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उज्जैन के झिरनिया में दुबई से आए शेख के स्वागत में हर्ष फायरिंग

झिरनिया गांव ak-47 राइफल के कारण रह चुका है चर्चित, रतलाम-धार से दो को पकड़ा, मुख्य सरगना की तलाश जारी

उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के झिरनिया से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां पुलिस प्रशासन के तमाम दावों और सख्त आदेशों को ताक पर रखकर सरेआम कानून की धज्जियां उड़ाई गईं। शहर से करीब 45 किलोमीटर दूर नागदा के बिरलाग्राम थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम झिरनिया में दुबई से आए एक प्रमुख शेख (जिन्हें स्थानीय स्तर पर उनके व्यावसायिक व प्रबंधकीय संपर्कों के चलते एक मुख्य अतिथि या अनाधिकारिक ‘सीईओ’ नुमा शख्सियत के रूप में देखा गया) के भव्य स्वागत के दौरान जमकर हथियारों का प्रदर्शन किया गया और अंधाधुंध हर्ष फायरिंग की गई। इस पूरे कृत्य का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद इलाके में सनसनी फैल गई। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया और त्वरित कार्रवाई करते हुए आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर रतलाम और धार से दो आरोपियों को राउंडअप कर लिया है, जबकि अन्य की तलाश सरगर्मी से जारी है।

चेहरे पर काला मास्क लगाकर लहराया हथियार

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो की एक और बात ने लोगों का ध्यान खींचा है। वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि एक युवक अपने चेहरे पर काला मास्क लगाए हुए है और हाथ में हथियार लहरा रहा है। उसके पास ही खड़ा दूसरा युवक हवा में बंदूक तानकर दनादन फायरिंग करता नजर आ रहा है। इस तरह से चेहरे छुपाकर और सरेआम खुलेआम इस तरह का शक्ति प्रदर्शन करना सुरक्षा एजेंसियों और कानून व्यवस्था पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है।

गौरतलब है कि झिरनिया गांव वही गांव है जो अतीत में सोहराबुद्दीन के नाम से भी चर्चाओं में रहा है, जिसकी 2005 में पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई थी। यहां से ak47 हथियार भी पकड़े जा चुके हैं।  ऐसे में इस गांव में इस तरह की आपराधिक प्रवृत्ति और हथियारों का प्रदर्शन होना पुलिस के लिए भी चिंता का विषय बन गया है।

दुबई से आए मेहमान के स्वागत में निकला था जुलूस

ग्रामीण अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) कारणदीप सिंह ने घटना के संबंध में मीडिया को बताया कि सोशल मीडिया पर एक वायरल वीडियो की जांच क्राइम ब्रांच के डीएसपी योगेंद्र सिंह तोमर को सौंपी गई थी। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई कि यह वीडियो उज्जैन जिले के बिरलाग्राम थाना क्षेत्र के ग्राम झिरनिया का है।

जांच में यह भी खुलासा हुआ कि यह वीडियो इसी साल अगस्त महीने का है। गांव में दुबई से एक प्रवासी शेख आया था, जिसके स्वागत और सम्मान में ग्रामीणों द्वारा एक जुलूस यानी ‘बाना’ निकाला गया था। इस स्वागत समारोह के दौरान उत्साह में सारी हदें पार कर दी गईं। जुलूस और स्वागत कार्यक्रम के दौरान दो नाली बंदूकों से दनादन गोलियां चलाई गईं और हवा में ताबड़तोड़ हर्ष फायरिंग की गई। इतना ही नहीं, इस दौरान खुलेआम नोट भी उड़ाए गए, जिसका वीडियो किसी ने अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया और बाद में इसे सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया। वीडियो वायरल होने के बाद इसने तूल पकड़ लिया।

रतलाम और धार के दो आरोपी पुलिस हिरासत में

वायरल वीडियो के तूल पकड़ने और सोशल मीडिया पर इसकी आलोचना होने के बाद पुलिस हरकत में आई। एसपी प्रदीप शर्मा के सख्त निर्देश पर बिरलाग्राम थाना प्रभारी जितेंद्र पाटीदार ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल कार्रवाई की। पुलिस ने वीडियो के आधार पर शुरुआत में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया। इसके बाद तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने दो आरोपियों की पहचान कर ली। पकड़े गए आरोपियों की पहचान इरफान (उम्र 40 वर्ष) निवासी रतलाम और असलम (उम्र 45 वर्ष) निवासी धार के रूप में हुई है। बिरलाग्राम पुलिस ने दोनों को अपनी हिरासत में ले लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वीडियो में नजर आ रहे अन्य लोगों और मुख्य आरोपी की तलाश के लिए दबिश दी जा रही है। तीसरे मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पूरे मामले का औपचारिक रूप से खुलासा किया जाएगा और इस बात की भी जांच की जाएगी कि इस कार्यक्रम में इस्तेमाल किए गए हथियार लाइसेंसी थे या अवैध।

हिंदू संगठनों ने दी आंदोलन की चेतावनी

जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर वायरल हुआ, क्षेत्र में हड़कंप मच गया और राजनीतिक व सामाजिक गलियारों में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। घटना के विरोध में हिंदू संगठनों ने आक्रामक रुख अपनाते हुए पुलिस प्रशासन को ज्ञापन सौंपा और तत्काल कड़ी कार्रवाई की मांग की। हिंदू जागरण मंच के प्रांत संयोजक भैरूलाल टांक ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने मीडिया और प्रशासन से बातचीत में कहा कि झिरनिया गांव में इस तरह की असामाजिक और गैर-कानूनी गतिविधियों की शिकायत पहले भी कई बार स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से की जा चुकी है, लेकिन समय रहते ठोस कदम न उठाए जाने के कारण अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। टांक ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि वायरल वीडियो में दिखाई दे रही फायरिंग बेहद गंभीर मामला है और यदि पुलिस ने जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं की, तो हिंदू संगठन और ग्रामीण उग्र आंदोलन करने के लिए विवश होंगे।

अन्य लोगों की तलाश जारी

वीडियो सामने आने के बाद से ही पुलिस लगातार इस बात की तह तक जाने का प्रयास कर रही है कि इस कार्यक्रम को आयोजित करने के पीछे मुख्य लोग कौन थे और दुबई से आए शेख या संबंधित कॉरपोरेट/व्यावसायिक हस्तियों से इन लोगों के क्या संबंध हैं। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस तरह से हर्ष फायरिंग करना कानूनन अपराध है और सुप्रीम कोर्ट तथा शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि किसी भी सार्वजनिक उत्सव, शादी या स्वागत समारोह में हथियारों का प्रदर्शन और फायरिंग करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।

फिलहाल, पुलिस हिरासत में लिए गए दोनों आरोपियों (इरफान और असलम) से गहन पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वीडियो में दिखाई दे रही दोनाली बंदूकें कहां से लाई गई थीं और इस पूरी घटना में और कौन-कौन लोग प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल थे। पुलिस का यह भी कहना है कि इस मामले में वीडियो फुटेज और डिजिटल साक्ष्यों को आधार बनाकर अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है, और जल्द ही इस मामले में और भी गिरफ्तारियां की जा सकती हैं। क्षेत्र में तनाव को देखते हुए पुलिस बल को भी सतर्क कर दिया गया है ताकि कानून और शांति व्यवस्था बनी रहे।

समाचार आज @ उज्जैन

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