उज्जैन : प्लॉट पर अपनों के कब्जे से दु:खी बुजुर्ग ने दी जान, 11 परिजनों पर एफआईआर

उज्जैन, समाचार आज। उज्जैन जिले के सुमराखेड़ा गांव में एक बुजुर्ग की मौत ने रिश्तों की कड़वाहट और पारिवारिक प्रताड़ना की दर्दनाक कहानी बयां की है। अपने ही हिस्से की जमीन के लिए अपनों से जंग हार चुके 70 वर्षीय प्रभुलाल ने जहर खाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। पुलिस ने जांच के बाद मृतक के चचेरे भाई के परिवार के 11 सदस्यों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है।
यह पूरा मामला 28 नवंबर 2025 का है, जब प्रभुलाल (70 वर्ष) का शव बरामद हुआ था। पुलिस को उनके पास से एक पत्र मिला, जिसने पूरे गांव को चौंका दिया।
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विवाद की वजह: पैतृक जमीन के बंटवारे में प्रभुलाल के हिस्से में 450 वर्ग फीट का एक प्लॉट आया था। बुजुर्ग ने पत्र में लिखा कि उनके चचेरे भाई के परिवार ने उस प्लॉट पर कब्जा कर लिया है और उसे खाली नहीं कर रहे हैं। पत्र में आरोप लगाया गया कि जमीन हड़पने के साथ-साथ परिवार के सदस्य उन्हें लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे, जिससे तंग आकर उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठाया।
इन 11 लोगों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई
झारड़ा पुलिस ने सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग की जांच और परिजनों के बयान दर्ज करने के बाद 5 जनवरी 2026 को आरोपियों के खिलाफ शिकंजा कसा है।
आरोपियों के नाम: नंदू, तेजूलाल, मोहनबाई, सुगनबाई, शांताबाई, नारायण, मुकेश, संदीप, पंकज, देवीलाल और भेरूलाल। पुलिस ने इन सभी 11 लोगों के विरुद्ध धारा 108 (BNS) (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
रिश्तों के कत्ल की एक और कहानी
गांव में इस घटना के बाद से ही मातम और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि बुजुर्ग प्रभुलाल सरल स्वभाव के थे, लेकिन प्लॉट के छोटे से टुकड़े के लिए परिवार के इतने सदस्यों द्वारा उन्हें परेशान करना बेहद शर्मनाक है। फिलहाल पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है।



