सिंहस्थ 2028: उज्जैन में माइक्रो-लेवल प्लानिंग, शिप्रा में हमेशा रहेगा ‘शुद्ध जल’, मीडिया ने की सीएम की तारीफ

उज्जैन। सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को लेकर उज्जैन जिला प्रशासन ने मंगलवार 4 नवंबर 2025 को मीडियाकर्मियों के साथ एक संवाद सत्र आयोजित किया। सिंहस्थ कार्य स्थलों के भ्रमण के बाद हुए इस सत्र में मीडियाकर्मियों ने कार्यों की गति और प्लानिंग पर संतोष व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को अच्छी प्लानिंग के लिए धन्यवाद दिया।
संभागायुक्त आशीष सिंह और कलेक्टर रौशन सिंह ने मीडिया को सिंहस्थ से जुड़े बड़े प्रोजेक्ट्स की विस्तृत जानकारी दी।
शिप्रा को हमेशा प्रवाहमान रखेगा सेवरखेड़ी प्रोजेक्ट
मीडियाकर्मियों ने जल संसाधन विभाग के दो बड़े प्रोजेक्ट— सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी प्रोजेक्ट और कान्हा डक्ट योजना का भ्रमण किया और काम की तेज गति पर संतोष जताया।
- सेवरखेड़ी प्रोजेक्ट: ₹614.3 करोड़ की लागत वाला यह प्रोजेक्ट शिप्रा नदी को हमेशा प्रवाहमान रखेगा।
- कार्य योजना: मानसून के दौरान सेवरखेड़ी बैराज से पानी पंपिंग के जरिए सिलारखेड़ी जलाशय में ले जाया जाएगा। 51 MCF क्षमता वाले इस जलाशय से पानी को गुरुत्वाकर्षण (ग्रेविटी) के माध्यम से गुवारिया के पास शिप्रा में छोड़ा जाएगा।
- समय सीमा: संभागायुक्त आशीष सिंह ने बताया कि यह प्रोजेक्ट 2026 में पूरा हो जाएगा और 2027 के मानसून सीजन में इसका भौतिक परीक्षण भी हो जाएगा।
- विशेषता: सिंहस्थ-2028 में श्रद्धालुओं को शिप्रा जल से ही स्नान कराया जाएगा, जबकि पूर्व में गंभीर या नर्मदा जल का उपयोग होता था।
कान्हा का गंदा पानी शिप्रा से होगा दूर
कलेक्टर रौशन सिंह ने बताया कि शिप्रा नदी को पूरी तरह शुद्ध करने के लिए ₹919 करोड़ की लागत से कान्ह डायवर्शन क्लोज डक्ट प्रोजेक्ट किया जा रहा है।
- करीब 30 किलोमीटर लंबा यह प्रोजेक्ट 18 लंबी और गहरी ‘कट एंड कवर’ डक्ट के जरिए कान्हा नदी के गंदे पानी को सीधे गंभीर नदी की डाउन स्ट्रीम में छोड़ेगा, जिससे शिप्रा नदी में गंदगी नहीं मिलेगी।
सिंहस्थ 2028: 30 करोड़ श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्था
कलेक्टर रौशन सिंह ने अपने प्रजेंटेशन में बताया कि सिंहस्थ में 30 करोड़ श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्थाएं जुटाई जा रही हैं:
- स्नान घाट: श्रद्धालुओं के स्नान के लिए शिप्रा के दोनों किनारों पर 29 किलोमीटर लंबे घाट बनाए जा रहे हैं।
- सड़क और पुल: घाटों तक पहुँचने के लिए एक नया फोरलेन MR 22 बनाया जा रहा है। साथ ही, 19 नए पुल और हरिफाटक ब्रिज का चौड़ीकरण किया जा रहा है।
मीडिया की ओर से आए महत्वपूर्ण सुझाव
झाव सत्र के दौरान मीडियाकर्मियों ने सिंहस्थ की प्लानिंग को लेकर कई महत्वपूर्ण बिंदु उठाए:
| सुझाव का विषय | प्रमुख बिंदु | प्रशासनिक प्रतिक्रिया |
| मंदिर व्यवस्था | स्नान के साथ-साथ कल्पवास करने वाले श्रद्धालुओं के लिए आस-पास के मंदिरों की व्यवस्था को प्लानिंग में शामिल किया जाए। | संभागायुक्त ने सुझाव पर विचार करने का आश्वासन दिया। |
| यातायात प्रबंधन | इंदौर रोड पर जीवनखेड़ी की तरफ बन रहे ब्रिज पर जाम लगने की आशंका को दूर किया जाए। | विस्तृत योजना पर काम जारी है। |
| भीड़ नियंत्रण | सिंहस्थ के दौरान भीड़ सिर्फ उज्जैन में नहीं, बल्कि आसपास के शहरों और राज्यों में भी होगी। इन्हें सुरक्षित लाने और ले जाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। | श्रद्धालुओं को 5 किलोमीटर दूर वाहन छोड़ने होंगे। वहां से लाने-ले जाने का प्रबंध प्रशासन करेगा। |
| वर्तमान निर्माण कार्य | शहर में चल रहे निर्माण कार्यों के कारण आम आदमी को ट्रैफिक, नाली और गंदगी से हो रही परेशानी को कम किया जाए। | – |
| रेलवे भूमि | रेलवे की रिक्त हो रही जमीन को प्रशासनिक कब्जे में लेने का सुझाव दिया गया। |



