महाकाल गर्भगृह में विवाद के बाद संत और पुजारी पर 15 दिन का बैन, मंदिर प्रवेश पर लगी रोक

उज्जैन, 26 अक्टूबर: महाकालेश्वर मंदिर के गर्भगृह में बुधवार सुबह हुए संत और पुजारी के विवाद पर मंदिर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। महंत महावीर नाथ और मंदिर के पुजारी महेश शर्मा (महेश गुरु) दोनों के मंदिर परिसर में प्रवेश पर 15 दिनों के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया है। तीन सदस्यीय जांच दल की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर दोनों को 15 दिनों तक विशेष मार्गों से प्रवेश और गर्भगृह व नंदी हॉल में प्रवेश से प्रतिबंधित कर दिया गया है। इस दौरान वे किसी भी पूजा-पाठ में सम्मिलित नहीं हो सकेंगे और केवल सामान्य श्रद्धालुओं की तरह दर्शन कर पाएंगे।
बुधवार 22 अक्टूबर सुबह लगभग 8 बजे, ऋणमुक्तेश्वर मंदिर के महंत महावीर नाथ अपने कुछ साथियों के साथ महाकाल गर्भगृह में प्रवेश किए थे। इसी दौरान, मंदिर के नियमों को लेकर महंत महावीर नाथ और पुजारी महेश शर्मा के बीच तीखी बहस हो गई। विवाद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें दोनों पक्ष एक-दूसरे से भिड़ते हुए नजर आ रहे थे, विवाद के दौरान हुई धक्का-मुक्की में पुजारी महेश शर्मा नीचे गिर गए थे। विवाद गर्भगृह से शुरू होकर नंदी हॉल तक पहुंच गया था, जहां सुरक्षाकर्मियों ने बीच-बचाव कर दोनों को अलग किया।
4 दिन बाद मंदिर प्रशासन का फैसला
घटना के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराकर कार्रवाई की मांग की थी। घटना के चार दिन बाद, मंदिर प्रशासन ने विवाद को गंभीरता से लेते हुए महंत महावीर नाथ और पुजारी महेश शर्मा (महेश गुरु) दोनों को 15 दिन के लिए महाकाल मंदिर में प्रवेश करने से प्रतिबंधित कर दिया है। यह कार्रवाई मंदिर की मर्यादा और व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से की गई है।
यह था मामला
महाकालेश्वर मंदिर के गर्भगृह में पूजा के दौरान बुधवार को गोरखपुर के महंत शंकरनाथ महाराज और उज्जैन ऋणमुक्तेश्वर के महंत महावीर नाथ महाराज की महाकाल मंदिर के पुजारी महेश शर्मा से तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की हो गई। यह विवाद संत की पहनावे और सिर पर बंधा कपड़ा उतारकर प्रवेश करने को लेकर हुआ। गोरखपुर के महंत शंकरनाथ महाराज और उज्जैन के महंत महावीर नाथ महाराज पूजा करने के लिए मंदिर के गर्भगृह में गए थे। इसी दौरान, मंदिर के पुजारी महेश शर्मा ने उन्हें सिर पर बंधा कपड़ा उतारकर प्रवेश करने के लिए कहा, जिस पर विवाद शुरू हो गया। दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जो जल्द ही धक्का-मुक्की में बदल गई। इस घटना के बाद मंदिर के पुजारी महेश शर्मा ने मीडिया से चर्चा में बताया कि महाकाल मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश के लिए एक ड्रेस कोड बना हुआ है, जिसका पालन सभी को करना होता है। उन्होंने कहा कि बाहर से आए संत को उसी ड्रेस कोड का पालन करने के लिए कहा गया था, लेकिन वहां मौजूद महंत महावीर ने कथित रूप से अपशब्दों का प्रयोग करते हुए अभद्र व्यवहार शुरू कर दिया। वहीं महंत महावीर नाथ के अनुसार साधु संत किसी भी वेशभूषा में दर्शन करने के लिए मंदिर में जा सकते हैं, जो उन्होंने जो पगड़ी धारण की है वो सब महाकाल बाबा की देन है। महामंडलेश्वर संत किसी भी वेशभूषा में मंदिर के गर्भगृह में दर्शन करने जा सकते हैं। उन पर कोई पाबंदी नहीं होनी चाहिए।



