एक्शन में CM मोहन यादव : ‘नवाचार’ से सुशासन लाओ; लापरवाही पर 3 निलंबित, 19 पर दंडात्मक कार्रवाई

भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों और कर्मचारियों को कार्य पद्धति में सुधार लाने और नए प्रयोगों (नवाचारों) के माध्यम से नागरिकों के कार्यों को समय पर और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने का निर्देश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस क्षेत्र में सीएम हेल्पलाइन की शिकायतें न्यूनतम या शून्य होंगी, उन्हें पुरस्कृत किया जाएगा, ताकि अधिकारी-कर्मचारी सुशासन स्थापित करने के लिए प्रेरित हों।
गुरुवार 23 अक्टूबर 2025 को समत्व भवन, मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के जरिए हुई ‘समाधान ऑनलाइन’ समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने लंबित प्रकरणों का समाधान करवाया और लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
कार्रवाई: 3 निलंबित, 19 पर दंडात्मक कार्रवाई
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्य के प्रति लापरवाही बरतने वाले कर्मियों पर त्वरित कार्रवाई की:
- निलंबन: 3 कर्मचारियों को निलंबित किया गया।
- दंडात्मक कार्रवाई: 19 अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की गई।
- अन्य दंड: 5 शासकीय सेवकों की वेतन वृद्धि रोकी गई, 6 को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, और एक प्रकरण में दोषी कर्मचारी के विरुद्ध विभागीय जांच के निर्देश दिए गए।
उत्कृष्ट कार्य करने वाले हुए पुरस्कृत
मुख्यमंत्री ने सीएम हेल्पलाइन के तहत श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले जिलों और विभागों की सराहना की:
- सर्वश्रेष्ठ जिले: रायसेन और दतिया जिले।
- सर्वश्रेष्ठ विभाग: ऊर्जा विभाग।
- उच्च प्रदर्शन के लिए बधाई (सितंबर माह): सीएम हेल्पलाइन में शिकायतों के शत-प्रतिशत निराकरण के लिए 4 अधिकारियों (भिंड से उपनिरीक्षक श्री के.के. दुबे, मंडला से कनिष्ठ अभियंता श्री वेंकटेश नेरकर, धार से विकासखण्ड चिकित्सा अधिकारी डॉ. नंदिता निगम, और सतना से सहायक संचालक श्री कमलेश शुक्ला) को बधाई दी गई।
समीक्षा में आए महत्वपूर्ण मामले
समाधान ऑनलाइन बैठक में छात्रवृत्ति, आहार अनुदान, भू-अर्जन, सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) और शिक्षकों की उपस्थिति से संबंधित कई महत्वपूर्ण प्रकरणों पर कार्रवाई हुई:
मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रमुख निर्देश
- कलेक्टर्स करें निरीक्षण: शैक्षणिक परिसर और छात्रावासों में विद्यार्थियों को आवश्यक सुविधाएं मिलें, इसके लिए कलेक्टर्स समय-समय पर कैंपस में भ्रमण कर सुविधाओं का जायजा लें।
- बैंकों पर भी कार्रवाई: शासकीय विभागों के साथ-साथ बैंक के अधिकारी-कर्मचारी भी जनता के प्रति जवाबदेह हैं। उनकी लापरवाही पर भी दण्डित करने की कार्यवाही की जाए।
- शिकायतें लंबित न हों: नागरिकों के कार्यों में विलंब नहीं होना चाहिए और कार्यालयों में शिकायतें लंबित नहीं होनी चाहिए।
- राशन दुकान स्थानांतरण: राशन की दुकान स्थानांतरित करने के मामले में ग्रामीण क्षेत्र में सरपंच और नगरीय क्षेत्र में पार्षद का सुझाव और सहमति ली जाना चाहिए।
- दायित्व निर्धारण: प्रकरण में विलंब के लिए दोषी कर्मियों का दायित्व निर्धारित कर तत्काल कार्रवाई करें।



