उज्जैनमध्यप्रदेश

सिम कार्ड घोटाला: उज्जैन पुलिस की बड़ी कामयाबी, जालसाजों का नेटवर्क ध्वस्त

उज्जैन में 352 फर्जी सिम कार्ड जब्त : OTP फ्रॉड से मासूमों को मिली सुरक्षा

उज्जैन। उज्जैन पुलिस की साइबर टीम और आईटी-सेल ने साइबर अपराध के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 352 फर्जी सिम कार्ड जब्त किए हैं। यह कार्रवाई उन शिकायतों के आधार पर की गई, जिनमें साइबर अपराधी भोले-भाले और तकनीकी रूप से अनजान नागरिकों को धोखे से फंसाकर उनके नाम पर सिम कार्ड जारी करवा रहे थे।

पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा के कुशल मार्गदर्शन में चलाए गए इस विशेष अभियान का उद्देश्य इन फर्जी सिम कार्डों के नेटवर्क को तोड़ना था, जिनका इस्तेमाल गंभीर साइबर अपराधों को अंजाम देने के लिए किया जा रहा था।

अपराधों में होता था इन फर्जी सिमों का इस्तेमाल

पुलिस के अनुसार, जब्त किए गए इन 352 फर्जी सिम कार्डों का उपयोग कई तरह के गंभीर अपराधों में किया जा रहा था:

  • डुअल OTP फ्रॉड: धोखाधड़ी करके लोगों के खातों से पैसे निकालना।
  • बैंकिंग धोखाधड़ी: नागरिकों की गोपनीय बैंकिंग जानकारी चुराना।
  • ऑनलाइन लॉटरी/प्राइज स्कैम: झूठे इनाम का लालच देकर ठगी करना।
  • साइबर ब्लैकमेलिंग: पीड़ितों को ब्लैकमेल करना और उनसे पैसे वसूलना।
  • अश्लील सामग्री प्रसार: अवैध और अश्लील सामग्री को प्रसारित करना।

सतर्क निगरानी से मासूमों को मिली राहत

साइबर टीम ने तकनीकी निगरानी और गहन डेटा विश्लेषण के माध्यम से इन संदिग्ध सिम कार्डों की पहचान की। त्वरित कार्रवाई करते हुए इन सभी फर्जी सिमों को तत्काल बंद करा दिया गया। इस समयबद्ध कार्रवाई के कारण, जिन मासूम नागरिकों के नाम पर ये सिम धोखे से जारी किए गए थे, वे संभावित साइबर ठगी और बड़े आर्थिक नुकसान से बच गए।

उज्जैन पुलिस ने अब इस पूरे फर्जी नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस धोखाधड़ी में शामिल व्यक्तियों और गिरोहों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

उज्जैन पुलिस की नागरिकों से अपील

उज्जैन पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वह केवल पारंपरिक अपराधों पर ही नहीं, बल्कि आधुनिक साइबर अपराधों पर भी पूरी तकनीकी दक्षता के साथ काम कर रही है। पुलिस का लक्ष्य हर नागरिक को सुरक्षित वातावरण देना है।

जिला पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने नागरिकों से अपील की है कि:

  1. अपनी व्यक्तिगत जानकारी, OTP या बैंकिंग डिटेल किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें।
  2. कोई भी संदिग्ध कॉल, मैसेज या लिंक मिलने पर तत्काल निकटतम थाना अथवा साइबर सेल को सूचना दें।
  3. साइबर अपराधों के खिलाफ पुलिस के प्रयासों में सक्रिय रूप से सहयोग करें।

उज्जैन पुलिस का यह अभियान जनता की सुरक्षा और अपराधियों के विरुद्ध उनकी सशक्त प्रतिबद्धता का एक स्पष्ट उदाहरण है।

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