बंगाल में बाबरी मस्जिद की नींव निलंबित TMC विधायक हुमायूं कबीर ने रखी, 2 लाख से ज्यादा लोग ईंटें लेकर पहुँचे

मुर्शिदाबाद/कोलकाता 6 दिसंबर 2025। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा में शनिवार को उस समय हाई अलर्ट के बीच गहमागहमी रही, जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने अयोध्या की बाबरी मस्जिद की तर्ज पर बनने वाली नई मस्जिद की आधारशिला रखी।
कबीर ने मौलवियों के साथ मंच पर फीता काटकर शिलान्यास की औपचारिकता पूरी की। इस दौरान कार्यक्रम स्थल पर नारा-ए-तकबीर, अल्लाहु अकबर के नारे लगाए गए।

2 लाख की भीड़, लोग ट्रैक्टर और रिक्शा से लाए ईंटें
मस्जिद के शिलान्यास कार्यक्रम में 2 लाख से ज्यादा लोगों की भीड़ जुटी। इस आयोजन ने धार्मिक आस्था का बड़ा प्रदर्शन किया:
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बंगाल के अलग-अलग जिलों से आए लोग मस्जिद निर्माण के लिए अपने सिर, ट्रैक्टर-ट्रॉली, रिक्शा या वैन से ईंट लेकर कार्यक्रम स्थल पर पहुँचे थे।
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शिलान्यास कार्यक्रम 25 बीघा जमीन पर आयोजित किया गया था, जिसके लिए 150 फीट लंबा और 80 फीट चौड़ा स्टेज तैयार किया गया था।
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भीड़ को देखते हुए 60 हजार से ज्यादा बिरयानी पैकेट तैयार किए गए थे और 2 हजार से ज्यादा वॉलंटियर्स ने व्यवस्था संभाली।
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कार्यक्रम में सऊदी अरब से भी धार्मिक नेता पहुँचे थे।
हाई अलर्ट पर इलाका, 3 हजार से ज्यादा जवान तैनात
हुमायूं कबीर ने 25 नवंबर को घोषणा की थी कि वह 6 दिसंबर (अयोध्या में विवादित ढांचे के विध्वंस के 33 साल पूरे होने पर) को मस्जिद की आधारशिला रखेंगे। उनकी घोषणा के बाद, TMC ने उन्हें 4 दिसंबर को पार्टी से निलंबित कर दिया था।
सुरक्षा के मद्देनज़र बेलडांगा और आसपास का इलाका शनिवार सुबह से ही हाई अलर्ट पर था:
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सुरक्षा बल: सेंट्रल आर्म्ड फोर्स की 19 टीमें, रैपिड एक्शन फोर्स (RAF), बीएसएफ, और स्थानीय पुलिस की कई टीमों समेत 3 हजार से ज्यादा जवान तैनात किए गए थे।
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विधायक का बयान: कार्यक्रम से पहले हुमायूं कबीर ने कहा था कि कार्यक्रम को बाधित करने की साजिशें रची जा रही हैं, लेकिन “कोई भी ताकत इसे रोक नहीं सकती।”
हाईकोर्ट ने निर्माण पर रोक से किया इनकार
कोलकाता हाईकोर्ट ने शुक्रवार को मस्जिद निर्माण पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि कार्यक्रम के दौरान शांति बनाए रखने की जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद ही हुमायूं कबीर ने कड़ी सुरक्षा के बीच मस्जिद की नींव रखी।


