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इंदौर के भागीरथपुरा में ‘मौत का पानी’, 14 की मौत, मेडिकल रिपोर्ट में दूषित पानी मुहर

भागीरथपुरा में दूषित पानी से 11 दिन में 1400 लोग हुए बीमार

इंदौर, समाचार आज। देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के भागीरथपुरा में पिछले 11 दिनों से मचा हाहाकार अब एक सरकारी कड़वी सच्चाई बन चुका है। दूषित पानी पीने से हुई 14 मौतों और करीब 1400 लोगों के संक्रमित होने के मामले पर अब मेडिकल कॉलेज की रिपोर्ट ने मुहर लगा दी है। जांच में पुष्टि हुई है कि पाइपलाइन में लीकेज के कारण पीने के पानी में सीवेज और जानलेवा बैक्टीरिया मिल गए थे, जो इस त्रासदी की मुख्य वजह बने।

मेडिकल रिपोर्ट ने खोली पोल: पानी में थे जानलेवा बैक्टीरिया

सीएमएचओ (CMHO) डॉ. माधव हसानी ने मीडिया को बताया कि महात्मा गांधी मेमोरियल (MGM) मेडिकल कॉलेज की लैब से पानी के नमूनों की जांच रिपोर्ट मिल गई है। रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि पानी में संक्रमण फैलाने वाले बैक्टीरिया मौजूद थे।

मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी स्वीकार किया कि भागीरथपुरा की पेयजल लाइन में सीवेज का पानी मिलने से हालात बिगड़े हैं। प्रारंभिक जांच में भागीरथपुरा चौकी के पास स्थित एक शौचालय के नीचे से गुजरी पाइपलाइन में लीकेज पाया गया है।

मानव अधिकार आयोग सख्त: मुख्य सचिव से दो सप्ताह में रिपोर्ट मांगी

इस बड़ी त्रासदी पर राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (NHRC) ने स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने कहा कि यह मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन का मामला है। शिकायतों के बावजूद अधिकारियों द्वारा कार्रवाई न करना चिंताजनक है। आयोग ने मध्य प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

भागीरथपुरा में भारी आक्रोश: महिलाओं ने घेरा मंत्री को

पिछले दिनों नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय स्कूटर पर सवार होकर भागीरथपुरा पहुंचे। वे मृतक परिवारों को 2-2 लाख रुपए के सहायता चेक देने आए थे, लेकिन उन्हें स्थानीय लोगों, विशेषकर महिलाओं के भारी विरोध का सामना करना पड़ा।

  • गुस्सा: महिलाओं ने चेक लेने से इनकार करते हुए कहा— “हमें आपका चेक नहीं चाहिए, हमारे परिजनों को लौटा दो।”

  • आरोप: स्थानीय निवासियों का कहना है कि पिछले दो साल से इलाके में गंदा पानी आ रहा है। कई बार पार्षद और अधिकारियों को शिकायत की गई, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया।

कांग्रेस ने साधा निशाना

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस विरोध का वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता बीमार है और मदद मांग रही है, लेकिन सत्ता के अहंकार में चूर मंत्री ने महिलाओं की बात तक नहीं सुनी और अपनी गाड़ी आगे बढ़ा ली।

इंदौर भागीरथपुरा त्रासदी – एक नजर में

विवरण आंकड़े / स्थिति
कुल मौतें 14 (पिछले 11 दिनों में)
संक्रमित मरीज 1400+ (उल्टी-दस्त और पेट दर्द की शिकायत)
मुख्य कारण पेयजल पाइपलाइन में सीवेज लीकेज (बैक्टीरिया इन्फेक्शन)
संक्रमण का केंद्र भागीरथपुरा पुलिस चौकी के पास का इलाका
सरकारी सहायता प्रति मृतक परिवार ₹2 लाख का मुआवजा (घोषित)
मानव अधिकार आयोग मध्य प्रदेश सरकार को नोटिस जारी (2 हफ्ते में जवाब मांगा)

 मौत की वजह: मेडिकल रिपोर्ट के 3 बड़े खुलासे

  1. प्राणघातक बैक्टीरिया: एमजीएम मेडिकल कॉलेज की रिपोर्ट में पानी के नमूनों में ऐसे बैक्टीरिया मिले हैं जो सीधे आँतों पर हमला कर शरीर में पानी की कमी (Dehydration) कर देते हैं।

  2. सीवेज मिक्सिंग: शौचालय के नीचे से गुजरने वाली मुख्य लाइन में लीकेज के कारण पीने का पानी पूरी तरह प्रदूषित हो गया।

  3. लंबे समय से अनदेखी: स्थानीय लोगों के अनुसार 2 साल से शिकायतें की जा रही थीं, लेकिन समय पर मरम्मत नहीं होने से यह जानलेवा स्थिति बनी।

🕯️ मृतकों की सूची (मुख्य नाम):

(प्रशासन द्वारा जारी शुरुआती जानकारी के अनुसार कुछ प्रमुख नाम)

  1. उर्मिला यादव, 60

  2. नंदलाल पाल, 75

  3. उमा कोरी, 31

  4. मंजुला, 74

  5. ताराबाई कोरी, 70

  6. गोमती रावत, 50

  7. सीमा प्रजापत, 50

  8. संतोष बिगोलिया

  9. जीवन लाल बारेदे, 80

  10. अव्यान साहू (5 महीने)

  11. अशोक लाल पंवार

  12. सुमित्रा बाई

  13. शंकर भाया, 70

  14. अरविंद लिखार

प्रशासन ने अभी सिर्फ इन नामों की पुष्टि की

 

  1. शांतिबाई (निवासी: भागीरथपुरा)

  2. रामचरण (निवासी: भागीरथपुरा)

  3. पूजा (22 वर्ष)

  4. अंकित (18 वर्ष)

(अन्य नामों की पुष्टि और पूर्ण सूची के लिए प्रशासन के आधिकारिक बुलेटिन का इंतज़ार है)


📢 जनहित में अपील (samacharaaj.com):

यदि आप भागीरथपुरा या आसपास के क्षेत्र में रहते हैं, तो कृपया:

  • पानी को उबालकर ही पिएं।

  • क्लोरीन की गोलियों का उपयोग करें।

  • उल्टी या पेट दर्द होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुँचें।


स्वच्छता में नंबर-1 शहर में बुनियादी सुविधाओं की ऐसी लापरवाही ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। 14 जानें जाने के बाद जागा प्रशासन अब क्या दोषियों पर कार्रवाई करेगा?

समाचार आज (samacharaaj.com) की विशेष रिपोर्ट।

 

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