उज्जैन

चाइना डोर से पतंग उड़ाने वाले भी जाएंगे जेल; 2 गिरफ्तार

चाइना डोर की संक्रांति पर ड्रोन से होगी निगरानी

उज्जैन, समाचार आज। मकर संक्रांति से पहले शहर में प्रतिबंधित चाइना डोर (नायलॉन डोर) के खिलाफ पुलिस ने अपना शिकंजा और कस दिया है। अब तक केवल डोर बेचने वालों पर कार्रवाई हो रही थी, लेकिन रविवार 11 जनवरी 2026 को उज्जैन पुलिस ने इतिहास में पहली बार पतंग उड़ाने वालों पर भी केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया है।

तिरुपति एवेन्यू और मोहन नगर में कार्रवाई

चिमनगंज मंडी और महाकाल थाना पुलिस की टीमों ने रविवार को विभिन्न इलाकों में सर्चिंग अभियान चलाया। इस दौरान:

  1. चित्रांश सक्सेना (25 वर्ष) पिता इंद्रकुमार सक्सेना: तिरुपति एवेन्यू के गार्डन में नायलॉन डोर से पतंग उड़ाते रंगे हाथों पकड़े गए।

  2. ईशान शर्मा (28 वर्ष) पिता बसंतीलाल : मोहन नगर गली नंबर 3 में प्रतिबंधित डोर का इस्तेमाल करते हुए गिरफ्तार किए गए। पुलिस अब केवल दुकानों की तलाशी नहीं ले रही, बल्कि मैदानों और छतों पर जाकर डोर की जांच कर रही है।

अगले 8 दिन ‘डेंजर जोन’: इंदौर जैसे हादसों से बचें

इंदौर में पिछले दो दिनों में चाइना डोर ने कहर बरपाया है। महज 4 घंटे में तीन बाइक सवारों के गले कट गए, जिनमें से एक की हालत गंभीर है (डोर रीढ़ की हड्डी तक पहुँच गई)। उज्जैन वासी इन सुझावों पर अमल करें:

  • मफलर और हेलमेट: दुपहिया वाहन चलाते समय गले में मोटा मफलर बांधें और हेलमेट जरूर पहनें।

  • बच्चों की सुरक्षा: बच्चों को बाइक पर आगे बिल्कुल न बैठाएं।

  • गति पर नियंत्रण: पुलों (Bridge) से गुजरते समय वाहन की गति धीमी रखें।

जीरो पॉइंट ब्रिज पर टूटे तार बढ़ा रहे खतरा

शहर के जागरूक नागरिकों और प्रशासन ने ब्रिजों पर लोहे के सुरक्षा तार बांधे थे, ताकि डोर वाहन चालकों के गले तक न पहुँचे। लेकिन जीरो पॉइंट ब्रिज पर कई जगह तार टूट चुके हैं। मक्सी रोड, चिंतामन और बडनगर रोड के ब्रिजों पर अभी तक तार नहीं लगाए गए हैं, जो बड़े हादसे को आमंत्रण दे सकते हैं।

क्यों जानलेवा है चाइना डोर?

  • मैटेलिक कोटिंग: इसमें कांच और लोहे के महीन चूरे का इस्तेमाल होता है।

  • स्ट्रेचेबल: नायलॉन होने के कारण यह टूटता नहीं, बल्कि मांस को चीर देता है।

  • करंट का खतरा: धात्विक पाउडर होने के कारण बिजली के तारों के संपर्क में आते ही पतंग उड़ाने वाले को करंट लग सकता है।

पुलिस की अनोखी पहल: बच्चों को दिलाई शपथ

महाकाल थाना टीआई गगन बादल के नेतृत्व में तोपखाना क्षेत्र में दुकानों की सर्चिंग की गई। पुलिस ने न केवल मांझे को हाथ से तोड़कर परखा, बल्कि वहां मौजूद बच्चों को ‘चाइना डोर का उपयोग न करने’ की शपथ भी दिलाई। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अब दूरबीन और ड्रोन के जरिए छतों पर नजर रखी जाएगी। मकर संक्रांति पर होने वाली पतंगबाजी को देखते हुए महाकाल थाना पुलिस ने तोपखाना स्थित कई दुकानों पर सर्चिंग की। इस दौरान पुलिस बल ने दुकानों पर पहुंचकर मांझे को हाथ से तोड़कर देखा। दुकानदार को समझाइश दी और क्षेत्र में मौजूद बच्चों को चाइनीज मांझा उपयोग नहीं करने की शपथ भी दिलवाई। टीआई गगन बादल ने बताया कि चाइना डोर को लेकर लगातार समझाइश दे रहे हैं। प्रतिबंधित चाइना डोर के क्रय-विक्रय और उपयोग में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कार्यवाही की जा रही है। लगातार चेकिंग भी कर रहे हैं।

प्रदेश में एकसाथ सख्ती नहीं, इसलिए मिल रही चाइना डोर

इंदौर-उज्जैन संभाग में एक महीने से चायना डोर की बिक्री-उपयोग पर प्रतिबंध है और पकड़े जाने पर कड़ी सजा के प्रावधान है। उज्जैन में तो प्रशासन सतर्क है लेकिन इंदौर मेें ढील बरती गई। परिणाम सामने है। इंदौर से दूसरे शहरों में भी चायना डोर आसानी से पहुंचती रही। इसी तरह प्रदेश के अन्य जिलों में भी चायना डोर पर सख्ती नहीं बरती गई। इस कारण चायना डोर पर पूरी तरह कंट्रोल नहीं हुआ। इंदौर हाई कोर्ट के स्पष्ट आदेशों के बावजूद इंदौर और उज्जैन संभाग में चाइनीज डोर की बिक्री पर पूरी तरह रोक नहीं लग पाई है। मंगलवार को इस मामले की सुनवाई होनी है, जिसमें डिविजन बेंच के सामने प्रशासन को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी होगी। अदालत ने स्वत: संज्ञान लेते हुए पुलिस और प्रशासन से जवाब तलब किया था।

समाचार आज (samacharaaj.com) की अपील: आपकी एक छोटी सी लापरवाही किसी की जान ले सकती है। केवल सूती धागे (मांझे) का प्रयोग करें और सुरक्षित संक्रांति मनाएं।

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