चाइना डोर से मौत हुई तो दर्ज होगा हत्या’ का केस; बच्चे उड़ाएंगे तो पिता जाएंगे जेल, 3 जिलाबदर
चाइना डोर पर हाई कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला:

इंदौर/उज्जैन, समाचार आज। मकर संक्रांति से ठीक पहले इंदौर हाई कोर्ट ने खूनी चाइना डोर को लेकर अब तक का सबसे कड़ा रुख अपनाया है। सोमवार 12 जनवरी 2026 को हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि प्रतिबंध के बावजूद मौतें होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। अब प्रशासन केवल जुर्माना या मामूली धाराओं में कार्रवाई नहीं करेगा, बल्कि सीधे जेल भेजने की तैयारी है।
कोर्ट के 3 सबसे बड़े और सख्त निर्देश:
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गैर-इरादतन हत्या (Section 106): यदि चाइनीज मांझे की वजह से किसी की मौत होती है, तो इसे सामान्य हादसा नहीं माना जाएगा। जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ बीएनएस (BNS) की धारा 106(1) के तहत ‘गैर-इरादतन हत्या’ का केस दर्ज होगा।
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अभिभावकों पर होगी FIR: कोर्ट ने ऐतिहासिक निर्देश देते हुए कहा कि यदि कोई नाबालिग (बच्चा) चाइनीज मांझे से पतंग उड़ाते पकड़ा गया, तो उसके माता-पिता या अभिभावक जिम्मेदार माने जाएंगे और उन्हीं के खिलाफ कानूनी प्रकरण दर्ज किया जाएगा।
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14 जिलों से मांगी रिपोर्ट: हाई कोर्ट की सीमा में आने वाले उज्जैन सहित सभी 14 जिलों के कलेक्टर्स से अब तक की गई कार्रवाई और संक्रांति के लिए बनाई गई ‘एक्शन प्लान’ की रिपोर्ट तलब की गई है।
कलेक्टर शिवम वर्मा कोर्ट में हुए पेश
सुनवाई के दौरान इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा व्यक्तिगत रूप से उपस्थित थे। कोर्ट ने उनसे पूछा कि बार-बार आदेश के बाद भी यह खूनी मांझा बाजार में कैसे बिक रहा है? अगली सुनवाई 16 जनवरी को होगी, जिसमें प्रशासन को अब तक हुई गिरफ्तारियों और जब्ती का पूरा ब्यौरा देना होगा।
भरी कोर्ट में एडवोकेट ने सुनाई आपबीती: “गले से बहने लगा था खून”
सुनवाई के दौरान एडवोकेट कविता उइके ने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि पिछले दिनों वे अपनी बेटी के साथ जा रही थीं, तभी चाइनीज डोर उनके गले में फंस गई। उन्होंने गला बचाने के लिए जैसे ही डोर को हाथ से पकड़ा, उनकी हथेली बुरी तरह कट गई और काफी खून बहने लगा। वे बेहोश होने वाली थीं कि लोगों ने उन्हें अस्पताल पहुँचाया। उनकी बात सुनकर कोर्ट ने गहरी संवेदना व्यक्त की और शासन को ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाने को कहा।
चाइना डोर के सौदागरों पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’: इंदौर में 3 आरोपी जिलाबदर
हाई कोर्ट की फटकार और शहर में हो रहे जानलेवा हादसों के बाद पुलिस प्रशासन अब ‘एक्शन मोड’ में आ गया है। इंदौर पुलिस कमिश्नर ने प्रतिबंधित चाइनीज मांझे के कारोबार और इससे जुड़े अवैध कामों में लिप्त 10 लोगों के खिलाफ रासुका और जिलाबदर जैसी कड़ी कार्रवाई की है। यह उन लोगों के लिए कड़ा संदेश है जो चंद रुपयों के लालच में लोगों की जान जोखिम में डाल रहे हैं।
3 आरोपी शहर से बाहर (जिलाबदर)
पुलिस ने चाइना डोर के अवैध धंधे में सक्रिय तीन शातिर आरोपियों को इंदौर की सीमा से बाहर का रास्ता दिखा दिया है:
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इरफान उर्फ इफ्तेखार (ग्रीन पार्क कॉलोनी): 1 साल के लिए जिलाबदर।
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तनवीर उर्फ तन्नू (हिना पैलेस कॉलोनी): 6 माह के लिए जिलाबदर।
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रोहित धनगर (मेघदूत नगर): 6 माह के लिए जिलाबदर।
7 बदमाशों को अब रोज खानी होगी ‘थाने की हवा’
जिलाबदर के अलावा पुलिस कमिश्नर ने 7 अन्य आरोपियों के खिलाफ ‘हाजिरी’ का कड़ा आदेश जारी किया है। इन्हें अब हर दिन संबंधित थाने में जाकर अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी:
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प्रतिदिन 1 साल तक हाजिरी: रवि उर्फ काला, सलमान कुरैशी और मोहित उर्फ बिट्टू।
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प्रतिदिन 6 माह तक हाजिरी: मनीष अग्रवाल, राहुल सोलंकी, अमन उर्फ ऋषिराज और समीर उर्फ सोनू।
