केंद्रीय जेल भैरवगढ़ के कैदी रोशन कर रहे भोपाल-देवास की जेलों को
केंद्रीय जेल भैरवगढ़ : कैदी बना रहे LED बल्ब और सजावटी सीरीज,

उज्जैन: केंद्रीय जेल भैरवगढ़ में बंद कैदी अब अपराध की दुनिया से हटकर अपने पुनर्वास की ओर एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ा रहे हैं। यहां हत्या, रेप और अन्य अपराधों की सजा काट रहे बंदी अब रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए LED बल्ब और सजावटी सीरीज का निर्माण कर रहे हैं। इन कैदियों द्वारा बनाए गए बल्बों से उज्जैन, भोपाल और देवास समेत मध्य प्रदेश की कई जेलें रोशन हो रही हैं।
रोजाना 200-300 बल्ब का उत्पादन
जेल में यह पहल कैदियों को हुनर सिखाने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
- कैदियों ने आईटीआई उज्जैन की ओर से अलग-अलग ट्रेडों में एडमिशन लिया है।
- वे जेल में ही इलेक्ट्रिक मोटर वाइंडिंग, पंखे और अन्य इलेक्ट्रिकल कार्यों का प्रशिक्षण ले रहे हैं।
- आईटीआई से आए इंस्ट्रक्टर रोजाना सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक कैदियों को ट्रेनिंग देते हैं।
- इलेक्ट्रिकल काम सीख चुके करीब 50 कैदी अब रोजाना 200 से 300 LED बल्ब तैयार कर रहे हैं।
कम लागत, 30% प्रॉफिट मार्जिन
डिप्टी जेलर सुरेश गोयल ने बताया कि फिलहाल कैदी 9 और 15 वॉट के LED बल्ब बना रहे हैं। ये बल्ब बाजार की तुलना में काफी कम लागत में तैयार हो जाते हैं। इन्हें लागत पर 30% प्रॉफिट मार्जिन रखकर प्रदेश की अन्य जेलों में सप्लाई किया जा रहा है।
इंस्ट्रक्टर राम कुमार उइके के अनुसार, बल्ब बनाने का कच्चा माल दिल्ली और नासिक से मंगाया जाता है। दिवाली जैसे त्योहारों के लिए सजावटी सीरीज भी बनाई जा रही हैं।
पुनर्वास की दिशा में पहल, भविष्य में आम जनता तक सप्लाई
जेल अधीक्षक मनोज साहू का कहना है कि जेल प्रशासन की यह पहल कैदियों को रोजगार के अवसर और हुनर सिखाने के साथ उनके पुनर्वास की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। सजा पूरी कर छूटने के बाद कैदी अपना काम शुरू कर सकेंगे, जिससे उन्हें और उनके परिवार को मदद मिलेगी। वर्तमान में ये बल्ब केवल जेलों में उपयोग किए जा रहे हैं, लेकिन जेल प्रशासन की योजना है कि भविष्य में भैरवगढ़ जेल के आउटलेट्स के माध्यम से इन उत्पादों को आम जनता तक भी पहुंचाया जाएगा।



