सुसाइड के पहले ऐलान- ‘कल खेल खत्म मेरा…’ ‘जो इल्जाम बाकी रह जाए, कफन पर लिख देना’
उज्जैन में सुसाइड से पहले युवक का आखिरी स्टेटस

उज्जैन। बंगाली कॉलोनी में शनिवार 28 फरवरी 2026 की शाम खुद को गोली मार सुसाइड करने वाले बैतूल के युवक निखिल आहके के मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है। मौत को गले लगाने से ठीक पहले निखिल ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर दो बेहद भावुक और डरावने स्टेटस लगाए थे। इन पोस्ट्स से साफ झलकता है कि वह इस आत्मघाती कदम की तैयारी पहले ही कर चुका था।
इंस्टाग्राम पर लिखा-
पुलिस को जांच के दौरान निखिल की सोशल मीडिया एक्टिविटी में दो महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। सुसाइड से कुछ समय पहले उसने अपनी इंस्टाग्राम आईडी पर पोस्ट किया:
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पहला स्टेटस: “जो इल्जाम बाकी रह जाए, वो मेरे कफन पर लिख देना।”
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दूसरा स्टेटस: “कल खेल खत्म मेरा।”
प्यार का खौफनाक अंत: प्रेमिका ने नंबर ब्लॉक किया तो बैतूल से उज्जैन पहुंचा प्रेमी; बहन-जीजा के सामने खुद को मार ली गोली
मध्यप्रदेश के उज्जैन की बंगाली कॉलोनी में शनिवार 28 फरवरी की शाम एक सिरफिरे इश्क ने सनसनी फैला दी। बैतूल से अपनी प्रेमिका को मनाने उज्जैन आए एक युवक ने विवाद के बाद देशी पिस्टल से खुद के सीने में गोली मारकर आत्महत्या कर ली। घटना के वक्त प्रेमिका अपनी बड़ी बहन के घर आई हुई थी। पुलिस ने मौके से एक्टिवा स्कूटर और वारदात में इस्तेमाल हथियार बरामद कर लिया है।
कमरे में बंद किया और खींच दी ट्रिगर
सीएसपी दीपिका शिंदे के मुताबिक, मृतक की पहचान निखिल आहके (निवासी सारणी, बैतूल) के रूप में हुई है। निखिल शनिवार शाम करीब 6:30 बजे अपनी एक्टिवा (MP 48 ZC 8592) से बंगाली कॉलोनी निवासी विनय गायनी के घर पहुंचा। विनय की पत्नी (निखिल की प्रेमिका की बड़ी बहन) ने बताया कि निखिल अचानक घर में घुसा और उनकी छोटी बहन से बात करने की जिद करने लगा।
जब युवती ने बात करने से इनकार किया और उसे वहां से जाने को कहा, तो निखिल आपा खो बैठा। उसने आक्रोश में आकर दोनों बहनों को एक कमरे में बंद कर दिया और अगले ही पल बाहर गैलरी में खुद पर गोली चला दी। गोली की आवाज सुनकर दौड़े पड़ोसियों ने कमरा खोलकर बहनों को बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी।
डेढ़ साल का रिश्ता और ‘ब्लॉक’ नंबर की टीस
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि निखिल और युवती के बीच पिछले डेढ़ साल से प्रेम प्रसंग था। हाल ही में दोनों के बीच अनबन हुई, जिसके बाद युवती ने निखिल का नंबर ब्लॉक कर दिया और बातचीत बंद कर दी। युवती तीन दिन पहले ही उज्जैन अपने जीजा-बहन के घर आई थी। निखिल उसे ढूंढते हुए बैतूल से करीब 350 किलोमीटर का सफर तय कर एक्टिवा से ही उज्जैन पहुंच गया था।
4 फरवरी से घर से लापता था निखिल
रविवार सुबह पोस्टमार्टम के लिए उज्जैन पहुंचे निखिल के चाचा महेश और बहन ज्योति ने बताया कि निखिल 4 फरवरी 2026 से घर से बिना बताए निकला था। उसने परिजनों के नंबर भी ब्लॉक कर दिए थे। निखिल के पिता का डेढ़ साल पहले निधन हो चुका है और वह घर में अपनी मां, दादी और छोटे भाई-बहन के साथ रहता था। वह औद्योगिक प्लांट की मशीनरी का जानकार था और काम के सिलसिले में अमरावती गया था, जहां से वह सीधे उज्जैन चला आया।
जांच के घेरे में ‘पिस्तौल’
पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि एक सामान्य काम करने वाले युवक के पास देशी पिस्टल कहां से आई? क्या वह घर से ही जान देने या युवती को डराने के इरादे से हथियार लेकर निकला था? सीएसपी शिंदे ने बताया कि मामले की जांच जारी है और पिस्टल के स्रोत का पता लगाया जा रहा है।
इकलौता बेटा था निखिल, मां का सहारा छिना
निखिल के चाचा महेश आहके ने बताया कि वह अपने घर का इकलौता बेटा था। उसके पिता की मौत पहले ही हो चुकी थी। घर की पूरी जिम्मेदारी निखिल के कंधों पर थी। परिवार का खर्च उसकी दादी की पेंशन और उसकी मेहनत की कमाई से चलता था। निखिल की मौत की खबर सुनते ही उसकी मां पूरी तरह टूट गई हैं। वह 4 फरवरी 2026 से ही घर से यह कहकर निकला था कि वह काम पर जा रहा है, लेकिन उसने परिवार के सभी सदस्यों के नंबर ब्लॉक कर दिए थे।
इश्क का जुनून: 350 KM का सफर और आखिरी मुलाकात
निखिल अपनी प्रेमिका से इस कदर टूटा हुआ था कि वह बैतूल के सारणी से करीब 350 किलोमीटर स्कूटी चलाकर उज्जैन पहुंचा। सीसीटीवी फुटेज में उसे इलाके में स्कूटी से घूमते देखा गया है। वह सीधे प्रेमिका के जीजा के घर में घुसा और वहां मौजूद परिजनों को कमरे में बंद कर दिया ताकि कोई उसे रोक न सके। इसके बाद उसने अपने सीने पर पिस्तौल रखकर ट्रिगर दबा दिया।
जांच के मुख्य बिंदु:
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CCTV फुटेज: पुलिस को निखिल का आखिरी सीसीटीवी फुटेज मिला है, जिसमें वह वारदात से पहले कॉलोनी में नजर आ रहा है।
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पिस्तौल का राज: पुलिस अभी भी इस गुत्थी को सुलझाने में लगी है कि निखिल के पास वह देशी पिस्टल कहां से आई, जिससे उसने खुद की जान ली।
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सोशल मीडिया: इंस्टाग्राम के पोस्ट्स को ‘डाइंग डिक्लेरेशन’ (मृत्यु पूर्व कथन) के तौर पर देखा जा रहा है।



