उज्जैनमध्यप्रदेश

महाकाल लोक के 18 दुकानदारों को हाईकोर्ट से बड़ी राहत

महाकाल लोक के मिडवे जोन में दुकानों के प्रीमियम दर की पुनर्गणना और केवल कंस्ट्रक्शन शुल्क लेने का आदेश

 उज्जैन, 23 नवंबर : महाकाल लोक (Mahakal Lok) के मिडवे जोन में दुकानों के आवंटन को लेकर चल रही कानूनी लड़ाई में हाईकोर्ट इंदौर ने 18 दुकानदारों को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने स्मार्ट सिटी और नगर निगम को दुकान आवंटन की प्रीमियम दरों की पुनर्गणना करने और दुकानदारों से केवल नया कंस्ट्रक्शन शुल्क (Construction Charge) वसूलने का आदेश दिया है।

क्या था विवाद?

  • पुरानी खरीदी: वर्ष 2020 में महाकाल लोक निर्माण के लिए दुकानदारों से उनकी पुरानी दुकानें खाली कराई गई थीं, जिन्हें उन्होंने नगर निगम से करीब 9.5 लाख में खरीदा था। दुकानदारों को आश्वासन दिया गया था कि महाकाल लोक बनने के बाद उन्हें मिडवे जोन में नई दुकानें आवंटित की जाएंगी।

  • नई मांग: 2022 में महाकाल लोक तैयार होने पर, स्मार्ट सिटी ने दुकानदारों से प्रथम तल पर दुकान आवंटन के लिए 45 लाख से 55 लाख तक की बड़ी राशि जमा करने को कहा। दुकानदारों ने इस अनुचित मांग के खिलाफ कलेक्टर और कमिश्नर से शिकायत की, लेकिन सुनवाई न होने पर सभी ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

हाईकोर्ट का अहम फैसला

हाईकोर्ट इंदौर ने दो दिन पहले फैसला सुनाते हुए स्मार्ट सिटी की 45 से 55 लाख की वसूली पर रोक लगा दी। कोर्ट ने निम्नलिखित स्पष्ट निर्देश दिए:

  • दुकान आवंटन की प्रीमियम दरों की पुनर्गणना की जाए।

  • दुकान की न्यूनतम लागत लगाई जाए।

  • दुकानदारों से केवल नया कंस्ट्रक्शन शुल्क ही वसूला जाए।

  • सभी दुकानदारों को 60 दिनों के भीतर दुकानें आवंटित की जाएं।

दुकानदार अर्पण शर्मा ने बताया कि कोर्ट में दलील विस्थापन अधिनियम की धारा 10 के तहत ‘दुकान के बदले दुकान’ के सिद्धांत पर रखी गई, जिससे उन्हें राहत मिली है। इस फैसले से दुकानदारों में खुशी का माहौल है और अब उन्हें जल्द से जल्द आवंटन होने तथा महाकाल लोक में अपना कारोबार फिर से शुरू करने की उम्मीद है।

-हरिओम राय
महाकाल मंदिर का अब सालाना बजट 278 करोड़, मकर संक्रांति पर मनेगा ‘महाकाल महोत्सव’

Related Articles

Back to top button