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उज्जैन के युवक ने इंदौर के रिटायर्ड अफसर को डिजिटल अरेस्ट कर ₹4.32 करोड़ ठगी

उज्जैन के साथ देवास-इंदौर के युवक भी डिजिटल अरेस्ट शामिल, पूरी गैंग पकड़ी गई

उज्जैन : मध्य प्रदेश में साइबर ठगी डिजिटल अरेस्ट का एक बड़ा मामला सामने आया है। उज्जैन के एक युवक ने इंदौर के एक रिटायर्ड मेडिकल ऑफिसर को ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाकर उनसे ₹4 करोड़ 32 लाख की भारी भरकम ठगी की। ठगी करने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों में से एक उज्जैन का निवासी है।

‘TRAI अधिकारी’ और ‘मनी लॉन्ड्रिंग’ का जाल

एसपी (साइबर) सव्यसाची सर्राफ के अनुसार मूलत: ग्वालियर निवासी 65 वर्षीय पीड़ित पत्नी के साथ इंदौर में रहते है। उनके पुत्र विदेश में रहते है। 21 सितंबर को ठग ने टेलीफोन रेगुलेटरी अथारिटी (ट्राई) अफसर बनकर कॉल लगाया और कहा कि उनके दो मोबाइल नंबरों का सैंकड़ों करोड़ के स्कैम में उपयोग हुआ है। ठग ने बाकायदा मोबाइल और आधार कार्ड नंबर बताए और यह भी कहा कि जेट एयरवेज के मालिक नरेश गोयल द्वारा किए 538 करोड़ के गबन में भी उनके बैंक खातों का उपयोग हुआ है और इसके बदले उन्हें करोड़ों रुपयों का कमिशन मिला है। आरोपियों ने गिरफ्तारी, जेल, जांच के नाम पर डिजिटल अरेस्ट किया और वीडियो कॉल पर ही पूछताछ की। उनसे बैंक खातों में जमा रुपये, एफडी, शेयर, म्यूच्यूयल फंड, ज्वेलरी और प्लॉट, मकान व फ्लैट की भी जानकारी ले ली।

  • ऑनलाइन कोर्ट रूम दिखाया : डर को पक्का करने के लिए, ठगों ने वीडियो कॉल पर रिटायर्ड अफसर को एक फर्जी कोर्ट रूम दिखाया और ‘केस चलाने’ की धमकी दी।चल-अचल संपत्ति का ब्यौरा वॉट्सऐप पर मंगाया गया, और अगले एक महीने तक दबाव बनाकर RTGS के माध्यम से रकम ट्रांसफर करवाई गई।

₹4.32 करोड़ रुपए सौंप दिए ठगों को

रिटायर्ड अफसर ने बेटे या रिश्तेदारों को बिना बताए, ठगों के निर्देश पर अपनी जिंदगी भर की कमाई गँवा दी।  उन्होंने मुंबई में फ्लैट खरीदने का बहाना बनाकर अपनी होम ब्रांच से फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) कैश कराई। कुल ₹4 करोड़ 32 लाख विभिन्न अकाउंट्स में ट्रांसफर किए गए।

ऐसे हुआ पर्दाफाश

पीड़ित ने इंदौर में खातों में जमा राशि ठग द्वारा बताए खातों में जमा करवा दी। वो ग्वालियर भी गए और लाखों रुपये एक बार में विड्राल किए। शक होने पर बैंक अफसरों ने पूछा तो पीड़ित ने कहा मुझे मुंबई में फ्लैट खरीदना है। उन्होंने जीवन भर की जमा पूंजी भी ठग को दे दी। इस बीच उनकी बेटे और रिश्तेदारों से बात हुई पर उनसे भी घटना का जिक्र नहीं कर सके। खाते खाली होने पर होम लोन लेने की प्रक्रिया शुरु की और बैंक अफसरों को बातों ही बातों में बताया तो ठगी का खुलासा हुआ। राज्य साइबर सेल ने तत्काल भारत सरकार के समन्वय पोर्टल एवं टोल फ्री नंबर-1930 पर शिकायत दर्ज कर खातों को फ्रीज करवाया।

गिरफ्तार हुए आरोपी

पुलिस ने तकनीकी और खुफिया जानकारी के आधार पर तीन आरोपियों को धर दबोचा है।जिसमें सादिक पिता एहसान पटेल निवासी ग्राम पंथमुंडला थाना विजयागंज जिला देवास, शाहीद पिता सैफुद्दीन खान निवासी 40 क्वार्टर, जानसापुरा जीवाजीगंज उज्जैन और सोहेल पिता मोहम्मद इकबाल निवासी हरमाला रोड रतलाम को गिरफ्तार किया है। सोहेल फिलहाल अशोका गार्डन भोपाल में किराए से रह रहा था। आरोपी सोहेल ठग गिरोह को खातों की सप्लाई करता है। शाहिद और सादिक के खातों में रुपये जमा हुए है। साइबर सेल अब आरोपियों से ठगी में प्रयुक्त हथियारों और इस पूरे रैकेट के अन्य सहयोगियों के बारे में पूछताछ कर रही है।

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