माखन भोग में शुद्ध मक्खन का दावा हवा-हवाई, रोटी पर लगा रहे थे ‘वेजिटेबल फैट’
माखन भोग रेस्टोरेंट का लाइसेंस सस्पेंड

उज्जैन। धार्मिक एवं पवित्र नगरी उज्जैन में श्रद्धालुओं और आम जनता की सेहत के साथ हो रहे खिलवाड़ को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग (Food Safety Department) ने अब तक की सबसे बड़ी और सख्त कार्रवाई की है। चिंतामन गणेश मंदिर मार्ग पर स्थित प्रतिष्ठित होटल सॉलिटेयर (Hotel Solitaire) के ‘माखन भोग’ रेस्टोरेंट (Makhan Bhog Restaurant) पर खाद्य विभाग की टीम ने औचक छापेमार कार्रवाई की।
निरीक्षण के दौरान किचन और स्टोर रूम में स्वच्छता एवं खाद्य मानकों की ऐसी धज्जियां उड़ती मिलीं कि अधिकारियों के भी होश उड़ गए। स्टोर रूम में जहाँ आलू, प्याज और ताजी सब्जियाँ रखी हुई थीं, ठीक उसी के नीचे बदबूदार फूड वेस्ट चैंबर (Food Waste Chamber) बना हुआ था। इसके अलावा ग्राहकों को बटर (मक्खन) के नाम पर सस्ता और हानिकारक वेजिटेबल फैट स्प्रेड (Vegetables Fat Spread) परोसा जा रहा था। गंभीर अनियमितताएँ सामने आने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने रेस्टोरेंट का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से सस्पेंड (निलंबित) कर दिया है।
दीपावली से पहले खाद्य विभाग का ‘क्लीन अप’ अभियान
आगामी दीपावली और त्यौहारों के सीजन को देखते हुए मध्य प्रदेश के खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने शहर के तमाम बड़े होटलों, रेस्टोरेंटों, ढाबों और मिठाई दुकानों पर शुद्धता और स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए विशेष जांच अभियान चलाया हुआ है।
इसी कड़ी में सोमवार 2 नवंबर 2026 सुबह करीब 11:00 बजे खाद्य सुरक्षा अधिकारी बसंतदत्त शर्मा के नेतृत्व में विभागीय टीम ने अचानक होटल सॉलिटेयर परिसर में संचालित ‘माखन भोग’ रेस्टोरेंट में दबिश दी। टीम के अचानक पहुंचते ही रेस्टोरेंट संचालकों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। जब अधिकारियों ने किचन और स्टोर रूम का कोना-कोना खंगाला, तो वहाँ स्वच्छता मानकों की घोर अनदेखी और मिलावटखोरी का बड़ा खेल उजागर हुआ।
सब्जियों के ठीक नीचे बह रहा था नालियों का कचरा
कार्रवाई के दौरान सबसे हैरान करने वाला दृश्य स्टोर रूम में देखने को मिला। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने पाया कि जिस जगह पर आलू, प्याज और अन्य हरी सब्जियाँ खुले में रखी हुई थीं, ठीक उसी फर्श के नीचे फूड वेस्ट चैंबर (जूठन और कचरा इकट्ठा करने वाला गड्ढा) बनाया गया था।
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अस्वच्छता की पराकाष्ठा: वेस्ट चैंबर से उठ रही असहनीय दुर्गंध सीधे सब्जियों और खाद्य पदार्थों तक पहुँच रही थी।
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संक्रमण का खतरा: इस प्रकार के भंडारण से खाद्य पदार्थों में खतरनाक बैक्टीरिया और फंगस पनपने का सीधा खतरा था, जो रेस्टोरेंट में आने वाले श्रद्धालुओं और ग्राहकों के स्वास्थ्य के साथ बड़ा खिलवाड़ था।
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अधिकारियों की नाराजगी: अधिकारियों ने खाद्य पदार्थों के इस प्रकार के दूषित भंडारण पर कड़ा ऐतराज जताया और रेस्टोरेंट प्रबंधन को जमकर फटकार लगाई।
बटर के नाम पर परोस रहे वेजिटेबल फैट
नाम ‘माखन भोग’ होने के बावजूद यहाँ ग्राहकों की थाली में परोसे जाने वाले मक्खन (Butter) में भारी धोखाधड़ी पकड़ी गई।
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नकली बटर का खेल: जांच के दौरान पता चला कि तंदूरी और बटर रोटी पर असली बटर लगाने के बजाय ‘न्यूट्रलाइट’ (Nutralite) ब्रांड के वेजिटेबल फैट स्प्रेड का खुलेआम इस्तेमाल किया जा रहा था।
