अध्यात्म

साल 2026 में कम बजेंगी शहनाइयां: 12 महीनों में विवाह के केवल 33 मुहूर्त; ज्येष्ठ अधिक मास और तारा अस्त डालेगा खलल

जानिए किन कारणों से लगा शुभ कार्यों पर 'ब्रेक'

उज्जैन, समाचार आज। यदि आप साल 2026 में शादी-ब्याह या गृह प्रवेश की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए महत्वपूर्ण है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, नया साल मांगलिक कार्यों के लिहाज से काफी ‘कंजूस’ साबित होने वाला है। शुक्र-गुरु तारा अस्त होने और ज्येष्ठ अधिक मास के कारण इस साल विवाह के लिए केवल 33 शुद्ध मुहूर्त ही उपलब्ध होंगे।

ज्योतिषी पं. विजय शर्मा के अनुसार, साल 2026 में मुहूर्त कम होने के पीछे चार प्रमुख ज्योतिषीय स्थितियां हैं:

  1. शुक्र तारा अस्त: 15 दिसंबर 2025 से शुरू होकर 2 फरवरी 2026 तक रहेगा।

  2. गुरु तारा अस्त: 16 जुलाई से 8 अगस्त तक रहेगा।

  3. ज्येष्ठ अधिक मास: 17 मई से 15 जून तक अधिक मास होने से कोई शुभ कार्य नहीं होगा।

  4. हरिशयन (देवशयन): 25 जुलाई से 20 नवंबर तक भगवान विष्णु के शयन काल के कारण 4 महीने विवाह पूरी तरह वर्जित रहेंगे।

विवाह मुहूर्त 2026 (कुल 33 दिन)

  • फरवरी: 4, 5, 10, 13, 20, 21

  • मार्च: 9, 10, 11, 12

  • अप्रैल: 20, 21, 26

  • मई: 5, 6, 7, 8

  • जून: 19, 20, 23, 26, 27, 28

  • जुलाई: 6, 7

  • नवंबर: 21, 24, 25, 26

  • दिसंबर: 2, 3, 11, 12


गृह प्रवेश के मुहूर्त (कुल 18 दिन)

नया घर बसाने के लिए साल भर में केवल 18 दिन ही सबसे शुभ हैं:

  • फरवरी: 6, 7, 11, 20 | अप्रैल: 20, 24 | मई: 8, 14

  • जून: 24, 27 | नवंबर: 25, 26 | दिसंबर: 3, 4, 5, 12


खरीदारी के लिए साल भर मौके

भले ही शादियों के मुहूर्त कम हों, लेकिन बाजार के लिए अच्छी खबर है:

  • प्रॉपर्टी: निवेश के लिए साल भर में 78 मुहूर्त हैं।

  • वाहन: नई गाड़ी खरीदने के लिए 58 शुभ मुहूर्त उपलब्ध होंगे।

त्योहारों में होगी देरी

ज्येष्ठ अधिक मास के प्रभाव के कारण जून के बाद आने वाले सभी प्रमुख त्योहार (जैसे रक्षाबंधन, गणेश उत्सव, दीपावली) पिछले साल की तुलना में 15 से 20 दिन की देरी से आएंगे।


सम्पादकीय सलाह: चूंकि विवाह के मुहूर्त सीमित हैं, इसलिए धर्मशालाओं, मैरिज गार्डन और पंडितों की बुकिंग समय रहते कर लेना ही समझदारी होगी।

समाचार आज (samacharaaj.com) की विशेष ज्योतिष रिपोर्ट।

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