उज्जैन में होमगार्ड ने बचाई 215 की जान, कमांडेंट संतोष कुमार जाट को ‘अदम्य साहस वीरता पुरस्कार’

उज्जैन, 06 दिसंबर। उज्जैन के डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट, होमगार्ड एवं एसडीआरएफ श्री संतोष कुमार जाट को शनिवार को भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ‘अदम्य साहस वीरता पुरस्कार’ से सम्मानित किया। यह पुरस्कार उन्हें पिछले एक वर्ष में किए गए उत्कृष्ट कार्यों, विशेष रूप से उज्जैन में शिप्रा नदी के रामघाट पर 215 श्रद्धालुओं की जान बचाने जैसे उल्लेखनीय कार्यों के लिए दिया गया है।
स्थापना दिवस समारोह में हुए सम्मानित
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पुरस्कार वितरण: प्रदेश की राजधानी भोपाल में होमगार्ड के भव्य स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
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सम्मान राशि: मुख्यमंत्री ने संतोष कुमार जाट को ₹51,000 की राशि का चेक प्रदान किया।
इस अवसर पर राज्य शासन की मंत्री कृष्णा गौर, पुलिस महानिदेशक कैलाश चंद्र मकवाना, होमगार्ड एवं आपदा प्रबंधन विभाग की महानिदेशक प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव, भोपाल के पुलिस कमिश्नर तथा राज्य सरकार के अनेक वरिष्ठ अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
215 श्रद्धालुओं की बचाई थी जान
श्री संतोष कुमार जाट के नेतृत्व में होमगार्ड और एसडीआरएफ टीम की सजगता के कारण ही इस वर्ष भगवान महाकाल की श्रावण मास में निकलने वाली सवारी और वर्षा ऋतु के दौरान रामघाट पर कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। इस वर्ष जिला उज्जैन की होमगार्ड टीम ने रामघाट और अन्य प्रमुख घाटों पर 215 लोगों की प्राण रक्षा की। उज्जैन धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र है, जहां लाखों श्रद्धालु महाकाल दर्शन के लिए आते हैं। रामघाट पर स्नान के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने हेतु टीम ने विशेष प्रयास किए और जनहानि को न्यूनतम किया। मुख्यमंत्री द्वारा अदम्य साहस पुरस्कार दिए जाने से उज्जैन के होमगार्ड सैनिकों में विशेष उत्साह और हर्ष का माहौल है।