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सेहत के लिए हानिकारक: यह उत्पाद असल में वनस्पति तेल (Vegetable Oil) और बटर फ्लेवर वाले रसायनों का मिश्रण होता है, जो शुद्ध मक्खन की तुलना में बेहद सस्ता होता है। बटर के नाम पर ग्राहकों को यह कम गुणवत्ता वाला फैट परोसकर मोटा मुनाफा कमाया जा रहा था।
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तले हुए तेल पर सवाल: इसके अलावा, किचन में बार-बार इस्तेमाल किए जा रहे कुकिंग ऑयल (जले हुए तेल) की गुणवत्ता पर भी टीम ने गहरा संदेह जताया। अधिकारियों ने मौके से बटर, कुकिंग ऑयल और पनीर के सैंपल सील कर जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला (State Food Testing Lab) भेज दिए हैं।
बासी दाल-चावल मौके पर ही कराए नष्ट, फ्रीजर से आ रही थी बदबू
जांच टीम ने जब रेस्टोरेंट के डीप फ्रीजर की तलाशी ली, तो उसमें बड़ी मात्रा में पहले से पके हुए दाल और चावल रखे मिले।
जब खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने रेस्टोरेंट संचालक से इन पके हुए खाद्य पदार्थों के बनने की तारीख और समय के बारे में पूछा, तो वे कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। अत्यधिक समय से फ्रीज में रखे होने के कारण इन खाद्य पदार्थों के बासी और दूषित होने की पूरी संभावना थी। भोजन की गुणवत्ता संदिग्ध और खराब पाए जाने पर खाद्य विभाग की टीम ने मौके पर ही दर्जनों किलो बासी दाल और चावल को फिनाइल डालकर नष्ट (Destroy) करवा दिया ताकि इन्हें ग्राहकों को न परोसा जा सके।
खाद्य विभाग का बयान: त्यौहारों तक जारी रहेगी सख्त कार्रवाई
इस पूरी छापेमार कार्रवाई और लाइसेंस निलंबन की पुष्टि करते हुए खाद्य सुरक्षा अधिकारी बसंत शर्मा ने कहा:
“सोमवार सुबह हमारी टीम ने चिंतामन गणेश मार्ग स्थित होटल सॉलिटेयर के ‘माखन भोग’ रेस्टोरेंट का औचक निरीक्षण किया था। जांच के दौरान किचन और स्टोर रूम में भारी गंदगी, कचरा चैंबर के ऊपर सब्जियों का भंडारण और बटर के स्थान पर वेजिटेबल फैट के इस्तेमाल जैसी कई गंभीर अनियमितताएँ पाई गईं। रेस्टोरेंट का खाद्य लाइसेंस (FSSAI License) तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। बटर, पनीर और एडिबल ऑयल के सैंपल लेकर लैब भेजे गए हैं। प्रयोगशाला से रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार न्यायालय में केस दर्ज किया जाएगा।”
अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि दीपावली और आने वाले त्यौहारों तक शहर के सभी प्रमुख होटलों, रेस्टोरेंटों, डेयरी फार्मों और मिठाई विक्रेताओं की निरंतर जांच का यह अभियान इसी तरह सख्त अंदाज में जारी रहेगा।
कार्रवाई का ब्योरा
| विवरण | बिंदु एवं जानकारी |
| स्थान | माखन भोग रेस्टोरेंट, होटल सॉलिटेयर, चिंतामन गणेश मार्ग, उज्जैन |
| कार्रवाई का समय | सोमवार, सुबह 11:00 बजे |
| मुख्य अनियमितताएँ | सब्जियों के नीचे वेस्ट चैंबर, नकली बटर का प्रयोग, बासी भोजन |
| विभागीय कार्रवाई | खाद्य लाइसेंस सस्पेंड, सैंपल लैब भेजे गए, बासी भोजन नष्ट |
| जांच अधिकारी | बसंत शर्मा (खाद्य सुरक्षा अधिकारी) एवं टीम |
उज्जैन जैसे प्रसिद्ध धार्मिक पर्यटन स्थल पर प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु बाबा महाकाल और चिंतामन गणेश जी के दर्शन के लिए आते हैं। ऐसे में ‘माखन भोग’ जैसे बड़े और नामचीन रेस्टोरेंट में पाई गई यह गंभीर लापरवाही बेहद चिंताजनक है। खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा लाइसेंस सस्पेंड किए जाने की इस कड़ी कार्रवाई से शहर के अन्य मिलावटखोरों और स्वच्छता मानकों की अनदेखी करने वाले होटल संचालकों में हड़कंप मच गया है।


