अध्यात्म

महाकाल मंदिर का प्राचीन द्वार खुला, अब कहलाएगा ‘अवंतिका द्वार’

उज्जैन। विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन व्यवस्था में एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव किया गया है। मंदिर का प्राचीन मुख्य प्रवेश द्वार गुरुवार से फिर से दर्शनार्थियों के लिए खोल दिया गया है। इस ऐतिहासिक द्वार को अब ‘अवंतिका द्वार’ (गेट नंबर 1) का नाम दिया गया है। यह बदलाव मंदिर समिति के पुराने प्रशासनिक कार्यालय के सामने चल रहे सड़क निर्माण कार्यों के चलते किया गया है।

ऐतिहासिक महत्व: पालकी का मुख्य मार्ग और ‘शहनाई द्वार’

मंदिर का यह प्राचीन द्वार महाकाल चौराहे की तरफ खुलता है। ऐतिहासिक रूप से यही मंदिर का मुख्य प्रवेश द्वार रहा है, और भगवान महाकाल की सवारी की पालकी भी इसी द्वार से मंदिर से बाहर आती है।

विकास कार्यों के चलते कुछ समय पहले इस गेट को बंद कर यहाँ विराजित सती माता और श्रीगणेश मंदिर को शिफ्ट किया गया था। अब यह द्वार नए और भव्य स्वरूप में बनकर तैयार है।

खास बात यह है कि लंबे समय तक इस द्वार पर सुबह-शाम स्थानीय कलाकारों द्वारा शहनाई वादन किया जाता था, जिस कारण इसे ‘शहनाई द्वार’ के नाम से भी जाना जाता है। करीब दो साल पहले महापौर मुकेश टटवाल की पहल पर उज्जैनवासियों के लिए अलग से ‘अवंतिका द्वार’ बनाया गया था। अब शहनाई द्वार पर ही वह व्यवस्था लागू होने से इसे अवंतिका द्वार भी कहा जाएगा।

नए गेट नंबर 1 से इन्हें मिलेगा प्रवेश

नए स्वरूप में शुरू हुए इस अवंतिका द्वार (गेट नंबर 1) से निम्नलिखित दर्शनार्थियों को प्रवेश दिया जाएगा:

  • शीघ्रदर्शन (250 रुपये शुल्क) का टिकट लेने वाले दर्शनार्थी।

  • आधार कार्ड दिखाने पर उज्जैन के स्थानीय रहवासी।

  • नियमित दर्शनार्थी।

  • बुजुर्ग और दिव्यांगजन।

समिति ने यहाँ दर्शनार्थियों की सुविधा के लिए जूता स्टैंड और मोबाइल-बैग लॉकर भी बनाए हैं। यहाँ से प्रवेश लेकर श्रद्धालु टनल के रास्ते अंदर पहुँचेंगे और दर्शन के बाद दूसरी ओर से बाहर निकलेंगे।

पुराना गेट इसलिए हुआ बंद

मंदिर समिति के प्रशासनिक कार्यालय की ओर जाने वाले मार्ग (यादव समाज धर्मशाला के सामने) पर सड़क निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है। इस कारण वहाँ स्थित पुराने गेट नंबर 1 से प्रवेश बंद कर दिया गया है।

न्यू ईयर वेकेशन: गेट नंबर 4 में अस्थाई बदलाव

नए साल की छुट्टियों (New Year Vacation) पर मंदिर में लाखों श्रद्धालुओं के पहुँचने की संभावना है। इसे देखते हुए मंदिर समिति ने बड़ा गणेश मंदिर के सामने स्थित गेट नंबर 4 की व्यवस्था में भी अस्थाई बदलाव किया है।

  • नई व्यवस्था: यहाँ से शीघ्रदर्शन रसीद वाले दर्शनार्थियों को प्रवेश दिया जाता है। अब ये दर्शनार्थी बड़ा गणेश के सामने बनाए गए अस्थाई बैरिकेड्स से होते हुए सीधे टनल एग्जिट गेट (Tunnel Exit Gate) में प्रवेश करेंगे और गणेश मंडपम की एक नंबर बैरिकेड्स कतार पर पहुँचेंगे।

  • यह व्यवस्था भीड़ के दबाव के मुताबिक लागू रहेगी।


इनका कहना

दर्शनार्थियों की सुविधा के लिए ये बदलाव किए गए हैं। मंदिर के प्राचीन प्रवेश द्वार (शहनाई द्वार) को गेट नंबर 1 के रूप में प्रारंभ किया है। यहाँ सभी आवश्यक सुविधाएं जुटाई गई हैं, ताकि दर्शनार्थियों को कोई परेशानी न हो।

– आशीष फलवाडिय़ा, सहायक प्रशासक, महाकाल मंदिर समिति

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