
उज्जैन/रतलाम। उज्जैन और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले हजारों रेलकर्मियों और पेंशनर्स के लिए खुशखबरी है। वर्ष 2026 में उज्जैन को ‘सब डिविजनल हेल्थ यूनिट’ (अस्पताल) की सौगात मिलने जा रही है। लगभग 9 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस 16 बिस्तर के अस्पताल का निर्माण सिंहस्थ 2028 से काफी पहले पूरा कर लिया जाएगा।
नव वर्ष के उपलक्ष्य में ‘ऑल इंडिया रेलवे पेंशनर्स वेलफेयर फेडरेशन’ के प्रतिनिधियों से मुलाकात के दौरान रतलाम मंडल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेश कुमार बेन ने इस महत्वपूर्ण परियोजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि:
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क्षमता: यह अस्पताल 16 बिस्तर का होगा, जहाँ 4 नियमित डॉक्टर तैनात रहेंगे।
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बजट: रेलवे बोर्ड को 9 करोड़ का प्रस्ताव भेजा गया है, जिसकी प्रारंभिक संरचना के लिए बजट प्राप्त हो चुका है।
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निविदा: औपचारिक स्वीकृति मिलते ही जल्द ही टेंडर (निविदा) आमंत्रित किए जाएंगे।
इन क्षेत्रों के हजारों लोगों को होगा सीधा लाभ
वर्तमान में रतलाम रेल मंडल चिकित्सालय से 60% से अधिक पेंशनर लाभ लेते हैं, जिन्हें उज्जैन से रतलाम जाना पड़ता था। अब इस नई यूनिट से इन स्टेशनों के कर्मचारी लाभान्वित होंगे:
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उज्जैन, देवास, नागदा, शुजालपुर, मक्सी और आसपास के छोटे स्टेशनों पर रहने वाले रेलकर्मी व सेवानिवृत्त पेंशनर।
छोटे स्टेशनों पर भी मिलेगी प्राइवेट इलाज की सुविधा
डॉ. बेन ने बताया कि रेलवे अब छोटे स्टेशनों पर भी स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर कर रहा है:
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थांदला: यहाँ ‘शाह हॉस्पिटल’ के साथ रेलवे ने कॉन्ट्रैक्ट किया है।
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अन्य केंद्र: नागदा, शुजालपुर, मंदसौर, बामनिया और मेघनगर जैसे छोटे स्थानों पर भी निजी अस्पतालों और डॉक्टरों से अनुबंध (कॉन्ट्रैक्ट) करने की प्रक्रिया जारी है।
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सुरक्षा निधि में कमी: प्राइवेट हॉस्पिटल्स की सिक्योरिटी राशि 10 लाख से घटाकर 2 लाख कर दी गई है, जिससे अब बड़े निजी अस्पताल रेलवे के साथ काम करने में रुचि दिखा रहे हैं।
प्रतिनिधिमंडल की मौजूदगी
इस मुलाकात के दौरान फेडरेशन के अध्यक्ष प्रकाश व्यास, अरुण वाडकर, सुधीरकांत दुबे, संतोष सोनी और यू एल जायसवाल सहित कई वरिष्ठ सदस्य उपस्थित थे। उन्होंने डॉ. बेन के इन प्रयासों की सराहना की।
उज्जैन में सिंहस्थ के दौरान लाखों की भीड़ उमड़ती है, ऐसे में रेलवे का यह सब डिविजनल अस्पताल न केवल रेलकर्मियों बल्कि आपात स्थिति में यात्रियों के लिए भी संजीवनी साबित होगा।



