26 जनवरी को उज्जैन जेल के 5 कैदी होंगे रिहा, 45 का आजादी का सपना टूटा
MP जेल विभाग का बड़ा फैसला: प्रदेश से रिहा होंगे 87 बंदी, 394 के प्रस्ताव नामंजूर

भोपाल/उज्जैन, समाचार आज। आगामी गणतंत्र दिवस (26 जनवरी 2026) पर मध्यप्रदेश की जेलों में बंद 87 कैदियों के लिए खुशी की खबर है। जेल विभाग ने उनके अच्छे आचरण और जेल मैन्युअल के आधार पर समय-पूर्व रिहाई को मंजूरी दे दी है। हालांकि, विभाग ने सख्ती दिखाते हुए 394 बंदियों के रिहाई प्रस्तावों को तकनीकी और कानूनी आधार पर ठुकरा दिया है। इनमें से उज्जैन सर्किल के 5 कैदी शामिल हैं।
जेल विभाग द्वारा जारी आदेश में बताया गया है कि दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 432–433 क और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की संबंधित धाराओं के अंतर्गत यह निर्णय लिया गया है। पात्र बंदियों की समयपूर्व रिहाई के लिए निर्धारित सभी औपचारिकताएं पूर्ण कर ली गई हैं।
कलेक्टर और जेल विभाग की कसौटी पर फेल हुए 394 बंदी
मध्यप्रदेश के जेल विभाग ने कुल 481 बंदियों के नामों पर विचार किया था। गहन परीक्षण के बाद पाया गया कि 394 बंदी पात्रता की शर्तों को पूरा नहीं करते हैं, इसलिए उनके प्रस्ताव निरस्त कर दिए गए।
📍 उज्जैन और मालवा-निमाड़ की स्थिति
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उज्जैन सर्कल: यहाँ से 5 बंदियों की रिहाई मंजूर हुई है। शासन ने बाबूलाल पुत्र हीरालाल, रमेशचन्द्र पुत्र अम्बाराम, मोहनलाल पुत्र शंकरलाल, समरथ पुत्र लालू और
दिलीप पुत्र मांगीलाल की रिहाई मंजूर की है। हालांकि दिलीप पुत्र मांगीलाल को रिहाई के बाद भी दूसरे मामले में जेल में ही रहना होगा। -
उज्जैन सर्कल के 45 बंदियों की रिहाई का प्रस्ताव ठुकरा दिया गया। देवास में भी 1 बंदी की रिहाई का प्रस्ताव नामंजूर हुआ।
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इंदौर सर्कल: इंदौर में 9 बंदियों को रिहाई मिलेगी, जबकि 58 के प्रस्ताव खारिज कर दिए गए। इंदौर की खुली जेल से भी 2 बंदी रिहा होंगे।
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बड़वानी व अलीराजपुर: बड़वानी से 6 और अलीराजपुर जिला जेल से 1 बंदी रिहा होगा।
रिहाई से पहले जान लें ये 5 सख्त शर्तें: पात्रता के बावजूद इन कारणों से अटक सकती है ‘आजादी’
जेल विभाग ने स्पष्ट किया है कि भले ही 87 बंदियों के नाम रिहाई सूची में हैं, लेकिन अंतिम क्षणों में निम्नलिखित तकनीकी कारणों से उनकी रिहाई रोकी जा सकती है:
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आर्थिक दंड (Fine) का भुगतान अनिवार्य: यदि किसी बंदी को आजीवन कारावास के साथ कोर्ट ने आर्थिक दंड (जुर्माना) भी दिया है, तो उसे 26 जनवरी 2026 तक हर हाल में जुर्माना राशि जमा करनी होगी। यदि राशि जमा नहीं होती, तो सजा पूरी होने के बाद भी ‘जुर्माने की सजा’ भुगतने के लिए जेल में ही रहना होगा।
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अदालत में लंबित अपील: यदि बंदी की सजा के खिलाफ कोई अपील हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट में पेंडिंग है, तो उसे तब तक रिहा नहीं किया जाएगा जब तक कि उस अपील का अंतिम निराकरण नहीं हो जाता।
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अन्य मामलों की शेष सजा: यदि किसी बंदी को एक केस में आजीवन कारावास मिला है और दूसरे किसी केस में अलग से सजा मिली है जो अभी पूरी नहीं हुई है, तो उसे आजीवन कारावास से तो रिहाई मिल जाएगी, लेकिन दूसरी सजा काटने के लिए जेल में ही रुकना होगा।
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पेंडिंग केस और जमानत की स्थिति: यदि बंदी पर कोई अन्य मुकदमा चल रहा है और उस मामले में उसे कोर्ट से ‘जमानत’ (Bail) नहीं मिली है, तो उसे आजीवन कारावास की सजा से तो मुक्त कर दिया जाएगा, लेकिन वह ‘विचाराधीन कैदी’ (Under Trial) के रूप में जेल में ही बंद रहेगा।
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दूसरे राज्यों के मामले और ट्रांसफर: यदि किसी बंदी को मध्य प्रदेश के अलावा किसी अन्य राज्य की अदालत ने भी सजा सुनाई है या वहां केस पेंडिंग है, तो उसे एमपी की जेल से रिहाई तो मिलेगी, लेकिन उसे तुरंत संबंधित राज्य की पुलिस को सौंप दिया जाएगा या वहां की जेल में ट्रांसफर कर दिया जाएगा।
मध्य प्रदेश जेल रिहाई रिपोर्ट 2026
| जेल सर्कल/जिला जेल | रिहाई मंजूर (पात्र) | प्रस्ताव खारिज (अपात्र) |
| भोपाल सर्कल | 11 | 64 |
| रीवा सर्कल | 10 | 38 |
| ग्वालियर सर्कल | 09 | 23 |
| इंदौर सर्कल | 09 | 58 |
| जबलपुर सर्कल | 09 | 48 |
| सागर सर्कल | 09 | 34 |
| सतना सर्कल | 07 | 31 |
| बड़वानी सर्कल | 06 | 14 |
| नरसिंहपुर सर्कल | 06 | 12 |
| उज्जैन सर्कल | 05 | 45 |
| नर्मदापुरम सर्कल | 03 | 18 |
| इंदौर (खुली जेल) | 02 | 06 |
| अलीराजपुर (जिला जेल) | 01 | 00 |
| देवास (जिला जेल) | 00 | 01 |
| टीकमगढ़ (जिला जेल) | 00 | 03 |
| कुल योग | 87 | 394 |
महिला बंदियों को विशेष राहत
इस सूची में 7 महिला आजीवन कारावास बंदी भी शामिल हैं। शर्तों के अधीन उन्हें भी समय-पूर्व रिहाई दी जा रही है। इसके अलावा गैर आजीवन कारावास की सजा से दंडित बंदियों की रिहाई के मामले में उज्जैन सर्कल से एक, सतना सर्कल से 4, रीवा सर्कल से दो बंदियों को 30 दिन के परिहार के लिए पात्र पाया गया है। जिन्होंने अपनी सजा लगभग पूरी कर ली है और उन्हें 30 दिन का ‘परिहार’ (Remission) दिया गया है।
क्या करें परिजन?
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सबसे पहले सुनिश्चित करें कि कोर्ट द्वारा लगाया गया जुर्माना जमा है या नहीं।
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यदि कोई अपील पेंडिंग है, तो अपने वकील से संपर्क कर उसकी वर्तमान स्थिति का पता लगाएं।
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सुनिश्चित करें कि अन्य सभी मामलों में बंदी को जमानत मिल चुकी हो।



