उज्जैन में बैंक मैनेजर और प्रापर्टी डीलर हैं 4 करोड़ की डिजिटल ठगी में आरोपी, खाते में करोड़ों का लेनदेन

उज्जैन, 23 नवंबर: इंदौर में एक रिटायर्ड मेडिकल ऑफिसर को ‘डिजिटल अरेस्ट’ और मनी लॉन्ड्रिंग का डर दिखाकर ₹4 करोड़ 32 लाख की ठगी करने वाले हाई-प्रोफाइल गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। इंदौर साइबर सेल ने इस मामले में ठगी की रकम ट्रांसफर करने वाले तीन अकाउंट होल्डरों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से दो आरोपी उज्जैन से हैं।
जानकारी के मुताबिक आरोपी सादिक पिता अहसान पटेल निवासी विजयागंज मंडी (ग्राम पंथमूंडला) उज्जैन में सीएफसी बैंक में मैनेजर है। फ्रीगंज में बैंक की ब्रांच है और यह गोल्ड लोन में डील करती है। बैंकों से जुड़े सूत्र बताते हैं कि सादिक पिछले करीब एक सप्ताह से गायब था। जब बैंक को इस घटना की जानकारी लगी तो उसे नौकरी से बाहर कर दिया गया। वहीं दूसरा आरोपी शाहिद खान हेलावाड़ी जानसापुरा में रहता है। परिजन व रिश्तेदार नगर निगम में सफाई कर्मचारी हैं। खुद प्रापर्टी का काम करता है और अकसर मदीना मस्जिद के पास घूमता दिखाई देता है। सूत्रों का कहना है कि शाहिद के भतीजे ने अपने दोस्त के लिए शाहिद के खातों को किराए पर लिया था। जब इसमें लाखों-करोड़ों के लेनदेन हुए और बैंक खाता सीज हुआ तो शाहिद ने पुलिस को इसकी सूचना भी दी थी। जीवाजीगंज पुलिस ने बताया कि शाहिद के बारे में फिलहाल कोई अपराध उज्जैन में दर्ज नहीं है।
बदमाशों ने शातिर तरीके से रिटायर्ड अफसर को फंसाया
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TRAI का डर: उन्हें खुद को TRAI अधिकारी बताकर धमकाया गया कि उनके मोबाइल नंबर आपराधिक गतिविधियों में इस्तेमाल हो रहे हैं।
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नरेश गोयल कनेक्शन: उन्हें ₹538 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग केस और जेट एयरवेज के पूर्व चेयरमैन नरेश गोयल के साथ जोड़ा गया।
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ऑनलाइन ‘कोर्ट’: फर्जी वीडियो कॉल के माध्यम से उन्हें एक ऑनलाइन ‘कोर्ट रूम’ में पेश किया गया और संपत्ति की जानकारी लेकर जुर्माने के तौर पर अलग-अलग खातों में 6 दिनों के भीतर ₹4.32 करोड़ डलवा लिए गए।
- जब अफसर अपनी बची-खुची एफडी तुड़वाने बैंक पहुंचे, तो बैंक अधिकारी को शक हुआ और उन्होंने साइबर क्राइम को सूचित किया, जिससे यह रैकेट पकड़ा गया।
उज्जैन कनेक्शन और आरोपियों का खुलासा
साइबर सेल ने जिन अकाउंट होल्डरों को गिरफ्तार किया है, उनके प्रोफेशन चौंकाने वाले हैं:
| आरोपी | उज्जैन में प्रोफाइल | ठगी में भूमिका |
| सादिक पटेल | सीएफसी बैंक में मैनेजर (फ्रीगंज ब्रांच, गोल्ड लोन डीलिंग) | ठगी की रकम इसके खाते में ट्रांसफर हुई। बैंक से जुड़ा होने के कारण यह कनेक्शन अहम है। |
| शाहिद खान | प्रॉपर्टी डीलर (जानसापुरा निवासी) | साइबर सेल को इसके खाते में करोड़ों के लेनदेन के सबूत मिले। इसने उधारी पर किसी दोस्त को अपना खाता किराए पर दिया था। |
| सोहेल | रतलाम निवासी (भोपाल में किराए पर रहता था) | तीसरा अकाउंट होल्डर। |
गिरफ्तारी के बाद बैंक मैनेजर सादिक पटेल को उसकी नौकरी से निकाल दिया गया है। पुलिस अब इन खातों के किराए पर दिए जाने और करोड़ों के लेनदेन की गहराई से जांच कर रही है।



