उज्जैनसरोकार

मोबाइल चुरा कर इंजीनियर के बैंक खाते से 2.90 लाख उड़ाए, सदमे में युवक अस्पताल भर्ती

मोबाइल चोरी जाए तो सतर्कता जरूर बरतें

उज्जैन, समाचार आज। उज्जैन के एक इंजीनियर के साथ नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मोबाइल चोरी के बाद बड़ी साइबर ठगी की वारदात सामने आई है। शातिर बदमाश ने मोबाइल हाथ लगते ही महज कुछ घंटों में 50 से ज्यादा ऑनलाइन ट्रांजैक्शन किए और पीड़ित के चार अलग-अलग बैंक खातों से 2.90 लाख रुपए साफ कर दिए। इस बड़े आर्थिक नुकसान और मानसिक तनाव के कारण इंजीनियर की तबीयत बिगड़ गई, जिन्हें उज्जैन के अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है।

भीड़ का फायदा उठाकर पार किया मोबाइल

उज्जैन निवासी हितेंद्र सिंह गुर्जर, जो नोएडा की एक निजी कंपनी में इंजीनियर हैं, शनिवार 27 दिसंबर 2025 को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से उज्जैन के लिए इंटरसिटी एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 12416) में सवार हो रहे थे। प्लेटफॉर्म पर भारी भीड़ थी, जिसका फायदा उठाकर किसी अज्ञात जेबकतरे ने उनकी जेब से मोबाइल फोन पार कर दिया।

सिम ब्लाक कराने में एक दिन की देरी

हितेंद्र सिंह रविवार 28 दिसंबर को उज्जैन पहुँचे और अपनी सिम ब्लॉक करवाई। सोमवार को जब उन्होंने अपने बैंक खातों की जाँच की, तो उनके होश उड़ गए। शातिर ठग ने फोन के बैंकिंग ऐप्स का दुरुपयोग कर इन चार बैंकों से पैसे निकाले:

  1. महाराष्ट्र बैंक

  2. आईडीबीआई (IDBI) बैंक

  3. यस (Yes) बैंक

  4. एक्सिस (Axis) बैंक

बदमाश ने करीब 50 से अधिक बार छोटे-बड़े ट्रांजैक्शन किए ताकि बैंक का सिक्योरिटी सिस्टम अलर्ट न हो। कुल 2.90 लाख रुपए खातों से गायब हो चुके थे।

माधव नगर अस्पताल में भर्ती हैं पीड़ित

इतनी बड़ी रकम की ठगी और मेहनत की कमाई डूबने के सदमे से हितेंद्र सिंह की हालत बिगड़ गई। परिजनों ने उन्हें तुरंत उज्जैन के माधव नगर अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों के अनुसार, अत्यधिक मानसिक तनाव (Mental Stress) के कारण उनकी तबीयत खराब हुई है, फिलहाल वे स्थिर हैं लेकिन निगरानी में रखे गए हैं।

सिम ब्लॉक होने के बाद भी कैसे हुई ठगी?

पीड़ित हितेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने समय रहते सिम ब्लॉक कर दी थी और कुछ खातों के यूपीआई (UPI) नंबर भी एक्टिव नहीं थे, फिर भी आरोपी ने तकनीकी सेंधमारी कर पैसे निकाल लिए। उन्होंने उज्जैन जीआरपी, स्थानीय पुलिस और संबंधित बैंकों में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।

पीड़ित की मांग: हितेंद्र सिंह ने मांग की है कि इस मामले को केवल मोबाइल चोरी न मानकर एक संगठित साइबर अपराध के तौर पर देखा जाए और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) के तहत अज्ञात आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।


सावधानी  : मोबाइल चोरी होने पर क्या करें?

  • CEIR पोर्टल: भारत सरकार के CEIR पोर्टल पर जाकर तुरंत अपना मोबाइल ब्लॉक करें ताकि उसका गलत इस्तेमाल न हो सके।

  • बैंक को सूचना: सिम ब्लॉक करने के साथ-साथ तुरंत संबंधित बैंकों के कस्टमर केयर पर कॉल कर ‘नेट बैंकिंग’ और ‘यूपीआई सर्विस’ को फ्रीज करवाएं।

  • साइबर हेल्पलाइन: किसी भी वित्तीय ठगी की स्थिति में तुरंत 1930 नंबर पर कॉल करें।

समाचार आज (samacharaaj.com) की विशेष रिपोर्ट।
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