कैंसर का लक्षण हो सकता है लंबे समय तक बुखार या थकान
कैंसर के खिलाफ उज्जैन में जागरूकता अभियान, शुरुआती पहचान से लेकर आधुनिक थेरेपी तक हो रही विशेष चर्चा

उज्जैन। कैंसर के शुरुआती लक्षण काफी बदल गए हैं। लंबे समय तक रहने वाला बुखार, लगातार थकान, खांसी, शरीर में किसी भी प्रकार की गांठ या सूजन जैसे लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। खासकर गर्दन और कांख (अंडरआर्म) में उभरने वाली गांठ की तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टर से जांच करानी चाहिए। यह कैंसर के शुरुआती लक्षण भी हो सकते हैं।
आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज में चल रहे दो दिवसीय कैंसर जागरुककता सम्मेलन में सामने यह बात सामने आई है। ५ सितंबर से शुरू हुए सेमिनार में किशोरों और युवाओं को इस बीमारी के शुरुआती संकेतों, समय पर जांच और अत्याधुनिक इलाज पर चर्चा हुई। कैंसर के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से इस 15वें राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। शनिवार ५ सितंबर से शुरू हुआ यह दो दिवसीय सम्मेलन 6 सितंबर तक चलेगा। जिसमेें देश भर से आए चिकित्सा विशेषज्ञ कैंसर की रोकथाम, प्रारंभिक पहचान और आधुनिक उपचार से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर अपने विचार साझा कर रहे हैं।
युवाओं में बढ़ रहे मामलों पर विशेषज्ञों का मंथन
सम्मेलन का मुख्य केंद्र बिंदु 15 से 40 वर्ष की आयु वर्ग के युवाओं में होने वाले कैंसर के प्रकार और उनकी रोकथाम है। विशेषज्ञों का मानना है कि युवा अक्सर सामान्य शारीरिक परेशानियों या थकान को मौसमी बीमारी समझकर टाल देते हैं, जिसके कारण बीमारी की पहचान काफी देर से होती है।
ब्लड कैंसर व सार्कोमा चिंता का विषय
डीएम मेडिकल एवं हेमाटो-ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. हेमंत मिश्रा के अनुसार, किशोरों और युवाओं में ब्लड कैंसर (ल्यूकेमिया) और सार्कोमा के मामले चिंता का विषय बनते जा रहे हैं। उन्होंने सलाह दी कि लंबे समय तक रहने वाला बुखार, लगातार थकान, खांसी, शरीर में किसी भी प्रकार की गांठ या सूजन जैसे लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। खासकर गर्दन और कांख (अंडरआर्म) में उभरने वाली गांठ की तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टर से जांच करानी चाहिए। इसके अलावा, युवाओं में स्तन कैंसर के मामलों को लेकर भी विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। सम्मेलन में कैंसर के इलाज के लिए उपयोग की जाने वाली आधुनिक तकनीकों पर विस्तार से चर्चा की जा रही है, जिनमें कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी, इम्यूनोथेरेपी, सर्जरी, कार-टी सेल थेरेपी आदि प्रमुख हैं।
सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य देश भर के डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों को एक मंच प्रदान करना है, ताकि वे उपचार से जुड़े अपने अनुभव और नई जानकारियां साझा कर सकें। ताकि युवाओं को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं और निरंतर देखभाल उपलब्ध कराने के लिए एक प्रभावी रणनीति तैयार करने में मदद मिलेगी।
-डॉ. वीके महाडिक, आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज



