उज्जैन

करवा चौथ पर फांसी का फंदा चुना, मोबाइल और अंतरजातीय विवाह बना जान का दुश्मन

पति ने मोबाइल छीना तो जान दे दी, दूसरी युवती अंतरजातीय विवाह के बाद चुनी मौत

उज्जैन जिले में फांसी लगाकर करवा चौथ के दिन 29 अक्टूबर 2026 को दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में दो विवाहित महिलाओं द्वारा आत्महत्या करने के दुखद मामले सामने आए।

उज्जैन। पारिवारिक कलह, मानसिक प्रताड़ना और आपसी विवाद किस तरह इंसान को आत्मघाती कदम उठाने पर मजबूर कर देते हैं, इसकी दो बेहद दुखद और दर्दनाक तस्वीरें उज्जैन जिले में सामने आई हैं। गुरुवार 29 अक्टूबर 2026 को के दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में दो विवाहित महिलाओं ने फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।

पहली घटना चिमनगंज मंडी थाना क्षेत्र के सम्राटनगर की है, जहां पति और ससुराल पक्ष से हुए विवाद के बाद महिला ने खौफनाक कदम उठा लिया। वहीं दूसरी घटना चिंतामण गणेश थाना क्षेत्र के ग्राम मुंडला सुलेमान की है, जहां शादी के महज आठ महीने बाद ही एक नवविवाहिता संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे पर झूल गई। दोनों ही घटनाओं के बाद मृतकाओं के परिवारों में कोहराम मचा हुआ है।

8 साल पहले किया था प्रेम विवाह, विवाद के बाद पति मौके से फरार

चिमनगंज थाने के एएसआई दिनेश वरकड़े के अनुसार, बुधवार देर रात सम्राटनगर निवासी 42 वर्षीया सुनीता प्रजापत (पति: परवेज खान) ने अपने घर के कमरे को अंदर से बंद कर लिया और दुपट्टे का फंदा बनाकर फांसी लगा ली। काफी देर तक जब कमरे का दरवाजा नहीं खुला, तो सुनीता के बेटे कुंदन को शंका हुई। कुंदन ने छत के रास्ते कमरे में उतरकर मां को फंदे से नीचे उतारा और आनन-फानन में अस्पताल लेकर पहुंचा, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

पति अस्पताल पहुंचा, मायके पक्ष को देखते ही हुआ गायब

घटना की सूचना मिलते ही मृतका का पति परवेज खान भी अस्पताल पहुंचा था। हालांकि, जैसे ही जयसिंहपुरा से सुनीता के मायके वाले अस्पताल पहुंचे, परवेज पुलिस और परिजनों को देखकर मौके से फरार हो गया।

पोस्टमार्टम के दौरान मृतका के बेटे कुंदन ने पुलिस को अपनी मां के अतीत और पारिवारिक स्थिति के बारे में बताया कि सुनीता का पहला विवाह मंदसौर में हुआ था। पहले पति से अनबन और विवाद के बाद वह उज्जैन आ गई थी। उज्जैन में ऑटो चलाने वाले परवेज खान से उसकी मुलाकात हुई और 8 साल पहले दोनों ने अंतरजातीय विवाह (कोर्ट मैरिज) कर लिया था। मायके पक्ष के लोगों ने सुनीता का अंतिम संस्कार हिंदू रीति-रिवाज से करने का फैसला किया और पोस्टमार्टम के बाद शव अपने साथ ले गए।

विवाद और प्रताड़ना के आरोप

बेटे कुंदन ने पुलिस को दिए बयान में आरोप लगाया कि परवेज और उसकी मां के बीच आए दिन विवाद होता रहता था। बुधवार रात भी दोनों के बीच किसी बात को लेकर तीखी बहस हुई थी। झगड़े के दौरान परवेज की बहन शब्बो और उसका बेटा रेहान भी वहां पहुंच गए और उन्होंने भी सुनीता को काफी भला-बुरा कहा, जिससे क्षुब्ध होकर उसने यह आत्मघाती कदम उठा लिया। पुलिस अब बेटे और मायके पक्ष के बयान दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है।

शादी के 8 माह बाद नवविवाहिता ने की खुदकुशी 

दूसरी घटना चिंतामण गणेश थाना क्षेत्र के ग्राम मुंडला सुलेमान से सामने आई है, जहां 29 अक्टूबर की 19 वर्षीया खुशबू (पति: मेतांश चौधरी) ने अपने ससुराल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की खबर मिलते ही देपालपुर (इंदौर जिला) में रहने वाले खुशबू के मायके वाले दोपहर में रोते-बिलखते उज्जैन पहुंचे।

मोबाइल छीना, परिजनों से बातचीत पर लगाई थी रोक

मृतका के भाई मनोहर ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि खुशबू की शादी इसी वर्ष फरवरी महीने में मेतांश चौधरी के साथ हुई थी। शुरुआती कुछ महीनों तक सबकुछ सामान्य रहा, लेकिन पिछले 3 महीनों से उसका पति मेतांश उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था।

भाई का आरोप है कि पति ने खुशबू से उसका मोबाइल छीन लिया था और उसे मायके में बात करने से पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया था। पति ने मायके पक्ष के सभी सदस्यों के मोबाइल नंबर ब्लॉक कर दिए थे। जब कभी खुशबू किसी अन्य के फोन से छिपकर बात करती थी, तो वह फोन पर बिलख-बिलखकर अपनी आपबीती सुनाती थी।

पुलिस की जांच जारी

चिंतामण गणेश थाना प्रभारी हेमराज यादव ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी। पुलिस ने शव का पंचनामा बनाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और निष्पक्ष जांच के लिए ससुराल व मायके पक्ष दोनों के विस्तृत बयान दर्ज किए जा रहे हैं। उज्जैन पुलिस का कहना है कि दोनों ही मामले बेहद संवेदनशील हैं। घरेलू विवाद, मानसिक प्रताड़ना और नवविवाहिता की मौत से जुड़े पहलुओं को ध्यान में रखते हुए निष्पक्ष विवेचना की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के बयानों के आधार पर जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के अनुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सहायता नंबर

आत्महत्या किसी भी समस्या का हल नहीं है। यदि आप या आपका कोई परिचित किसी भी प्रकार के तनाव, मानसिक अवसाद या पारिवारिक तनाव से गुजर रहा है, तो कृपया तुरंत सहायता लें।

  • राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन (KIRAN): 1800-599-0019

  • टेली-मानस (Tele-MANAS): 14416 / 1800-891-4416

चक्रेश जैन ने राजेश पंथी के साथ किया था गैंगरेप, पुलिस को बताया क्या पिलाया था लड़की को

Related Articles

Back to top button