर्जी क्लिनिक संचालित करने वाली डॉ. तैय्यबा शेख की कथित लापरवाही के कारण एक गर्भवती महिला के गर्भ में बच्चे की मौत का गंभीर आरोप लगा है। परिजनों के हंगामे के बाद डॉ. तैय्यबा का दूसरा अस्पताल भी सील कर दिया गया है। यह पूरा मामला पिछले शुक्रवार 2 अक्टूबर 2025 शाम को तब सामने आया, जब चिंतामन निवासी काजल मालवीय को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। पति लखन मालवीय पत्नी को सरकारी अस्पताल ले गए, लेकिन वहाँ मौजूद आशा कार्यकर्ता ने उन्हें डॉ. तैय्यबा शेख के आशीर्वाद अस्पताल का पता बता दिया।
- तैय्यबा शेख ने काजल का चेकअप करने के बाद परिजनों को गुमराह किया। उन्होंने कहा कि बच्चे के हाथ-पैर नहीं बने हैं। और उन्हें डराया कि अगर वे अस्पताल नहीं बदलेंगे तो पेट में जहर फैल सकता है और मरीज की जान जा सकती है। जब परिजनों ने जबरन तैय्यबा के चंगुल से निकलकर एसएन कृष्णा अस्पताल में सामान्य डिलीवरी कराई, तो डॉक्टरों ने बताया कि बच्चा मृत पैदा हुआ, लेकिन उसके हाथ-पैर पूरी तरह बने हुए थे और वह पूर्ण विकसित था। पीडि़ता के मामा महेश मालवीय ने आरोप लगाया कि तैय्यबा ने गलत जानकारी दी और उनकी लापरवाही के कारण ही बच्चे की मौत हुई है।
फर्जी डिग्री और बार-बार क्लिनिक खोलना
शासकीय माधव नगर अस्पताल के अधीक्षक डॉ. विक्रम रघुवंशी ने मामले की जांच के बाद पुष्टि की है कि डॉ. तैय्यबा द्वारा प्रस्तुत डिग्री फर्जी है और मध्य प्रदेश में मान्य नहीं है। परिजनों ने हंगामा करते हुए सवाल उठाया कि जब डॉ. तैय्यबा का अस्पताल पहले ही सील किया जा चुका था, तो उन्होंने दूसरा अस्पताल कैसे खोल लिया और गर्भवती महिलाओं का इलाज और डिलीवरी कैसे शुरू कर दी? परिजनों के भारी हंगामे के बाद सीएमएचओ डॉ. अशोक पटेल ने मामले की जाँच के आदेश दिए हैं और डॉ. तैय्यबा के दूसरे अस्पताल को भी सील कर दिया गया था। जांच की रिपोर्ट के आधार पर एक सप्ताह बाद 9 अक्टूबर 2025 को कार्रवाई की गई है।



