खेत में पानी दे रहे किसान पर सियार का जानलेवा हमला: आधे घंटे तक संघर्ष, हालत गंभीर

उज्जैन, 17 नवंबर: उज्जैन के माकड़ोन थाना क्षेत्र के ग्राम दगवाड़ा में खेत पर पानी देने गए एक किसान पर सोमवार सुबह सियार ने अचानक हमला कर दिया, जिससे किसान बुरी तरह घायल हो गया। किसान ने अपनी जान बचाने के लिए करीब आधे घंटे तक सियार से संघर्ष किया। पिछले दो महीने में इस तरह की यह दूसरी घटना है।
उज्जैन के माकड़ोन थाना क्षेत्र के ग्राम दगवाड़ा में खेत पर पानी दे रहे एक किसान पर सोमवार तड़के सियार ने खूंखार हमला कर दिया। किसान बालूसिंह प्रजापति (47) ने अपनी जान बचाने के लिए करीब आधे घंटे तक अकेले संघर्ष किया, जिससे वह बुरी तरह जख्मी हो गए। यह इस इलाके में दो महीने के भीतर दूसरी ऐसी घटना है।
अंधेरे में हुआ जानलेवा अटैक
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सुबह 4 बजे की वारदात: बालूसिंह खेत में आराम कर रहे थे, तभी सियार ने उन पर अचानक हमला बोल दिया।
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बेटे ने बताया संघर्ष: बालूसिंह के बेटे राकेश प्रजापति ने बताया कि उनके पिता ने चिल्लाकर मदद मांगी और करीब 30 मिनट तक सियार से जूझते रहे।
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बचाव: आसपास के खेतों में काम कर रहे किसानों ने आवाज सुनकर मौके पर पहुंचकर सियार को भगाया और घायल बालूसिंह को चरक अस्पताल पहुंचाया।
हालत गंभीर: लापरवाही पर उठे सवाल
डॉक्टरों के अनुसार, सियार ने किसान के चेहरे और हाथ की उंगलियों को गहरे घाव दिए हैं और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।
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दोहराई गई घटना: राकेश प्रजापति ने बताया कि दगवाड़ा में दो महीने पहले भी सियार ने हमला किया था, जिसमें एक ग्रामीण घायल हुआ था।
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शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं: किसान परिवार ने आरोप लगाया कि वन विभाग और पुलिस को सूचना देने के बावजूद सियार को पकड़ने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की गई।
डीएफओ का बयान और विशेषज्ञों की चेतावनी
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डीएफओ अनुराग तिवारी ने कहा कि उन्हें हमले की सूचना नहीं मिली है, लेकिन मामले को दिखवाया जाएगा और अगर जानवर खतरनाक है तो टीम भेजी जाएगी।
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पशु चिकित्सक अभिनव सोनी ने चेताया कि सियार आमतौर पर इंसानों पर हमला नहीं करते। लेकिन अगर उन्हें रेबीज हो जाए, तो वे पागल होकर हमलावर बन जाते हैं, और उनके काटने से रेबीज नामक जानलेवा बीमारी हो सकती है। पीड़ित को तुरंत एंटी-रेबीज टीका लगवाने की सलाह दी गई है।



