नवजात की मौत की ‘गुनहगार’ फर्जी डॉ. तैयबा गिरफ्तार: उज्जैन में दो महीने बाद पुलिस के हत्थे चढ़ी, भागने की कोशिश नाकाम

उज्जैन: करीब दो महीने पहले एक नवजात शिशु की मौत का कारण बनी ‘फर्जी डॉ. तैयबा’ को उज्जैन पुलिस ने आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है। अवैध क्लिनिक चलाकर लोगों की जान से खिलवाड़ करने वाली तैयबा शेख पर बिना डिग्री के इलाज और लापरवाही से बच्चे की जान लेने का आरोप है। पुलिस को देखते ही भागने की कोशिश कर रही इस महिला को घेराबंदी कर पकड़ा गया। अवैध रूप से क्लिनिक चलाकर चिकित्सकीय लापरवाही के कारण नवजात शिशु की मौत के सनसनीखेज मामले में, थाना पंवासा पुलिस ने मुख्य आरोपी महिला डॉक्टर तैयबा शेख को गिरफ्तार कर लिया है।

क्या था मामला?
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घटना की शुरुआत: 2 अक्टूबर को चिंतामन निवासी प्रसूता को प्रसव पीड़ा हुई, जिसके बाद उन्हें डॉ. तैयबा शेख के मक्सी रोड स्थित पंवासा क्षेत्र के ‘आशीर्वाद अस्पताल’ में भर्ती कराया गया।
- लापरवाही: जांच में सामने आया कि प्रसूता माला पति संजु मालवीय को डिलीवरी के लिए पाण्ड्याखेड़ी स्थित ‘खुशी क्लिनिक’ ले जाया गया था। यहाँ तैयबा शेख ने बिना किसी वैध डिग्री और क्लिनिक पंजीकरण के प्रसव कराया। प्रसूति के दौरान उसके द्वारा दिए गए इंजेक्शन और उपचार में हुई गंभीर लापरवाही के कारण ही नवजात शिशु की मृत्यु हुई।
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लापरवाही की हद: इलाज के दौरान प्रसूता को खून की बोतल चढ़ाई गई और दिनभर उपचार चलता रहा, लेकिन उनकी हालत बिगड़ती चली गई। जब स्थिति बेकाबू हुई, तो डॉ. तैयबा उन्हें पाटीदार ब्रिज के पास दूसरे अस्पताल ‘खुशी क्लिनिक’ ले गईं और वहाँ परिजनों को छोड़कर खुद फरार हो गईं।
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दुःखद परिणाम: इस गंभीर लापरवाही का परिणाम यह हुआ कि नवजात शिशु की मृत्यु हो गई।
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प्रशासनिक कार्रवाई: 3 अक्टूबर को डॉ. तैयबा के अस्पतालों को सील कर दिया गया। स्वास्थ्य विभाग की जांच में खुलासा हुआ कि तैयबा शेख के पास प्रसूति या एलोपैथिक उपचार की कोई वैध डिग्री नहीं थी, और उसके दोनों क्लिनिक बिना पंजीकरण के अवैध रूप से संचालित हो रहे थे। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) की रिपोर्ट में यह तथ्य सामने आया कि आरोपी तैयबा शेख के पास प्रसूति/एलोपैथिक उपचार की कोई वैध चिकित्सीय डिग्री नहीं है, और उसके दोनों क्लिनिक— ‘खुशी क्लिनिक’ और ‘आशीर्वाद मेडिकल एंड सर्जिकल क्लिनिक’ — बिना पंजीकरण के संचालित हो रहे थे।
पुलिस की घेराबंदी और गिरफ्तारी
थाना प्रभारी पवासा, उपनिरीक्षक गमर सिंह मण्डलोई ने बताया कि अवैध क्लिनिक संचालन और बिना डिग्री के उपचार के दौरान नवजात की संदिग्ध मृत्यु के आरोप में 09.10.2025 मर्ग क्रमांक 15/2025, धारा 194 BNS के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। आरोपियों के खिलाफ विभिन्न सख्त धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध कराया गया था और उनके क्लिनिक सील कर दिए गए थे।
पुलिस को 29.11.2025 को मुखबिर से सूचना मिली कि तैयबा शेख जानसापुरा क्षेत्र में घूम रही है। पुलिस टीम ने तत्काल इलाके में घेराबंदी की। एक महिला संदिग्ध अवस्था में गली में दिखी, जो पुलिस को देखते ही भागने लगी। महिला पुलिस अधिकारियों ने फुर्ती दिखाते हुए उसे पकड़ लिया। नाम-पता पूछने पर उसकी पहचान तैयबा शेख पति अमर कुशवाह (35 वर्ष), निवासी पांड्याखेड़ी, उज्जैन के रूप में हुई। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
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गिरफ्तारी: 29.11.2025 को विश्वसनीय मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने जांसापुरा क्षेत्र में सर्चिंग की। तैयबा शेख संदिग्ध अवस्था में घूमती मिली और पुलिस को देखकर भागने लगी। महिला पुलिस अधिकारियों ने घेराबंदी कर उसे पकड़ा।
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पहचान: गिरफ्तार महिला ने अपना नाम तैयबा शेख पति अमर कुशवाह (35 वर्ष), निवासी पाण्ड्याखेड़ी बताया।
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दर्ज धाराएँ: आरोपीया के विरुद्ध धारा 61, 125, 105 BNS के साथ-साथ म.प्र. राज्य आयुर्विज्ञान परिषद अधिनियम की धारा 24 और अन्य चिकित्सा संस्था नियंत्रण अधिनियम की धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
आगे की कार्रवाई
पुलिस आरोपीया तैयबा शेख से उसके चिकित्सकीय दस्तावेजों, अवैध मेडिकल नेटवर्क और इस अवैध धंधे में शामिल नर्सों की भूमिका की विस्तृत जांच कर रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आवश्यकतानुसार अन्य आरोपियों को भी जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।
बच्चे की जान लेने की आरोपी फर्जी डॉक्टर तैय्यबा शेख पर मुकदमा दर्ज
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