महाकाल के पास होटल में छिपे थे अंतरराज्यीय बदमाश, संचालक ने पुलिस से छिपाई जानकारी; अब दर्ज हुई FIR
उज्जैन। धार्मिक नगरी उज्जैन में श्रद्धालुओं की आड़ में छिपे अपराधियों पर नकेल कसने के लिए पुलिस प्रशासन सख्त हो गया है। महाकाल थाना पुलिस ने हरसिद्धि मार्ग (कहारवाड़ी) स्थित होटल मंगलम के संचालक विजय कसेरा के खिलाफ कलेक्टर के आदेशों के उल्लंघन का मामला दर्ज किया है। होटल संचालक की लापरवाही के कारण तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के बदमाशों को शहर में वारदात करने के बाद छिपने की सुरक्षित जगह मिल गई थी।
CCTV ने खोला बदमाशों और होटल का कनेक्शन
पिछले कुछ दिनों से शहर के नानाखेड़ा, माधवनगर और महाकाल थाना क्षेत्रों में दहशत का माहौल था। गिरोह के सदस्य खड़ी कारों के कांच फोड़कर उनमें रखे कीमती बैग और सामान चोरी कर रहे थे। पुलिस ने जब सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले, तो पता चला कि:
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वारदात करने वाले बदमाश तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के शातिर गिरोह के सदस्य थे।
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वे कहारवाड़ी स्थित होटल मंगलम में रुके हुए थे।
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बदमाश दिनभर शहर में रेकी करते थे और रात को वारदातों को अंजाम देकर चुपचाप होटल लौट जाते थे।
कलेक्टर के आदेशों की धज्जियां उड़ाई
उज्जैन में सुरक्षा की दृष्टि से कलेक्टर के स्पष्ट और कड़े आदेश हैं कि सभी होटल, लॉज और धर्मशाला संचालकों को अपने यहाँ ठहरने वाले प्रत्येक बाहरी यात्री का आईडी रिकॉर्ड और सूचना प्रतिदिन स्थानीय पुलिस थाने को देनी होगी।
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होटल मंगलम के संचालक ने यात्रियों की जानकारी पुलिस पोर्टल पर दर्ज नहीं की।
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जानकारी छिपाने के कारण ही पुलिस समय रहते बदमाशों तक नहीं पहुँच सकी।
पुलिस की कार्रवाई: धारा 188 के तहत मामला दर्ज
होटल संचालक विजय कसेरा की इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए पुलिस ने धारा 188 (लोक सेवक के आदेश की अवहेलना) के तहत प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई अन्य होटल संचालकों के लिए भी एक सबक है जो सुरक्षा नियमों की अनदेखी करते हैं।
होटल संचालक और यात्री ध्यान दें!
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संचालकों के लिए: बाहरी यात्रियों का विवरण ‘सराय एक्ट’ और पुलिस नियमों के तहत अनिवार्य रूप से ऑनलाइन दर्ज करें।
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यात्रियों के लिए: किसी भी होटल में रुकने पर अपनी असली आईडी (आधार कार्ड/पहचान पत्र) ही दें और यह सुनिश्चित करें कि आपका इंद्राज सही तरीके से किया गया है।
समाचार आज (samacharaaj.com)



