वरिष्ठ डॉक्टर को ‘आर्मी ऑफिसर’ बनकर साइबर ठग ने लगाया फोन
डॉक्टर बेटी की सतर्कता से साइबर ठग से बचा बैंक खाता

उज्जैन, समाचार आज। साइबर अपराधी अब प्रतिष्ठित नागरिकों और डॉक्टरों को अपना निशाना बना रहे हैं।
ताजा मामला शहर के वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. विजय गर्ग के साथ सामने आया है। ठगों ने ‘सेना के जवान’ बनकर उन्हें झांसे में लेने की कोशिश की, लेकिन डॉक्टर की बेटी की सूझबूझ से एक बड़ी ठगी टल गई।
केस स्टडी: कैसे बुना ठगों ने जाल?
डॉ. विजय गर्ग ने अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि घटना 13 जनवरी 2026 (मंगलवार) सुबह 9:30 बजे की है:
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पहला कॉल: मोबाइल नंबर 9511362800 से कॉल आया। कॉलर ने खुद को सेना का जवान बताया।
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लालच: उसने कहा कि “हमारी बटालियन के 50 जवानों का चेकअप (Health Checkup) करवाना है, जिसके लिए हम आपको 50,000 रुपये देंगे। 40,000 रुपये एडवांस और 10,000 रुपये काम के बाद दिए जाएंगे।”
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दूसरा कॉल (फर्जी अकाउंटेंट): पेमेंट प्रोसेस के नाम पर दूसरे नंबर 626623455 से कॉल आया। खुद को आर्मी का अकाउंटेंट बताने वाले इस व्यक्ति ने डॉक्टर से उनके बैंक खाते की गोपनीय जानकारी और ओटीपी (OTP) मांगना शुरू कर दिया।
डॉक्टर बेटी बनीं ‘रक्षक’
जिस समय ठग डॉक्टर गर्ग को अपनी बातों में उलझा रहा था, उनकी पुत्री डॉ. पूर्वी गर्ग पास ही खड़ी थीं। उन्होंने तुरंत भांप लिया कि यह एक ‘फेक साइबर फ्रॉड’ कॉल है। उन्होंने तत्काल पिता के दोनों मोबाइल नंबरों से उन कॉल्स को ब्लॉक करवाया और बैंक डिटेल्स देने से रोक दिया। इस तरह डॉ. गर्ग का बैंक खाता खाली होने से बच गया।
‘आर्मी स्कैम’ से ऐसे बचें
आजकल ठग सेना के नाम का इस्तेमाल इसलिए करते हैं ताकि सामने वाला व्यक्ति उन पर भरोसा कर ले।
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QR कोड/OTP स्कैन न करें: सेना या कोई भी विभाग एडवांस पेमेंट के लिए आपसे QR कोड स्कैन करने या ओटीपी नहीं मांगता।
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सैनिकों की वर्दी वाली DP: व्हाट्सएप पर सैनिकों की फोटो देखकर भरोसा न करें। ठग अक्सर फर्जी पहचान पत्र और वर्दी वाली फोटो का इस्तेमाल करते हैं।
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एडवांस का लालच: यदि कोई अनजान व्यक्ति बिना मिले भारी एडवांस देने की बात करे, तो समझ जाएं कि वह फ्रॉड है।
डॉ. विजय गर्ग की अपील
डॉ. गर्ग ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे इस तरह के फोन कॉल्स से सावधान रहें। किसी भी अनजान व्यक्ति को अपने बैंक खाते की जानकारी न दें।
-हरिओम राय, समाचार आज (samacharaaj.com)



