उज्जैनमध्यप्रदेश

खाचरौद जेल ब्रेक: बंदी को ही सौंप दी चाबी, अंदर मिल गई सीढ़ी; DG के दौरे के बाद तीन अधिकारी निलंबित

'पेंटिंग' के बहाने रची साजिश, सीढ़ी लगाकर दीवार फांद गए रेप और मर्डर के तीन आरोपी

उज्जैन/खाचरौद। उज्जैन जिले की खाचरौद जेल ब्रेक कांड में तीन अधिकारी निलंबित किए गए हैं। उपजेल में सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए गुरुवार 25 दिसंबर 2025 की शाम तीन  बंदी फरार हो गए। फरार बंदियों में दो बलात्कार (Rape) और एक हत्या (Murder) का आरोपी शामिल है। इस सनसनीखेज ‘जेल ब्रेक’ कांड के बाद जेल प्रशासन और पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। प्रारंभिक जांच में जेल अधिकारियों की बड़ी लापरवाही सामने आई है।

पेंटिंग के बहाने रची साजिश, महिला सेल का इस्तेमाल

जेल के भीतर इन दिनों रंग-रोगन (पेंटिंग) का काम चल रहा था। तीनों बंदियों ने इसी का फायदा उठाकर फरार होने का मास्टर प्लान तैयार किया।  शाम के समय जब काम खत्म हुआ, तो बंदियों ने कलर के डिब्बे तो जमा कर दिए ताकि किसी को शक न हो। उन्होंने चालाकी से पेंटिंग के लिए इस्तेमाल की गई बांस की सीढ़ी को महिला सेल (वार्ड) की दीवार के सहारे ही छोड़ दिया। ड्यूटी पर तैनात प्रहरी राकेश कटारे ने लापरवाही की हद पार करते हुए वार्ड की चाबी एक बंदी को ही थमा दी और सामान रखने अंदर भेज दिया। इसी का फायदा उठाकर तीनों बंदी सीढ़ी के सहारे 20 फीट ऊँची दीवार लांघकर भाग निकले।

फरार होने वाले ‘खूंखार’ बंदियों की प्रोफाइल

जेल प्रशासन ने इन तीनों विचाराधीन बंदियों की तस्वीरें जारी कर अलर्ट जारी किया है:

  1. नारायण पिता भेरूलाल: हत्या का आरोपी।

  2. गोपाल पिता बापूलाल: बलात्कार का आरोपी।

  3. गोविंद पिता आशाराम: बलात्कार का आरोपी।

7 बजे हुई गिनती, तब खुला राज

बंदी शाम करीब 5:30 बजे ही जेल की दीवार फांद चुके थे। लेकिन जेल स्टाफ को इसकी भनक तक नहीं लगी। रात 7 बजे जब बैरक में बंदियों की ‘लॉक-अप’ गिनती हुई, तब पता चला कि 74 में से 3 बंदी कम हैं। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई और आसपास के क्षेत्रों में घेराबंदी शुरू की गई।

सोशल मीडिया पर तस्वीरें जारी, जनता से अपील

पुलिस ने तीनों आरोपियों की फोटो सोशल मीडिया पर साझा की है। पुलिस प्रशासन ने जनता से अपील की है कि यदि ये संदिग्ध कहीं भी दिखाई दें, तो तुरंत नजदीकी पुलिस थाने या 100 डायल पर सूचना दें।

सुरक्षा व्यवस्था की धज्जियाँ उड़ीं, तीन निलंबित

 खाचरौद उप-जेल में सुरक्षा व्यवस्था की ऐसी धज्जियाँ उड़ीं कि जेल प्रशासन के साथ-साथ पुलिस महकमे में भी हड़कंप मच गया। जेल का नियम कहता है कि भीतर सीढ़ी रखना प्रतिबंधित है, लेकिन यहाँ न केवल सीढ़ी छोड़ी गई, बल्कि एक प्रहरी ने बैरक की चाबी ही बंदी को थमा दी।  जेल मैन्युअल के मुताबिक, जेल परिसर के भीतर किसी भी प्रकार की सीढ़ी रखना सख्त वर्जित है। लेकिन खाचरौद जेल में पुताई के काम में इस्तेमाल हो रही बांस की सीढ़ी को महिला वार्ड के भीतर ही छोड़ दिया गया। हद तो तब हो गई जब ड्यूटी पर तैनात प्रहरी राकेश कटारे ने जेलर को बिना बताए एक बंदी को वार्ड की चाबी सौंप दी और कहा— “जाओ, पुताई का सामान खुद ही वार्ड के भीतर रख आओ।” बंदियों को चाबी मिली और अंदर सीढ़ी पहले से मौजूद थी। इसी का फायदा उठाकर अपहरण, हत्या और दुष्कर्म जैसे गंभीर मामलों के आरोपी तीन बंदी भाग निकले।

DG वरुण कपूर का एक्शन: तीन निलंबित

शुक्रवार 26 दिसंबर 2025 को महानिदेशक वरुण कपूर खाचरौद जेल पहुँचे। उन्होंने करीब 3 घंटे तक बारीकी से निरीक्षण किया, CCTV फुटेज देखे और स्टाफ से पूछताछ की। उन्होंने मौके पर ही लापरवाही पाए जाने पर तीन लोगों को सस्पेंड करने के आदेश दिए:

  1. नवीन निनामा : प्रभारी जेलर (खाचरौद)

  2. राकेश कटारे: प्रहरी (जिसने चाबी सौंपी थी)

  3. मनोज चौरसिया: जेलर (नीमच में पदस्थ, जिनकी नियुक्ति खाचरौद में हुई थी लेकिन उन्होंने जॉइनिंग नहीं दी थी)

DG ने एडिशनल एसपी, एसडीओपी और टीआई की विशेष बैठक लेकर फरार बंदियों की तत्काल धरपकड़ के निर्देश दिए हैं।

प्रदेशभर की जेलों को होगा ऑडिट

डीजी जेल वरुण कपूर ने बताया कि मध्य प्रदेश की सभी जेलों में ऑडिट कराया जाएगा। इस ऑडिट का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जेल परिसरों में ऐसी कोई वस्तु मौजूद न हो, जो कैदियों को जेल तोड़ने या भागने में सहायता कर सके। कपूर ने कहा कि पहले भी ऑडिट होते रहे हैं, लेकिन अब इस प्रक्रिया को और सख्त तथा प्रभावी बनाया जाएगा।

“जेल स्टाफ की स्पष्ट लापरवाही सामने आई है। सुरक्षा नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। फरार बंदियों को जल्द पकड़ने के लिए पुलिस टीमों को लगाया गया है।” > — वरुण कपूर, महानिदेशक (जेल)


समाचार आज (samacharaaj.com) की विशेष रिपोर्ट।

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