उज्जैन में 500 के नकली नोट पर छापे थे ₹10 वाले असली नंबर, रुपए बाजार में चलाने वाला भी उजागर
उज्जैन पुलिस ने पकड़े 17.5 लाख के नकली नोट जब्त, इंदौर से ऑपरेट हो रहा था 'फर्जी करंसी' रैकेट

उज्जैन 6 दिसंबर। उज्जैन क्राइम ब्रांच और चिमनगंज मंडी थाने की संयुक्त कार्रवाई में गिरफ्तार किए गए नकली नोट छापने वाले गिरोह से पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। इस गिरोह ने ₹500 के नकली नोटों को असली दिखाने के लिए उन पर ₹10 के असली नोटों के असली नंबर छाप दिए थे। पुलिस के मुताबिक, पिछले पाँच महीनों में इस गिरोह ने करीब ₹20 लाख के नकली नोट छापे थे, जिनमें से लगभग ₹2.5 लाख वे बाजार में खपा चुके थे। बाजार में नोट खपाने वाले चौथे आरोपी का नाम भी सामने आ गया है।
शुक्रवार 5 दिसंबर 2025 को एसपी प्रदीप शर्मा ने इस सफलता की जानकारी देते हुए बताया था कि आरोपी: दिनेश चौहान (निवासी हाटकेश्वर विहार) और हिमांशु उर्फ चिनू गौसर (निवासी गऊघाट रेलवे कॉलोनी) को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के पास से ₹17 लाख 50 हजार के नकली नोट जब्त किए गए हैं। गिरोह का मुख्य सदस्य राजेश बरवटे (निवासी गंगा विहार कॉलोनी, इंदौर) अभी भी फरार है। उसे पकड़ने के लिए पुलिस की टीमें इंदौर में कई ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।
चौथे आरोपी ‘सोनू’ की भूमिका साफ
जांच के दौरान इस नकली नोट चलाने वाले गिरोह के चौथे आरोपी का नाम भी सामने आ गया है:
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चौथा आरोपी: सोनू (निवासी हिरामिल की चाल)।
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भूमिका: पुलिस की जांच में यह साफ हो गया है कि सोनू ही नकली नोटों को बाजार में खपाने का काम करता था। तेल की हेराफेरी में पहले पकड़ा जा चुका सोनू इस गिरोह की मुख्य कड़ी है। पुलिस अब सोनू की तलाश में भी जुट गई है।

घेराबंदी कर दो आरोपी गिरफ्तार
उज्जैन पुलिस ने शुक्रवार को नकली नोट छापने और उन्हें बाजार में खपाने वाले एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया था। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से करीब ₹17 लाख 50 हजार के नकली नोट जब्त किए थे। 5 दिसंबर 2025 को चिमनगंज मंडी थाना पुलिस को मुखबिर से जानकारी मिली कि दो व्यक्ति भारी मात्रा में नकली नोट लेकर उज्जैन शहर में डिलीवरी के लिए आने वाले हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने राजरॉयल कॉलोनी और पांड्याखेड़ी ब्रिज के पास घेराबंदी की। पुलिस को देखकर भागने का प्रयास कर रहे दो संदिग्धों को पकड़ा गया। पूछताछ में उनकी पहचान हिमांशु उर्फ चीनू (26) और दीपेश चौहान (22) के रूप में हुई। तलाशी में उनके पास से ₹500 के कुल ₹17 लाख 50 हजार के नकली नोटों की गड्डियां बरामद हुईं।
इंदौर के फ्लैट में छपते थे नोट, ₹10 लाख के बदले ₹11 लाख का सौदा
पुलिस की पूछताछ में इस गिरोह के संचालन का पूरा तरीका सामने आया:
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छपाई का ठिकाना: आरोपियों ने बताया कि वे इंदौर में अरविन्द अस्पताल के सामने स्थित श्री गंगा विहार कॉलोनी के एक फ्लैट में अपने साथी राजेश पिता टेकचंद बरबटे के साथ मिलकर नकली नोटों की छपाई करते थे।
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डील का रेट: ये आरोपी ₹10 लाख के नकली नोट के बदले ₹11 लाख के असली नोट का सौदा करते थे।
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पुराना अपराधी: आरोपी हिमांशु पहले भी इंदौर में नकली नोट के मामले में जेल जा चुका है।
राजेश बरबटे फरार, ₹10 हजार का इनाम घोषित
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर इंदौर स्थित श्री गंगा विहार कॉलोनी के फ्लैट पर दबिश दी। पुलिस ने मौके से नोट प्रिंटिंग मशीन, हाई सिक्योरिटी प्रिंट पेपर, प्रिंटिंग केमिकल, सुरक्षा धागा, कटर मशीन और प्रिंटेड एवं अपूर्ण कच्ची नकली नोट शीट बरामद कर जब्त की है। इस गिरोह का एक और साथी राजेश बरबटे अभी फरार है। पुलिस ने उसकी तलाश के लिए ₹10 हजार का इनाम घोषित किया है।
दोनों आरोपियों के विरुद्ध थाना चिमनगंज मंडी पर धारा 178, 179, 180 बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया गया है। फरार आरोपी और नेटवर्क के संबंध में पूछताछ जारी है।


