Netflix से चोरी का आइडिया लिया, यूट्यूब-गुगल से चोरी का तरीका सीखा
Netflix से चोरी का आइडिया लेकर रतलाम पोस्ट ऑफिस से 9 ताले काट कर ₹7 लाख से ज्यादा उड़ाए

मध्यप्रदेश के रतलाम के मुख्य पोस्ट ऑफिस में 28 अगस्त 2025 को हुई 7 लाख 4 हजार 339 रुपए की सनसनीखेज चोरी का खुलासा हो गया है। आरोपी ने Netflix से चोरी का आइडिया लिया, यूट्यूब-गुगल से चोरी का तरीका सीखा। पुलिस ने 28 वर्षीय आरोपी अमृत सिंह सोलंकी को गिरफ्तार किया है, जिसकी आपराधिक चालों ने पुलिस के भी होश उड़ा दिए।
आरोपी ने चोरी की पूरी प्लानिंग ओटीटी प्लेटफॉर्म पर डकैती पर बनी फिल्में देखकर और गूगल-यूट्यूब पर सर्च करके सीखी थी। पुलिस ने आरोपी के साथ-साथ उसकी पत्नी और बहन को भी चोरी का माल छिपाने में सहयोग करने के आरोप में जेल भेज दिया है।
‘मनी हाइस्ट’ और ‘ज्वेल थीफ’ से लिया आइडिया
पूछताछ में बीसीए ग्रेजुएट आरोपी अमृत सिंह सोलंकी (उम्र 28 साल, निवासी बिनोली, जावरा) ने पुलिस को चौंकाने वाली कहानी बताई।
- कर्ज और मजबूरी: अमृत ने बताया कि मां की बीमारी और कर्जे से वह परेशान था। काम न मिलने के कारण उसने पहले आत्महत्या करने का सोचा, लेकिन बाद में चोरी का प्लान बनाया।
- ओटीटी से ट्रेनिंग: उसने ‘ज्वेल थीफ-द हीस्ट’ और ‘मनी हाइस्ट’ जैसी डकैती पर बनी फिल्में/वेब सीरीज देखीं। यहीं से उसे चोरी का आइडिया मिला।
- गूगल से ‘टाइमिंग’: उसने गूगल पर सर्च किया कि चोरी करने का सही समय क्या है, किस समय पुलिस की गश्त कम होती है और चोरी करने पर कितनी सज़ा हो सकती है।
- बैंक से पोस्ट ऑफिस तक: पहले उसने कड़ी सुरक्षा के कारण बैंक में सेंधमारी का विचार छोड़ दिया। इसके बाद उसने उसी पोस्ट ऑफिस को निशाना बनाया, जहां उसका खुद का अकाउंट था। पोस्ट ऑफिस की सुरक्षा और कैश की जानकारी उसे पहले से थी।
- ऑनलाइन मंगाया कटर: ताले काटने के लिए उसने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से 7 हजार रुपये में बैटरी वाला ग्राइंडर कटर मंगाया।
वारदात: 9 ताले काटे, चौकीदार की नींद का उठाया फायदा
आरोपी ने 28 अगस्त 2025 की रात चोरी की वारदात को अंजाम दिया:
- प्रवेश: चोर रात करीब 3:23 बजे रेन कोट पहनकर और मुंह पर कपड़ा बांधकर पोस्ट ऑफिस परिसर में बाउंड्रीवॉल कूदकर घुसा।
- चौकीदार: चौकीदार हरचंद रात 2 बजे पीछे जाकर सो गया था, जिसका फायदा चोर ने उठाया।
- सेंधमारी: उसने ग्राइंडर से चैनल गेट के 3 ताले और मेन गेट के 2 ताले काटे। कोषालय के गेट पर लगे 4 ताले भी काटे, लेकिन इंटरलॉक नहीं खुला।
- निकास: इंटरलॉक न खुलने पर उसने खिड़की की जाली ग्राइंडर से काटकर कोषालय में प्रवेश किया और एक पेटी से 7 लाख से अधिक रुपए चुरा लिए। एक अलमारी में रखे 50 लाख रुपए से अधिक की नकदी तक वह नहीं पहुंच पाया।
- भागने का तरीका: चोरी के बाद वह रात 4:26 बजे बाउंड्रीवॉल कूदकर बाहर निकला और पैदल रेलवे स्टेशन तक गया। पुलिस को गुमराह करने के लिए वह ऑटो से बाल चिकित्सालय आया और यहां खड़ी अपनी बाइक लेकर फरार हो गया।
ऐसे गिरफ्त में आया ‘ऑनलाइन’ चोर
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के मार्गदर्शन में 4 टीमों का गठन किया गया। पुलिस ने 72 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद 1000 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले और एक क्लू की मदद से आरोपी तक पहुंची-
- पहला क्लू: सब्बल और मार्का: चोर द्वारा मौके पर छोड़े गए सब्बल (रॉड) पर ‘चैसे कंपनी’ का मार्का था। पुलिस ने पता लगाया कि यह सब्बल जावरा के आस-पास ही बनती है, जिससे चोर के स्थानीय होने का शक गहरा गया।
- दूसरा क्लू: रेन कोट और बाइक: चोरी के अगले दिन आरोपी जावरा के अरनियापीथा मंडी में एक भंडारे में शामिल हुआ। भंडारे की सीसीटीवी फुटेज में वह बारिश के कारण वही नीले रंग का रेन कोट पहने दिखा, जिसके पीछे तीन चमकती पट्टियाँ थीं। उसी फुटेज में उसकी बाइक भी कैद हुई। रेन कोट और बाइक समान होने से पुलिस का शक यकीन में बदल गया।
- टेक्निकल जांच: पुलिस ने शहर के प्रवेश मार्गों और ऑटो चालक से पूछताछ के आधार पर चोर का रूट ट्रैक किया। पता चला कि चोर बाल चिकित्सालय से बाइक लेकर सीधे अपने गांव बिनोली गया।
मुखबिरों की सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस गांव पहुंची और अमृत सिंह सोलंकी को गिरफ्तार किया।
पत्नी और बहन ने छिपाए थे रुपए, तीनों जेल भेजे गए
पुलिस जब अमृत के घर पहुंची तो पत्नी अनीता सोलंकी (22) और बहन पपीता (22) ने चोरी की बात से इनकार कर दिया। बाद में पुलिस ने दोबारा दबिश दी और सख्ती दिखाई।
- पत्नी अनीता बिस्तर पर लेटी थी, तलाशी लेने पर उसके कपड़ों के अंदर रुपए छिपाए हुए मिले।
- पुलिस ने पलंग, कपड़े और डिब्बे में छिपाकर रखे गए चोरी के रुपए (बरामद माल) बरामद कर लिए।
- चोरी के माल को छिपाने में सहयोग करने के आरोप में पुलिस ने अमृत के साथ उसकी पत्नी अनीता और बहन पपीता को भी आरोपी बनाया और तीनों को जेल भेज दिया है।
पुलिस ने बताया कि इस मामले की जांच की जा रही है कि आरोपी का संपर्क कंजरों के गिरोह से था या नहीं, क्योंकि उसने पहले भी उनके साथ भैंस चोरी की थी।