प्रशासन का सख्त संदेश: “सुधर जाओ या जेल जाओ”
एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया के अनुसार, पुलिस की यह कार्रवाई केवल शुरुआत है। मकर संक्रांति से पहले उन सभी पुराने अपराधियों की लिस्ट निकाली गई है जो पूर्व में प्रतिबंधित डोर बेचने या उसका स्टॉक करने में पकड़े गए थे।
कार्रवाई का असर:
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हॉटस्पॉट पर नजर: ग्रीन पार्क, खजराना और भवानी नगर जैसे इलाकों में विशेष टीमें तैनात की गई हैं।
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रिकॉर्ड चेकिंग: जिन आरोपियों को हाजिरी का आदेश मिला है, यदि वे एक दिन भी गायब हुए, तो उनके खिलाफ तुरंत जेल भेजने की कार्रवाई की जाएगी।
इंदौर-उज्जैन संभाग: अब तक का बड़ा एक्शन
| कार्रवाई का प्रकार | संख्या | मुख्य आरोपी |
| जिलाबदर | 03 | इरफान, तनवीर, रोहित |
| थाने में हाजिरी | 07 | मनीष, राहुल, अमन, समीर व अन्य |
| FIR (नई धाराएं) | 10+ | खूनी मांझे के उपयोग और बिक्री पर |
विशेष चेतावनी:
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दुकानदार सावधान: यदि दुकान में एक भी चकरी मिली, तो दुकान सील होने के साथ जेल जाना तय है।
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अभिभावक ध्यान दें: अपने बच्चों को केवल सूती धागा (सद्दी) ही दिलाएं। आपकी एक लापरवाही आपको थाने पहुँचा सकती है।
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ड्रोन से नजर: उज्जैन और इंदौर में 14 जनवरी को पुलिस ड्रोन और दूरबीन से छतों की निगरानी करेगी।
जानिए क्या है धारा 106(1) और कितनी हो सकती है सजा?
हाई कोर्ट ने अब ‘चाइनीज मांझे’ को केवल एक प्रतिबंधित वस्तु नहीं, बल्कि ‘हथियार’ की श्रेणी में माना है। इसीलिए अब BNS (भारतीय न्याय संहिता) की धारा 106(1) के तहत कार्रवाई होगी:
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सजा का प्रावधान: इस धारा के अंतर्गत दोषी पाए जाने पर 05 से 10 साल तक की जेल और भारी जुर्माने का प्रावधान है।
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गैर-जमानती प्रकृति: यह एक गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है, जिसमें आसानी से जमानत नहीं मिलती।
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अभिभावकों पर गाज: यदि घर की छत पर नाबालिग बच्चा इस मांझे का इस्तेमाल करता मिला, तो कानून यह मानेगा कि अभिभावकों ने उसे यह ‘खूनी हथियार’ उपलब्ध कराया है। ऐसी स्थिति में माता-पिता को जेल जाना पड़ सकता है।
मकर संक्रांति पर ’14 जिलों’ में हाई अलर्ट
हाई कोर्ट में न्यायमित्र (Amicus Curiae) सीनियर एडवोकेट विवेक शरण और आकाश शर्मा ने कोर्ट को सुझाव दिया कि केवल इंदौर-उज्जैन ही नहीं, बल्कि संभाग के सभी 14 जिलों में एक जैसी सख्ती होनी चाहिए।
कोर्ट ने प्रशासन से मांगी ‘एक्शन रिपोर्ट’:
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कार्ययोजना: मकर संक्रांति (14 जनवरी) को होने वाली पतंगबाजी को रोकने के लिए प्रशासन ने क्या इंतजाम किए हैं? क्या पुलिस ड्रोन, दूरबीन और विशेष सुरक्षा तारों (Bridge Safety Wires) का उपयोग कर रही है?
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16 जनवरी को बड़ी सुनवाई: संक्रांति के ठीक दो दिन बाद प्रशासन को इन सभी 14 जिलों की ‘ग्राउंड रिपोर्ट’ कोर्ट में पेश करनी होगी। यदि इस दौरान कोई अप्रिय घटना हुई, तो संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों पर भी गाज गिर सकती है।
संक्रांति स्पेशल: सुरक्षा चेकलिस्ट
| क्या करें? (Do’s) | क्या न करें? (Don’ts) |
| केवल सूती मांझे (Cotton Thread) का उपयोग करें। | नायलॉन या प्लास्टिक (चाइनीज) डोर को हाथ भी न लगाएं। |
| बाइक चलाते समय गले में मफलर या गार्ड पहनें। | बाइक की रफ़्तार 30-40 किमी/घंटा से अधिक न रखें। |
| पक्षियों के घायल होने पर हेल्पलाइन को सूचित करें। | बिजली के तारों में फंसी पतंग निकालने की कोशिश न करें। |
| बच्चों की पतंगबाजी पर कड़ी नजर रखें। | दुकानों से चोरी-छिपे बिकने वाली डोर न खरीदें। |
हाई कोर्ट का यह आदेश उन लोगों के लिए कड़ा सबक है जो चंद रुपयों के लालच में दूसरों की गर्दन दांव पर लगा देते हैं। अब नायलॉन डोर का मतलब सीधे जेल की सलाखें हैं।



