उज्जैन – इंदौर ग्रीन फील्ड कॉरिडोर का विरोध: किसान 8 अक्टूबर को निकालेंगे ‘ट्रैक्टर रैली’
ग्रीन फील्ड कॉरिडोर इंदौर के पितृ-पर्वत से निकलकर उज्जैन बायपास चिंतामन गणेश तक पहुंचेगा

उज्जैन और इंदौर के बीच प्रस्तावित 48 किलोमीटर लंबे ग्रीन फील्ड कॉरिडोर का किसानों द्वारा विरोध अब लगातार तेज होता जा रहा है। किसानों का कहना है कि वे अपनी उपजाऊ जमीन सड़क निर्माण के लिए किसी भी कीमत पर नहीं देंगे। इस बड़े विरोध प्रदर्शन के तहत, 8 अक्टूबर 2025 को हातोद से इंदौर कलेक्ट्रेट तक एक विशाल ट्रैक्टर रैली निकाली जाएगी, जिसमें एक हजार से अधिक ट्रैक्टर शामिल होने की उम्मीद है।
कलेक्ट्रेट का घेराव कर सौंपेंगे ज्ञापन
किसान इस योजना को स्थगित करने की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट का घेराव कर ज्ञापन सौंपेंगे। किसान नेता बबलू जाधव का कहना है कि अधिकारी बिना किसी आकलन और सर्वे के योजना बना देते है, जिससे प्रदेश के अन्नदाता के साथ अन्याय हो रहा है। इस विरोध को लेकर किसान अब ट्रैक्टर रैली निकालने का निर्णय ले चुके हैं, जिसमें इंदौर और उज्जैन जिले के सभी प्रभावित किसानों के अलावा अन्य किसान भी शामिल होंगे। इस रैली में इंदौर और उज्जैन जिले के सभी प्रभावित किसानों के अलावा अन्य किसान भी शामिल होंगे, जो अपनी उपजाऊ जमीन को बचाने के लिए एकजुट हो रहे हैं।
सिंहस्थ के लिए प्रस्तावित, किसानों के लिए ‘बर्बादी’
यह सड़क मुख्य रूप से 2028 में होने वाले सिंहस्थ के लिए तैयार की जा रही है। लेकिन किसानों का आरोप है कि इसके निर्माण से कई किसानों की पूरी जमीन छिन रही है, और इसके बदले मिलने वाला मुआवजा बाजार भाव से बहुत कम है।
- मुआवजे की समस्या: मुआवजा गाइडलाइन के अनुसार दोगुना दिया जाएगा, जबकि बाजार भाव पांच गुना तक पहुँच चुका है। ऐसे में किसान आसपास के दस किमी में भी जमीन नहीं खरीद पाएंगे।
- किसानों की चिंता: कांकरिया के किसान वीरेंद्र चौहान ने कहा कि ऐसे में न तो जमीन के बदले जमीन मिल पाएगी और न ही किसान अपनी जीविका सुरक्षित रख पाएंगे। रतनखेड़ी के राहुल पटेल और मगरखेड़ी के लक्ष्मण सिंह का कहना है कि उज्जैन जाने के लिए पहले से कई मार्ग हैं, जिन्हें चौड़ा किया जाना चाहिए, जिससे किसानों की जमीन भी बच जाएगी।
188 हेक्टेयर उपजाऊ जमीन होगी प्रभावित
इस परियोजना से इंदौर की सांवेर और हातोद तहसीलों के करीब 20 गाँव और उज्जैन जिले के आठ गाँव प्रभावित हो रहे हैं। कुल 188 हेक्टेयर उपजाऊ जमीन इस सड़क निर्माण में चली जाएगी। कई किसानों की तो पूरी जमीन ही जा रही है, जबकि कुछ किसानों की जमीन बीचों-बीच से कट जाएगी, जिससे वे पूरी तरह बर्बादी की कगार पर पहुँच जाएँगे।
ट्रैक्टर रैली में किसान ग्रीन फील्ड कॉरिडोर का विरोध करने के साथ ही अपनी फसलों से जुड़ी समस्याओं को भी सामने रखेंगे। किसान नेता बबलू जाधव ने बताया कि वे सोयाबीन की खरीदी समर्थन मूल्य पर करने, भावांतर योजना को स्थगित करने और प्याज के दाम बढ़ाने की मांग का ज्ञापन भी अधिकारियों को सौंपेंगे।
सिंहस्थ के लिए तैयार की जा रही सड़क
यह सड़क इंदौर के पितृ-पर्वत से निकलकर उज्जैन बायपास चिंतामन गणेश तक जाएगी। इस सड़क को बनाने का मुख्य उद्दैश्य सिंहस्थ के दौरान ट्रैफिक को कंट्रोल करना है। साथ ही इस मार्ग से किसानों को सीधे इंदौर, धार की ओर जाने में आसानी होगी।
-हरिओम राय
जानिए क्या है ग्रीन फील्ड कॉरिडोर- उज्जैन से इंदौर का सफर होगा और भी आसान: चिंतामण गणेश सीधे जुड़ेगा पितृ पर्वत से



