
उज्जैन। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दीपावली के शुभ अवसर पर उज्जैन के महाकाल मंदिर आने वाले दर्शनार्थियों के लिए दो और आकर्षण प्रारंभ किए हैं। यह दोनों की नवाचार दर्शनार्थियों को काफी पसंद आएंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महाकाल महालोक परिसर में स्थित रुद्र सागर में 20 अक्टूबर 2025 की रात भव्य वाटर स्क्रीन प्रोजेक्शन और फाउंटेन शो का लोकार्पण किया। इस अत्याधुनिक लेजर एंड साउंड शो के माध्यम से अब श्रद्धालु और पर्यटक अवंतिका नगरी, मोक्षदायिनी शिप्रा नदी और भगवान महाकालेश्वर की गौरव गाथा को देख और समझ सकेंगे।
18 करोड़ की लागत से तैयार हुआ शो
- लागत और निर्माण: यह आकर्षक लेजर एंड साउंड शो स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत मध्य प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम द्वारा 18 करोड़ 7 लाख रुपये की लागत से स्थापित किया गया है।
- अवधि और प्रस्तुति: लगभग 25 मिनट की अवधि वाला यह शो, रुद्र सागर तालाब पर महाकालेश्वर की महिमा को अद्भुत ढंग से प्रदर्शित करता है।
‘श्री महाकालेश्वर बैंड’ की शुरुआत
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर पर एक और महत्वपूर्ण नवाचार का भी शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने ‘श्री महाकालेश्वर बैंड’ का भी शुभारंभ किया। बैंड ने मौके पर अपनी प्रस्तुति भी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी महाकाल सवारी और अन्य पर्वों पर यह बैंड अपनी प्रस्तुति देगा। उन्होंने इस मौके पर मिलेट (श्री अन्न) से निर्मित ‘श्री अन्न लड्डू प्रसादम‘ का भी शुभारंभ किया। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाकाल लोक परिसर में दीप प्रज्वलित किए और दीपदान भी किया।
बाबा के आशीर्वाद से राष्ट्र का तेजी से विकास – सीएम
लोकार्पण के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बाबा महाकाल के आशीर्वाद से राष्ट्र का तेजी से विकास हो रहा है। उन्होंने आगे कहा, “पूरे देश में उज्जैन का विशेष स्थान है और इसका अपना गौरवमयी इतिहास है। रुद्र सागर में शुरू हुए इस लाइट एंड साउंड शो से उज्जैन आने वाले पर्यटक और श्रद्धालु यहां की गौरव गाथा से परिचित होंगे और उनकी जिज्ञासाएं शांत होंगी। डॉ. यादव ने महाकाल बैंड की प्रस्तुति की सराहना करते हुए कहा कि आगामी पर्वों पर इस बैंड की नियोजित ढंग से प्रस्तुति की जाएगी।
आरतियों के पहले प्रस्तुति देगा बैंड
श्री महाकालेश्वर बैंड आरतियों के पहले अपनी प्रस्तुति देगा। बैंड कलाकार विभिन्न् आरती, मंत्र और भजन का गायन करेंगे। इसके लिए अभी मंदिर समिति ने 22 कलाकारों का चयन कर उन्हें आउटसोर्स कंपनी के माध्यम से नियुक्त किया है। वाद्य यंत्री दानदाताओं की मदद से मंगाए गए हैं। सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल ने बताया कि बैंड भस्मारती से काम शुरू कर देंगे। शयन आरती में भी रहेंगे। अन्य आरतियों में कितने-कितने लोग प्रदर्शन करेंगे, इसका शेड्यूल जल्दी तैयार हो जाएगा।



