उज्जैन

उज्जैन गैंगरेप कहीं हनीट्रेप की स्टोरी तो नहीं…?

आरोपी की पत्नी का दावा "पैसे ऐंठने के लिए पति को हनी ट्रैप में फंसाया

इंदौर रोड पर कार में युवती के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म मामले में आरोपी चक्रेश जैन की पत्नी ने नानाखेड़ा थाने पहुंचकर आवेदन दिया और आरोपों को बेबुनियाद व रंगदारी (पैसे ऐंठने) की साजिश बताया। मामले में एक सीसीटीवी फुटेज (CCTV Footage) भी सामने आया है, जिसमें पीड़िता काले रंग की कार में बैठती दिख रही है। गंभीर आरोपों और प्रति-दावों के बीच पुलिस मेडिकल रिपोर्ट, सीसीटीवी, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और बयानों के आधार पर निष्पक्ष जांच कर रही है।

उज्जैन। उज्जैन में इंदौर रोड पर चलती कार में युवती के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म (ओरल सेक्स) के हाई-प्रोफाइल मामले में एक नया और चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। एक तरफ जहां पीड़िता ने गंभीर आरोप लगाकर शहर में सनसनी फैला दी थी, वहीं दूसरी तरफ मुख्य आरोपी चक्रेश जैन की पत्नी ने पुलिस के सामने आकर पूरे मामले को फर्जी और ‘हनी ट्रैप’ (Honey Trap) के जरिए ब्लैकमेलिंग की साजिश करार दिया है।

गौरतलब है कि सोमवार 26 अक्टूबर 2026 की  देर रात इंदौर निवासी युवती ने नानाखेड़ा थाने पहुंचकर लिखित आवेदन दर्ज कराया था, जिसके आधार पर पुलिस ने जयसिंहपुरा निवासी प्रॉपर्टी ब्रोकर चक्रेश जैन और उसके साथी के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। मंगलवार 27 अक्टूबर 2026 की देर रात आरोपी चक्रेश जैन की पत्नी ने स्वयं नानाखेड़ा थाने पहुंचकर पुलिस अधिकारियों को एक लिखित आवेदन सौंपा। आवेदन में उन्होंने अपने पति पर लगे सभी आरोपों को पूरी तरह से बेबुनियाद और मनगढ़ंत बताया।

आरोपी की पत्नी का बयान: “मेरे पति प्रॉपर्टी के व्यवसाय से जुड़े हुए हैं। व्यावसायिक रंजिश के चलते या मोटी रकम ऐंठने की नीयत से उन्हें इस झूठे केस में फंसाया जा रहा है। घटना वाले दिन मेरे पति इंदौर नहीं गए थे, बल्कि युवती खुद उज्जैन आई थी। यह पूरा मामला पैसों की वसूली के लिए रचा गया एक हनी ट्रैप का ताना-बाना है।”

पत्नी के इन दावों के बाद मामले में कानूनी और जांच के दृष्टिकोण से नया पेंच फंस गया है।

सीसीटीवी फुटेज आया सामने: काले रंग की कार में बैठती दिखी युवती

मामले की जांच के दौरान पुलिस के हाथ एक महत्वपूर्ण सीसीटीवी फुटेज (CCTV Footage) लगा है। इस फुटेज में फरियादी युवती आरोपी चक्रेश जैन की काले रंग की फोर-व्हीलर कार में बैठती हुई स्पष्ट दिखाई दे रही है।

  • आरोपी पक्ष का तर्क: आरोपी पक्ष का कहना है कि फुटेज से साफ है कि युवती बिना किसी जबरदस्ती के अपनी मर्जी से कार में बैठी थी।

  • पुलिस का रुख: पुलिस प्रशासन का मानना है कि केवल कार में बैठने के दृश्य मात्र से घटना की पूरी सच्चाई साबित नहीं होती। कार में बैठने के बाद आगे क्या हुआ, कार किस-किस रूट से गुजरी और रास्ते में कौन-कौन लोग सवार हुए—इन सभी पहलुओं की पुष्टि के लिए पूरे रूट के सीसीटीवी कैमरे खंगाले जा रहे हैं।

जानिए कौन है मुख्य आरोपी

मामले में मुख्य आरोपी चक्रेश जैन मूल रूप से जयसिंहपुरा का निवासी है। तीन भाइयों में सबसे बड़ा चक्रेश पहले सट्‌टा कारोबार से जुड़ा था। अब वो प्रापर्टी का कारोबार करता है। ब्रांडेड कपड़े, महंगी कारों में घूमने वाला चक्रेश पार्टी और ऐशाेआराम के शौक भी रखता है। ऐसा उससे जुड़े लोग बताते हैं। परिवार में पत्नी व दो बच्चे एक बेटा व एक बेटी है। परिवार का एक  घर हाटकेश्वर धाम काॅलोनी में भी है जहां चक्रेश का भाई रहता है।

पुलिस की निष्पक्ष जांच: फॉरेंसिक, सीडीआर और बयानों का सहारा

एक तरफ पीड़िता द्वारा लगाए गए गंभीर आपराधिक आरोप और दूसरी तरफ आरोपी पक्ष द्वारा हनी ट्रैप व साजिश के दावे—इन दोनों पहलुओं को ध्यान में रखते हुए उज्जैन पुलिस बेहद सावधानी से कदम बढ़ा रही है। नानाखेड़ा थाना पुलिस और वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए हर एक साक्ष्य को वैज्ञानिक और तकनीकी आधार पर जांचा जा रहा है:

  1. मेडिकल रिपोर्ट: पीड़िता के स्वास्थ्य परीक्षण (Medical Examination) की विस्तृत रिपोर्ट का अध्ययन किया जा रहा है।

  2. कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR): पीड़िता और आरोपी के बीच पिछले कुछ महीनों में हुई बातचीत और लोकेशन ट्रैकिंग की जा रही है।

  3. डिजिटल साक्ष्य: पीड़िता द्वारा जारी वीडियो, सीसीटीवी फुटेज और सोशल मीडिया गतिविधियों का तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा है।

पुलिस का कहना है कि जांच के निष्कर्ष और पुख्ता सबूत सामने आने के बाद ही इस पूरे घटनाक्रम की वास्तविक सच्चाई मीडिया और जनता के सामने रखी जाएगी। उज्जैन के इस चर्चित मामले ने पुलिस के सामने एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। जहां महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में सख्त कार्रवाई आवश्यक है, वहीं झूठे मामलों और ब्लैकमेलिंग के दावों की निष्पक्ष जांच भी उतनी ही जरूरी है। फिलहाल, पुलिस की आगे की कार्रवाई और तकनीकी जांच रिपोर्ट पर ही इस केस का भविष्य टिका हुआ है।

उज्जैन से इंदौर के बीच चलती कार में दरिंदगी

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