राज्य ओपन स्कूल के नाम पर साइबर ठगी, पास कराने के मांग रहे पैसे
मप्र राज्य ओपन स्कूल शिक्षा बोर्ड की एडवायजरी-उत्तर पुस्तिकाओं के आधार पर ही मिलता है रिजल्ट, 0755-2671066 पर दे सूचना

उज्जैन, समाचार आज। परीक्षाओं के रिजल्ट आने से पहले साइबर ठगों ने अब मप्र राज्य ओपन स्कूल शिक्षा बोर्ड के परीक्षार्थियों को अपना निशाना बनाना शुरू कर दिया है। ठग खुद को बोर्ड का फर्जी अधिकारी बताकर छात्रों को पास कराने या उनके अंक बढ़वाने के बदले रुपयों की मांग कर रहे हैं। मामला सामने आते ही बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि यह पूरी तरह धोखाधड़ी है और पुलिस में FIR दर्ज करा दी गई है।
फर्जी नामों का सहारा ले रहे ठग
बोर्ड के संज्ञान में आया है कि ठग फोन कॉल पर जिन अधिकारियों के नामों का उपयोग कर रहे हैं, उस नाम का कोई भी व्यक्ति राज्य ओपन स्कूल शिक्षा बोर्ड में कार्यरत नहीं है। बोर्ड ने दो-टूक कहा है कि पैसे लेकर किसी को पास कराना पूर्णतः असंभव है।
रिजल्ट की प्रक्रिया: केवल उत्तर पुस्तिका ही है आधार
बोर्ड ने अभिभावकों और छात्रों को पारदर्शिता का भरोसा दिलाते हुए बताया कि:
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मूल्यांकन: परीक्षा परिणाम केवल छात्र द्वारा उत्तर पुस्तिका (Answer Sheet) में लिखे गए जवाबों के आधार पर तैयार होता है।
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कोई बदलाव नहीं: परिणाम घोषित होने की प्रक्रिया डिजिटल और सुरक्षित है, इसमें बाहरी रूप से कोई भी बदलाव नहीं किया जा सकता।
साइबर ठगों से बचने के लिए बोर्ड की गाइडलाइन:
बोर्ड ने अभिभावकों को निम्नलिखित बातों का ध्यान रखने की सलाह दी है:
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पैसों का लेन-देन न करें: किसी भी अनजान व्यक्ति को पास कराने के नाम पर ऑनलाइन ट्रांजैक्शन (G-Pay, PhonePe) न करें।
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व्यक्तिगत जानकारी: अपना रोल नंबर, जन्म तिथि या अन्य निजी जानकारी अनजान कॉलर को न दें।
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पुष्टि करें: यदि कोई बोर्ड के नाम पर फोन करे, तो तत्काल आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर जानकारी की पुष्टि करें।
यहाँ करें शिकायत
बोर्ड ने विद्यार्थियों की मदद के लिए आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। यदि आपके पास ऐसा कोई कॉल आता है, तो तुरंत इस नंबर पर सूचित करें:
हेल्पलाइन नंबर: 0755-2671066
पुलिस की कार्रवाई
राज्य ओपन स्कूल बोर्ड द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के बाद साइबर सेल सक्रिय हो गई है। ठगों के नेटवर्क और बैंक खातों को ट्रैक किया जा रहा है ताकि इस गिरोह का पर्दाफाश किया जा सके।
ठगी का शिकार होने पर तुरंत करें ये काम
यदि आप या आपके परिवार का कोई सदस्य इस तरह के झांसे में आकर पैसा ट्रांसफर कर चुका है, तो समय बर्बाद न करें। साइबर अपराधों के मामले में ‘गोल्डन ऑवर’ (पहले 2 घंटे) बहुत महत्वपूर्ण होते हैं।
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नेशनल साइबर हेल्पलाइन (1930): तत्काल 1930 डायल करें। यह भारत सरकार की आधिकारिक हेल्पलाइन है। समय पर सूचना देने से ठगे गए पैसे को अपराधी के बैंक खाते में ही फ्रीज (बल्क) किया जा सकता है, जिससे आपके पैसे वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
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ऑनलाइन पोर्टल: आप www.cybercrime.gov.in पर जाकर अपनी शिकायत ऑनलाइन दर्ज करा सकते हैं।
याद रखें, बोर्ड कभी भी आपसे फोन पर रुपयों की मांग नहीं करता। शिक्षा के नाम पर होने वाली इस लूट को रोकने के लिए जागरूक बनें।



