देर रात पशु बाड़े में धारदार हथियारों से सनसनीखेज हत्या
तीन सगे भाइयों सहित उनके चार अन्य साथियों ने की आदतन बदमाश की निर्मम हत्या

उज्जैन: नीलगंगा थाना क्षेत्र में शनिवार 22 नवंबर 2025 देर रात आपसी रंजिश के चलते एक आदतन बदमाश की निर्मम हत्या कर दी गई। मृतक पर हमला करने का आरोप तीन सगे भाइयों सहित उनके चार अन्य साथियों पर लगा है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मृतक खुद अपने विरोधी को तलाश रहा था और इसी दुश्मनी ने उसकी जान ले ली।
महाराजा ढाबे के पीछे हुई वारदात
नीलगंगा थाना क्षेत्र के एकता नगर में महाराजा ढाबे के पीछे स्थित एक पशु बाड़े में रात करीब 11:30 बजे यह खौफनाक वारदात हुई। मृतक की पहचान अक्कू पिता मुरली माली (32), निवासी इमलीपुरा तिलकेश्वर कॉलोनी जीवाजीगंज के रूप में हुई है। अक्कू एकता नगर में रहने वाले दीपक के पशु बाड़े में काम करता था। शनिवार रात वह बाड़े में सो रहा था, तभी करीब आधा दर्जन बदमाश वहां घुस आए और उस पर चाकू से हमला कर दिया। हमले के दौरान हुए शोर-शराबे की आवाज सुनकर बाड़े का मालिक दीपक मौके पर पहुंचा। तब तक हमलावर वहां से फरार हो चुके थे। दीपक ने अक्कू से हमलावरों के बारे में पूछा तो उसने तीन-चार लोगों के नाम बताए। अक्कू के पेट, सिर और शरीर के अन्य हिस्सों से खून बह रहा था। दीपक ने पड़ोसियों की मदद से गंभीर रूप से घायल अक्कू को जिला अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने अक्कू का इलाज शुरू किया, लेकिन उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
6 आरोपी हिरासत में, 7 के खिलाफ केस दर्ज
घटना की सूचना मिलते ही नीलगंगा पुलिस हरकत में आई और तुरंत धरपकड़ शुरू कर दी। सीएसपी दीपिका शिंदे ने बताया कि हत्या के आरोप में अंकित पारोचे, विट्टू पारोचे, लक्की पारोचे (तीनों भाई), और उनके साथी बिट्टू बसोड़, संदीप उर्फ नाना, लखन चौधरी और विशाल के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने इनमें से छह आरोपियों को देर रात ही हिरासत में ले लिया है।
क्यों हुई हत्या? रंजिश और बदले की कहानी
पुलिस के अनुसार, मृतक अक्कू माली आदतन बदमाश था और उसका आरोपी अंकित पारोचे से पुराना और गहरा विवाद चल रहा था।
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पुराना विवाद: पिछले महीने अक्कू ने अंकित और उसके पिता के साथ मारपीट की थी।
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शनिवार शाम की घटना: शनिवार शाम को अक्कू अपने साथियों के साथ अंकित की तलाश में घूम रहा था। उसने नानाखेड़ा पर शौचालय के पास अंकित का ऑटो रिक्शा खड़ा देखा। रिक्शा उस समय अंकित का साथी संदीप पिता आत्माराम मालवीय (32) चला रहा था। संदीप ने बताया कि अक्कू ने उससे अंकित के बारे में पूछा और जब संदीप ने मना किया, तो अक्कू और उसके साथियों ने उस पर चाकू से हमला कर दिया, जिससे संदीप गंभीर रूप से घायल हो गया।
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बदला: संदीप पर हुए हमले की जानकारी अंकित पारोचे तक पहुंची। इसी बात से भड़के अंकित ने अपने दोनों भाइयों और अन्य साथियों के साथ मिलकर देर रात अक्कू पर हमला कर दिया। इस हमले में अक्कू की मौत हो गई।



